
Officials in MP to Face Recovery Action for Loss of Government Land
Gwalior- सरकारी जमीनों को भू- माफियाओं के हवाले करने के खेल में शामिल लापरवाह अधिकारियों के लिए अब बुरे दिन शुरू होने वाले हैं। अदालतों में कमजोर पैरवी, जानबूझकर देरी से अपील दायर करने और रिकॉर्ड छिपाने जैसी कारगुजारियों पर हाईकोर्ट की कड़ी नाराजगी के बाद राज्य सरकार ने नई और सख्त गाइडलाइन जारी की है। सामान्य प्रशासन विभाग ( जीएडी ) ने हाईकोर्ट में यह नीति पेश करते हुए साफ कर दिया है कि यदि किसी अधिकारी की लापरवाही या मिलीभगत से शासन केस हारता है, तो उस जमीन या राशि के नुकसान की भरपाई संबंधित अधिकारी की जेब से की जाएगी। ग्वालियर जिले में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां बेशकीमती सरकारी जमीनें निजी हाथों में सिर्फ इसलिए चली गईं क्योंकि सरकारी वकीलों और अधिकारियों ने समय पर पुख्ता रिकॉर्ड पेश नहीं किए।
हाईकोर्ट ने इस पर कड़ी टिप्पणी करते हुए मुख्य सचिव और राजस्व विभाग से जवाब मांगा था। कोर्ट ने साफ कहा था कि अधिकारी निजी पक्षों को लाभ पहुंचाने के लिए शासन के हितों की बलि चढ़ा रहे हैं। इसी दबाव के बाद सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है, जिसमें अब जवाबदेही कागजों पर नहीं, बल्कि मैदान में दिखेगी।
यदि किसी प्रकरण में अधिकारी की लापरवाही या देरी के कारण शासन के खिलाफ फैसला आता है और आर्थिक नुकसान होता है, तो उसकी वसूली संबंधित शासकीय सेवक से की जाएगी। साथ ही कार्रवाई भी होगी।
कलेक्टर का अपील पर अधिकार:
यदि शासकीय अधिवक्ता अपील न करने की सलाह देता है, तो कलेक्टर को उस पर अंतिम निर्णय लेना होगा। यदि अपील नहीं की जाती है, तो इसका विस्तृत प्रतिवेदन संबंधित विभाग को भेजना अनिवार्य होगा।
प्रभारी अधिकारी (ओआइसी) की जिम्मेदारी: हर केस के लिए एक प्रभारी अधिकारी नियुक्त होगा। राजस्व रिकॉर्ड, न�शे और पुराने आदेशों को समय पर कोर्ट में पेश करने के लिए निजी तौर पर जिम्मेदार होगा।
नोडल विभाग का फॉर्मूला: जब कई विभाग एक ही केस में पक्षकार होंगे, तो मुख्य विभाग नोडल की भूमिका निभाएगा ताकि फायदा माफिया न उठा सकें।
आइटी से निगरानी: सभी न्यायालयीन मामलों की आईटी सिस्टम के जरिए मॉनिटरिंग होगी, जिससे यह पता चल सकेगा कि किस केस में क्या प्रगति है और कहां देरी हो रही है।
प्रमुख बिंदु
जमीन बचाने सरकार की नई व्यवस्था
जीएडी ने हाईकोर्ट में पेश की नई गाइडलाइन
अपील में देरी या रिकॉर्ड छिपाने पर तय होगी जिम्मेदारी
कमजोर पैरवी से हारने पर अधिकारियों से वसूली का प्रावधान, हर केस के लिए नियुक्त होगा प्रभारी
Published on:
10 Apr 2026 10:01 am
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