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माफिया का ‘रेत तंत्र’: शहर में सडक़ व सरकारी व प्लॉटों पर 600 अवैध डंप, अब होने लगा खूनी संघर्ष

- कोई व्यक्ति मकान बनाने के लिए 25 घनमीटर रेत एकत्रित कर सकता है। शहर में रेत के फड़ों की अनुमति विभाग जारी नहीं की गई है। रॉयल्टी के डंपर खाली करा रहे हैं। उसे टुकड़ों में बेच रहे है। घनश्याम यादव, जिला खनिज अधिकारी

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दो से तीन डंपर खाली कराकर रात में डंप होती है रेत, दिन में छोटे वाहनों से खपा रहे बाजार में

दो से तीन डंपर खाली कराकर रात में डंप होती है रेत, दिन में छोटे वाहनों से खपा रहे बाजार में

शहर के खाली प्लॉट, आम सडक़ें और सरकारी जमीनें इन दिनों रेत माफिया के 'अवैध फड़ों' में तब्दील हो रही हैं। रेत और गिट्टी के इस काले कारोबार में मोटा मुनाफा कमाने की होड़ मची है। मुनाफाखोरी की यह अंधी दौड़ अब सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें वर्चस्व को लेकर 'खूनी संघर्ष' शुरू हो गए हैं। महाराजपुरा पर हुए खूनी संघर्ष भी इसका परिणाम है। हैरान करने वाली बात यह है कि शहर की सडक़ों को डंपिंग ग्राउंड बनाने वाले इन 600 से ज्यादा अवैध फड़ों पर खनिज विभाग पूरी तरह आंखें मूंदे बैठा है। 'पत्रिका' की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि यह अवैध फड़ उन इलाकों में सबसे ज्यादा पैर पसार रहे हैं, जहां नई कॉलोनियां बस रही हैं या बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य चल रहे हैं।प्रतिस्पर्धा बढ़ी तो खिंचने लगीं तलवारें

इस धंधे में मुनाफा इतना ज्यादा है कि हर इलाके में नए-नए फड़ संचालक खड़े हो गए हैं। ग्राहक तोड़ने और अपने इलाके में वर्चस्व कायम करने के लिए अब इन माफियाओं के बीच गैंगवार जैसे हालात बनने लगे हैं। आए दिन होने वाले विवाद अब खूनी संघर्ष का रूप ले रहे हैं, जो शहर की कानून व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं।

- नवंबर 2025 में सिकरौदा में रेत के ओवरलोड ट्रैक्टर से हुए भीषण सडक़ हादसे के बाद हड़कंप मचा था। तब प्रशासन ने आनन-फानन में कार्रवाई करते हुए विक्की फैक्ट्री के पास चल रहे कई अवैध फड़ पकड़े थे। लेकिन यह कार्रवाई महज एक 'दिखावा' साबित हुई। हादसे का असर कम होते ही खनिज विभाग और पुलिस फिर शांत बैठ गए, जिसका नतीजा है कि आज शहर में अवैध फड़ों की संख्या बढ़कर 600 के पार पहुंच गई है।

5600 घनमीटर रेत जब्त, 17.73 लाख का जुर्माना लगाया

गुरुवार को राजस्व एवं खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने डबरा तहसील के ग्राम गजापुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए विभिन्न सर्वे क्रमांकों पर अवैध रूप से भंडारित लगभग 5600 घन मीटर रेत जब्त की। प्रभारी खनिज अधिकारी घनश्याम यादव ने बताया कि इसके साथ ही जिले में बिना रॉयल्टी के अवैध खनिज परिवहन करने वाले वाहनों पर भी कार्रवाई की गई। आई-चेक गेट के माध्यम से 11 वाहनों के खिलाफ मध्यप्रदेश अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण का निवारण नियम 2022 के तहत ऑनलाइन चालानी कार्रवाई की गई। संबंधित वाहन चालकों को नोटिस जारी करते हुए कुल 17 लाख 73 हजार 900 रुपए जुर्माने की कार्रवाई की गई है।

शहर के इन इलाकों में सबसे ज्यादा 'अवैध फड़'

क्षेत्र प्रमुख हॉटस्पॉट (जहां सबसे ज्यादा अवैध डंप हैं)

ग्वालियर / मुरार डीडी नगर, शताब्दीपुरम, महाराजपुरा, बड़ागांव, पुरानी छावनी, बहोड़ापुर, ट्रांसपोर्ट नगर (नई कॉलोनियों के कारण)

लश्कर गुणागुड़ी का नाका, गिरवाई, गोल पहाड़िया (संकरे क्षेत्रों में यहीं से होती है सप्लाई)

सिटी सेंटर सिरोल, डोंगरपुर, थाटीपुर आदि जगहों पर फड़ लग रहे हैं।

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