ग्वालियर

Gwalior news: स्मार्ट मीटर लगने से पहले चेक होगा आपका पुराना मीटर, टैंपरिंग मिली तो लगेगा जुर्माना

Smart Meter: बिजली कंपनी अब स्मार्ट मीटर लगाते समय पुराने मीटरों की टैंपरिंग जांच भी कराएगी। छेड़छाड़ की पुष्टि होने पर संबंधित उपभोक्ता पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
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स्मार्ट मीटर, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- patrika और magnific)
स्मार्ट मीटर, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- patrika और magnific)

Gwalior news: घर-दुकान में बिजली का मीटर बदलवाना अब उपभोक्ताओं के लिए इतना आसान नहीं होगा। बिजली कंपनी पुराने सामान्य मीटर को हटाकर स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया के दौरान बदले जा रहे मीटरों की जांच भी कराएगी। जिन मीटरों में छेड़छाड़ यानी टैंपरिंग के संकेत मिलेंगे, उनकी लैब में जांच कराई जाएगी। टैंपरिंग की पुष्टि होने पर संबंधित उपभोक्ता के खिलाफ नियमानुसार जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। शहर में स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से चल रहा है और रोजाना 500 से ज्यादा पुराने मीटर बदले जा रहे हैं। ऐसे में बिजली कंपनी ने अब बदले जा रहे मीटरों की निगरानी और जांच की व्यवस्था भी शुरू की है। इसके लिए संभाग स्तर से पुराने मीटरों की सूची मंगाई जा रही है। संदिग्ध मीटरों को जांच के लिए लैब भेजा जाएगा।

स्मार्ट मीटर लगाते समय खुलेगा पुराने मीटर का राज

बिजली कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना है कि मीटर बदलने से पहले उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ तो नहीं की गई थी। सामान्य मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलते समय पुराने मीटर उतारकर उनकी स्थिति दर्ज की जाएगी। जिन मीटरों पर टैंपरिंग का संदेह होगा, उन्हें अलग कर तकनीकी जांच कराई जाएगी। इससे मीटर में छेड़छाड़ कर बिजली खपत कम दिखाने के मामलों की भी पहचान हो सकेगी।

हर संभाग से मंगाई जा रही मीटरों की सूची

बिजली कंपनी ने सभी संभागों से बदले जा रहे मीटरों की सूची मंगाना शुरू कर दिया है। सूची के आधार पर मीटरों की जांच की जाएगी। सामान्य स्थिति वाले मीटरों को नियमानुसार रखा जाएगा, जबकि संदिग्ध मीटरों को लैब जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच में टैंपरिंग की पुष्टि होने पर उपभोक्ता पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।

रोज बदल रहे 500 से ज्यादा मीटर

शहर में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया के तहत प्रतिदिन 500 से अधिक सामान्य मीटर बदले जा रहे हैं। बड़ी संख्या में मीटर बदलने के कारण बिजली कंपनी ने यह व्यवस्था की है कि पुराने मीटरों की जांच भी होती रहे। इससे स्मार्ट लगाने के साथ-साथ पुराने मीटरों में संभावित गड़बड़ी मीटर का रिकॉर्ड भी तैयार होगा।

स्मार्ट मीटर लगाने के दौरान पुराने मीटरों की जांच भी कराई जा रही है। सभी संभागों से मीटरों की सूची मंगाई जा रही है। जिन मीटरों में टैंपरिंग का संदेह होगा, उनकी लैब में जांच कराई जाएगी। जांच में टैंपरिंग की पुष्टि होने पर नियमानुसार जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। - संदीप कालरा, महाप्रबंधक, शहरवृत्त बिजली कंपनी

Updated on:
10 Sept 2026 01:12 pm
Published on:
10 Sept 2026 01:12 pm