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मोबाइल के लिए चाचा की हत्या, भतीजे ने पिता-भाई संग मिलकर रची सुसाइड की कहानी

बिजौली थाना क्षेत्र के खेड़ागांव में चाचा की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, जुए में मोबाइल फोन हारने की बात को लेकर हुए विवाद के बाद भतीजे ने अपने पिता और भाई के साथ मिलकर चाचा की पहले बेरहमी से पिटाई की और फिर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
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ग्वालियर

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Prashant Kumar Sharma

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Updated: 9 Sep 2026, 6:23 PM IST

crime photo (photo AI)

crime photo (photo AI)

ग्वालियर। बिजौली थाना क्षेत्र के खेड़ागांव में चाचा की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, जुए में मोबाइल फोन हारने की बात को लेकर हुए विवाद के बाद भतीजे ने अपने पिता और भाई के साथ मिलकर चाचा की पहले बेरहमी से पिटाई की और फिर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपियों ने पुलिस और ग्रामीणों को गुमराह करने के लिए चाचा के फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कहानी गढ़ दी। हालांकि, पोस्टमार्टम की शॉर्ट रिपोर्ट में गला घोंटने से मौत की पुष्टि होने के बाद हत्या का राज खुल गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी भतीजे को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके पिता और भाई की तलाश जारी है।

जुए में मोबाइल हारने से शुरू हुआ विवाद

बिजौली पुलिस के अनुसार, खेड़ागांव निवासी रामबहादुर सिंह कुशवाह (40) किसान था। उसे शराब और जुए की लत थी। उसका भतीजा जीतू कुशवाह चोरी के मामलों में भी आरोपी रहा है। पुलिस के मुताबिक, जीतू ने कुछ समय पहले रामबहादुर को नया मोबाइल फोन दिलाया था। रामबहादुर ने यह मोबाइल जुए में हार दिया। इसके बाद जीतू ने जुआरियों को पैसे देकर किसी तरह मोबाइल वापस हासिल किया।

दो दिन पहले मोबाइल हारने की बात को लेकर रामबहादुर और जीतू के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि गुस्से में जीतू ने गांववालों के सामने रामबहादुर के साथ मारपीट की। इसके बाद उसे घसीटकर घर के अंदर ले गया। पुलिस के अनुसार, घर के अंदर जीतू ने चाचा का गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

पिता और भाई के साथ मिलकर रची साजिश

पुलिस का कहना है कि हत्या के बाद जीतू ने अपने पिता सुल्तान सिंह और भाई धर्मा के साथ मिलकर वारदात छिपाने की साजिश रची। तीनों ने गांव में यह बात फैला दी कि रामबहादुर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। शुरुआती तौर पर मामला आत्महत्या का नजर आ रहा था, लेकिन शव के पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों को गले पर ऐसे निशान मिले, जिससे पुलिस का शक गहरा गया।

गले के निशानों से खुला हत्या का राज

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। पोस्टमार्टम की शॉर्ट रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि रामबहादुर की मौत फांसी लगाने से नहीं, बल्कि गला घोंटने से हुई है। गले पर मिले निशानों के आधार पर पुलिस ने हत्या की दिशा में जांच शुरू की। इसके बाद गांव के लोगों से पूछताछ की गई और संदेह के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू हुई।

पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई शुरू होते ही जीतू, उसका भाई धर्मा और पिता सुल्तान सिंह फरार हो गए। देर रात पुलिस ने मुख्य आरोपी जीतू कुशवाह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब उसके भाई धर्मा और पिता सुल्तान सिंह की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

पत्नी से नजदीकी को लेकर भी थी रंजिश

पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि जीतू रामबहादुर के परिवार का खर्च चलाता था। इसी दौरान उसकी रामबहादुर की पत्नी से नजदीकी को लेकर भी विवाद और रंजिश की बात सामने आई है। पुलिस इस पहलू को भी जांच में शामिल कर रही है। हालांकि, हत्या की तत्काल वजह मोबाइल फोन को लेकर हुआ विवाद सामने आया है।

एसडीओपी मनीष यादव के मुताबिक, “पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटने से मौत की पुष्टि हुई है। मुख्य आरोपी भतीजे को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दो आरोपी फरार हैं।” पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ हत्या में इस्तेमाल किए गए साधनों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।