बेटे की मौत के 18 घंटे बाद पिता ने बताई ऐसी सच्चाई जिसने भी सुना रहा गया हैरान
ग्वालियर। बेटे की मौत के बाद पुलिस से लुका-छुपी का खेल खेल रहा पिता गुरुवार सुबह पीएम हाउस पर पुलिस के सामने आया। घटना सामने आने पर पुलिस ने पिता को काफी ढूंढा,लेकिन मिला नहीं। फोन पर बात हुई तो मिलने से इंकार कर दिया। अब पिता का कहना है बेटे को घर से बुलाकर ले गए फिर चार लोगों ने लात-घूंसों और बंदूक के बटो से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी। हमलावरों में एक से उसकी बेटे की पुरानी रंजिश चल रही है।
उसी रंजिश में मेरे बेटे को मार डाला। पुलिस ने फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने शव को देखा तो उसकी पीठ में डंडे से मारपीट और घसीटने के निशान मिले है। शॉर्ट पीएम में पता चला है कि मारपीट से उसकी आंत फट गई थी, जिससे उसकी मौत हुई। पुलिस अब इस मामले में हत्या का मामला दर्ज कर सकती है।
हालांकि बुधवार रात हत्या में दूसरे लोगों के नाम सामने आ रहे थे। सुबह होते ही पिता के बयानों से कहानी पलट गई। सिंकदर कंपू निवासी राजू कुशवाह (३०) ने बुधवार दोपहर को अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। पिता शव को पीएम हाउस रखवाकर गायब हो गया। पुलिस को पता चला तो अस्पताल पहुंची। जानकारी लेने पर मालूम चला राजू को उसका पिता गिरवर दोपहर १२.३० बजे इलाज के लिए लेकर आया था।
पुलिस का कहना था गिरवर को तलाशा तो जलालपुर उसके घर में ताला लगा मिला। कई बार फोन भी लगाया लेकिन उठाया नहीं। बड़ी मुश्किल से फोन उठा तो उसने मिलने से मना कर दिया। रातभर गिरवर और उसका एक बेटा भाजपा नेता के घर रहे। सुबह उनके साथ ही पीएम हाउस पहुंचे। गिरवर ने बताया ३० अप्रैल की रात को जलालपुर निवासी दिन्ना मराठा उसके बेटे राजू को शराब पिलाने के लिए साथ लेकर गया था। घर से कुछ दूर जाकर तेेजपाल के बेटे बीरे, बंटी और सिंकदर कंपू निवासी सूरज सेन मिल गए।
इन सभी ने बेटे को बुरी तरह पीटा। उसी समय कमलेश लोधी का निकलना हुआ तो हमलावर बेटे का मरणासन्न हालत में छोड़कर भाग गए। कमलेश ने उन्हें घटना की जानकारी दी। वह बेटे को उठाकर घर लाए। दो रात उसे घर पर रखा। बुधवार दोपहर को उसे अस्पताल में भर्ती कराया। सूरज सेन से गिरवर के बेटे की पुरानी रंजिश चल रही है। करीब ४ साल पहले गिरवर के बड़े बेटे सोनू ने सूरज पर बके से हमला किया था। माधोगंज थाने में हत्या के प्रयास की एफआईआर हुई। वर्तमान में सोनू जेल में है। गिरवर का कहना है उसी रंजिश पर बेटे राजू की हत्या की है।
चार साल पहले आए जलालपुर
गिरवर मूलत: कानपुर का रहने वाला है। करीब चार साल पहले वह जलालपुर आया था। किराए से कमरा लेकर दो बेटो के साथ रहने लगा। गांव में ही मजदूरी करने लगा। यहां आने के कुछ समय बाद उसकी पत्नी की मौत हो गई थी।
ये सवाल जांच के घेरे में
१ गिरवर का कहना है घटना के बाद बेटे ने उन्हें हमलावरों के नाम बता दिए थे। अब सवाल यह उठता है कि गिरवर ने बेटे को अस्पताल में भर्ती करा दिया फिर उसकी मौत भी हो गई। फिर भी घटना की सूचना पुलिस को क्यों नहीं दी।
२ बेटे की हालत गंभीर थी फिर भी गिरवर दो दिन तक उसे घर में रखे रहा। पुलिस के अलावा गांव में किसी को भी हमलावरों के नाम नहीं बताए।
३ पुलिस को ग्रामीणों से घटना पता चली तो गिरवर को तलाशा, लेकिन उसका पता नहीं चला। फोन पर बोला अभी नहीं मिल सकता। आखिर वह बुधवार रात पुलिस से क्यों नहीं मिला, न ही फोन पर हमलावरों के नाम बताए। रात में क्या हुआ जो सुबह चार हमलावरों के नाम गिनाए?
धमकी दी
भाजपा नेता के बेटे दिनेश ने गांव वालों और परिचितों को वाट्सऐप पर मैसेज किए, जिसमें हमलावरों के नाम बताते हुए गिरवर को न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। साथ ही धमकी दी कि हमलावरों पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज नहीं हुआ तो धरना-प्रदर्शन के अलावा चक्काजाम भी हेागा।
राजू की मौत कैसे हुई इस बारे में पता किया जा रहा है। उसकी शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। घटना का पता चलने पर गिरवर को तलाश किया तो उसके घर ताला मिला था। रातभर कहां रहा इस बारे में कुछ पता नहीं। फिलहाल मर्ग कायम कर मामले की जांच की जा रही है।
प्रीती भार्गव,टीआई पुरानी छावनी