हनुमानगढ़. प्रदेश की प्रतिष्ठित आरएएस (राजस्थान प्रशासनिक सेवा) परीक्षा का परिणाम शनिवार को जारी होते ही जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। कड़ी मेहनत और लगन के दम पर युवाओं ने सफलता हासिल की है। इसी कड़ी में हनुमानगढ़ जंक्शन के सिविल लाइन निवासी मोहित गोदारा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 85वीं रैंक हासिल […]
हनुमानगढ़. प्रदेश की प्रतिष्ठित आरएएस (राजस्थान प्रशासनिक सेवा) परीक्षा का परिणाम शनिवार को जारी होते ही जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। कड़ी मेहनत और लगन के दम पर युवाओं ने सफलता हासिल की है। इसी कड़ी में हनुमानगढ़ जंक्शन के सिविल लाइन निवासी मोहित गोदारा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 85वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। मोहित की इस उपलब्धि से उनके परिवार, रिश्तेदारों और क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। मोहित गोदारा, राजस्थान पुलिस में कार्यरत हेमंत गोदारा के पुत्र हैं। हेमंत गोदारा पुलिस में एएसआई पद पर कार्यरत हैं और वर्तमान में महिला थाना हनुमानगढ़ में पदस्थापित हैं। बेटे की इस सफलता पर पिता हेमंत गोदारा और परिवार के अन्य सदस्य बेहद खुश नजर आए। परिवारजनों ने मिठाई बांटकर अपनी खुशी जाहिर की। आसपास के लोग भी बधाई देने के लिए उनके निवास पर पहुंच रहे हैं। मोहित की सफलता की खास बात यह है कि उन्होंने यह मुकाम सेल्फ स्टडी के दम पर हासिल किया है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हनुमानगढ़ जंक्शन के डीएवी स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद बारहवीं की परीक्षा गुरु हरिकृष्ण पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल से उत्तीर्ण की। स्कूल समय से ही मोहित पढ़ाई में अव्वल रहे हैं और उनका रुझान हमेशा से प्रतियोगी परीक्षाओं की ओर रहा है। बारहवीं के बाद मोहित ने स्नातक में प्रवेश लेने के साथ ही आरएएस जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। नियमित अध्ययन, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण के चलते उन्होंने यह सफलता हासिल की।
टारगेट रखें सामने
मोहित का मानना है कि यदि दृढ़ संकल्प और सही रणनीति के साथ तैयारी की जाए तो बिना कोचिंग के भी बड़ी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की जा सकती है। मोहित के पिता हेमंत गोदारा ने बताया कि उनका बेटा बचपन से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर रहा है। वह हमेशा अपने लक्ष्य को लेकर स्पष्ट रहा और कठिन परिश्रम से कभी पीछे नहीं हटा। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उन्होंने अन्य युवाओं को भी मेहनत और लगन के साथ अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा दी। आरएएस में चयनित मोहित गोदारा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है। उन्होंने कहा कि परिवार का सहयोग और मार्गदर्शन उनके लिए सबसे बड़ी ताकत रहा। मोहित का लक्ष्य एक जिम्मेदार आरएएस अधिकारी बनकर आमजन की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा के माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों के लिए काम करना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
युवाओं में नई ऊर्जा का संचार
मोहित की इस उपलब्धि से हनुमानगढ़ जिले के युवाओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। यह सफलता उन अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करते हैं। जिले के विभिन्न सामाजिक संगठनों और शिक्षाविदों ने भी मोहित को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। जंक्शन में सिविल लाइन स्थित जी ब्लॉक में स्थित उनके जी-218 नंबर मकान में बधाई देने वाले लोगों का तांता लगा रहा। मोहित के चयन से सभी खुश नजर आ रहे हैं।