
हरिके बैराज का पौंड लेवल 587 फीट करके पानी बढ़वाने का प्रयास
-बांधों से इंडेंट के अनुसार पानी प्रवाहित होने के बाद आज नहरों में नजर आ सकता है असर
हनुमानगढ़. इंदिरागांधी नहर में सिंचाई पानी की स्थिति अभी तक नहीं सुधरी है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की मानें तो बांधों से इंडेंट के अनुसार पानी प्रवाहित कर दिया गया है। इसका असर हरिके बैराज पर नजर आने लगा है। बैराज का पौंड लेवल रविवार तक ५८७ फीट करके राजस्थान क्षेत्र में पानी की मात्रा बढ़ाने की बात पंजाब के अधिकारी कह रहे हैं। वर्तमान में हरिके बैराज का पौंड लेवल ५८६ फीट है।
जबकि आम तौर पर इसका लेवल ५९० फीट के आसपास रहता है। २४ जनवरी व एक फरवरी को राजस्थान फीडर में दरारें पडऩे के बाद इसमें पानी की मात्रा घटा दी गई थी। वर्तमान में राजस्थान को निर्धारित करीब ९००० क्यूसेक की बजाय केवल ६५०० क्यूसेक पानी मिल पा रहा है। अब पंजाब ने सुरक्षा के मापदंडों के आधार पर नहरों का जायजा लेने के बाद बीबीएमबी को राजस्थान फीडर में ८००० क्यूसेक पानी चलाने का इंडेंट भिजवाया है। इसके बाद दस फरवरी को बांधों से अधिक पानी प्रवाहित कर दिया गया है। इसका असर १४ फरवरी को नजर आने की उम्मीद है। जिले में करीब पांच लाख हैक्टेयर में रबी फसलों की बिजाई हुई है। इसमें काफी बड़े क्षेत्र में गेहूं की फसल भी लगी है। इस फसल को सिंचाई पानी की बहुत जरूरत है। जल्द फसलों को सिंचाई पानी नहीं मिलने पर फसलों पर विपरीत असर पड़ सकता है। पानी के अभाव में उत्पादन भी प्रभावित हो सकता है। जल संसाधन विभाग उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता विनोद मित्तल ने बताया कि राजस्थान फीडर में ८००० क्यूूसेक पानी प्रवाहित करने को लेकर पंजाब ने बीबीएमबी को इंडेंट भिजवा दिया है। अब हरिके बैराज पर पौंड लेवल मेनटेन कर राजस्थान क्षेत्र में इंडेंट के अनुसार पानी मिलने के आसार हैं। इस संबंध में लगातार पंजाब के अधिकारियों से वार्ता चल रही है। आने वाले दिनों में नहरी पानी की स्थिति सुधर सकती है।
किसानों में रोष
नहरी पानी नहीं मिलने से किसानों में रोष बढ़ रहा है। लगातार किसान संगठनों के पदाधिकारी विभागीय अधिकारियों से मिलकर नहरों में तय रेग्यूलेशन के अनुसार पानी चलाने की मांग कर रहे हैं। किसान मुख्य अभियंता कार्यालय का घेराव भी कर चुके हैं।