हनुमानगढ़

इंदिरागांधी नहर में रीलाइनिंग से पहले ही सीमेंट किल्लत, पांच दिन बाद शुरू होना है काम

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. इंदिरागांधी नहर पंजाब भाग में रीलाइनिंग का कार्य जारी है। वहां हो रहे कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं पांच दिन बाद राजस्थान भाग में रीलाइनिंग कार्य शुरू होना है। करीब एक माह की पूर्ण बंदी में बड़े पैमाने पर रीलाइनिंग कार्य करवाए जाने की बात अधिकारी कह रहे हैं। मगर निर्माण ठेकेदारों के समक्ष रीलाइनिंग कार्य शुरू होने से पहले ही सीमेंट किल्लत की समस्या सामने खड़ी हो गई है।
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इंदिरागांधी नहर में रीलाइनिंग से पहले ही सीमेंट किल्लत, पांच दिन बाद शुरू होना है काम
इंदिरागांधी नहर में रीलाइनिंग से पहले ही सीमेंट किल्लत, पांच दिन बाद शुरू होना है काम

इंदिरागांधी नहर में रीलाइनिंग से पहले ही सीमेंट किल्लत, पांच दिन बाद शुरू होना है काम
-कंपनियों की ओर से निर्माण ठेकेदारों को नहीं की जा रही पर्याप्त मात्रा में सीमेंट की सप्लाई
-ज्ञापन भेजकर सरकार तक समस्या पहुंचाई
हनुमानगढ़. इंदिरागांधी नहर पंजाब भाग में रीलाइनिंग का कार्य जारी है। वहां हो रहे कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं पांच दिन बाद राजस्थान भाग में रीलाइनिंग कार्य शुरू होना है। करीब एक माह की पूर्ण बंदी में बड़े पैमाने पर रीलाइनिंग कार्य करवाए जाने की बात अधिकारी कह रहे हैं। मगर निर्माण ठेकेदारों के समक्ष रीलाइनिंग कार्य शुरू होने से पहले ही सीमेंट किल्लत की समस्या सामने खड़ी हो गई है। ठेकेदारों का कहना है कि यदि समय पर तय अनुबंध के अनुसार सीमेंट की उपलब्धता नहीं करवाई गई तो कार्य प्रभावित हो सकता है। 20 अप्रैल से आगामी 30 दिन के लिए शुरू होने वाली पूर्ण बंदी के दौरान राजस्थान में होने वाले रीलाइनिंग कार्य पर सीमेंट का संकट मंडरा रहा है। इस तीस दिन की अवधि दौरान आईजीएनपी में राजस्थान में हरियाणा बॉर्डर से बिरधवाल हैड तक रीलाइनिंग का कार्य होना है। पूर्ण बंदी में मात्र पांच दिन शेष हैं लेकिन हालात यह हैं कि कम्पनी की ओर से कॉन्ट्रेक्टरों को पर्याप्त मात्रा में सीमेंट के बैग की सप्लाई अब तक नहीं की गई है। ऐसे में रीलाइनिंग का कार्य प्रभावित होने की बात कही जा रही है। निर्माण ठेकेदारों की मानें तो वर्तमान में प्रतिदिन जिस हिसाब से कम्पनी की ओर से सीमेंट के बैग की सप्लाई की जा रही है, उससे रीलाइनिंग कार्य होना संभव नहीं है। उनका कहना है कि बार-बार विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाने के बावजूद समस्या जस की तस है। परेशान ठेकेदारों ने शुक्रवार को जल संसाधन विभाग उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता से मुलाकात कर इस समस्या से अवगत करवाया। जल संसाधन उत्तर संभाग हनुमानगढ़ ठेकेदार एसोसिएशन के संरक्षक मोहनलाल नैण रोड़ावाली ने बताया कि हमने मुख्य अभियंता को समस्या से अवगत करवा दिया है। अब सरकार स्तर पर गौर होने पर ही सीमेंट की उपलब्धता हो सकती है। सीमेंट कंपनी वादे से मुकर रही है। ठेकेदारों के अनुसार पूर्व में सीमेंट का जो बैग 280 रुपए में मिल रहा था, वह अब 375 रुपए में मिल रहा है। लेकिन उस रेट में भी कंपनी सीमेंट देने को तैयार नहीं है। क्लोजर का समय तीस दिन का निर्धारित है। अब सीमेंट कंपनियों की ओर से पूल कर लिया गया है। पूल करने के बाद कोई किसी का ऑर्डर नहीं ले रहा। मनमर्जी से सीमेंट के दाम बढ़ाए जा रहे हैं। कम्पनियों को प्रति थैला 375 रुपए देने के बावजूद भी माल नहीं आ रहा। स्थिति बेहद खराब है। तीस दिन के क्लोजर को घटाकर 25 दिन का कर दिया गया है। बिना सीमेंट के काम नहीं हो पाएगा होगा। क्लोजर समय कम होने से भी कार्य प्रभावित होगा। मुख्य अभियंता को इस बारे में लिखित में अवगत करवा दिया है।

इतने बैग की जरूरत
राजस्थान के सबसे बड़े प्रोजेक्ट के तहत क्लोजर के दौरान इंदिरा गांधी नहर परियोजना की रीलाइनिंग का कार्य होना है। लेकिन सीमेंट कम्पनियां अपनी मनमर्जी से सीमेंट के दामों में बढ़ोतरी कर रही हैं। ठेकेदारों का कहना है कि रुपए लेने के बाद भी सीमेंट की सप्लाई नहीं दी जा रही। इस वजह से राजस्थान कैनाल का कार्य होना संभव नहीं है। इस संबंध में मार्च से ही मुख्य अभियंता से बात की जा रही है। पूर्व में 21 मार्च को लिखित में अवगत करवाया गया था। लेकिन आज तक मांग पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। एक माह में करीब 20 लाख बैग सीमेंट की खपत होगी। रोजाना करीब एक लाख बैग की सप्लाई होगी तभी काम शुरू हो पाएगा। लेकिन वर्तमान में हालात यह हैं कि रोजाना एक हजार बैग भी उपलब्ध नहीं हो रहे।

250 करोड़ से होगी रीलाइनिंग
इंदिरागांधी मुख्य नहर में रीलाइनिंग कार्य 20 अप्रैल से शुरू होगा। राजस्थान भाग में रीलाइनिंग कार्य को लेकर 250 करोड़ मंजूर किए गए हैं। राजस्थान भाग में 67 किलोमीटर में रीलाइनिंग के कार्य करवाए जाएंगे। इसी तरह पंजाब भाग में इंदिरा गांधी फीडर की रीलाइनिंग कार्य पर 450 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। बंदी अवधि में पंजाब भाग में 53 किलोमीटर क्षेत्र में रीलाइनिंग कार्य करवाए जाएंगे। साठ दिन की नहरबंदी में पहले तीस दिन तक पेयजलापूर्ति की जा रही है। इसके बाद अंतिम तीस दिन यानी बीस अप्रैल के बाद नहर में पूर्ण बंदी लागू होगी। इस अवधि में रीलाइनिंग के कार्य पूर्ण करवाए जाएंगे।

Updated on:
15 Apr 2022 07:55 pm
Published on:
15 Apr 2022 07:55 pm
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