हनुमानगढ़. धान की सरकारी खरीद शुरू करवाने की मांग को लेकर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बलवीर बिश्नोई ने सीएम भजनलाल शर्मा को ज्ञापन भिजवाया है।
हनुमानगढ़. धान की सरकारी खरीद शुरू करवाने की मांग को लेकर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बलवीर बिश्नोई ने सीएम भजनलाल शर्मा को ज्ञापन भिजवाया है। ज्ञापन के माध्यम से जिला श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ में धान की सरकारी खरीद शुरू करवाने की मांग की गई है। साथ ही कृषि अनुसंधान केंद्रों पर कीट वैज्ञानिकों के रिक्त पदों को भरने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि दोनों जिलों में बड़े स्तर पर धान की खेती की जा रही है। यदि एमएसपी पर इसकी खरीद नहीं की गई तो किसानों को औने-पौने दाम पर फसल बेचनी पड़ेगी। इससे किसानों को बड़ा नुकसान होगा। कृषि प्रधान जिला होने के बावजूद श्रीगंगानगर कृषि अनुंसधान केंद्र में कीट वैज्ञानिकों के सभी सात पद रिक्त रहने पर चिंता जताई। इनको शीघ्र भरने की मांग की। ज्ञापन में बताया गया है कि कपास की फसल कीट की वजह से गत बरसों में खत्म होती रही है। इसलिए कपास बिजाई का क्षेत्रफल लगातार घट रहा है। कीट वैज्ञानिक यदि समय पर किसानों को उचित उपचार बता देंगे तो फसल को नुकसान होने से काफी हद तक बचाया जा सकेगा। ज्ञापन में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बलवीर बिश्नोई ने बताया कि भाजपा सरकार सदैव किसान हितैषी रही है। ऐसे में दोनों जिलों में धान की सरकारी खरीद शुरू करवाने की प्रक्रिया शुरू करवाए। साथ ही कीट वैज्ञानिकों के रिक्त पदों को भरने की कृपा करे। जिससे हजारों किसानों को लाभ मिल सकेगा।
इधर किसानों ने दस तक का दिया अल्टीमेटम
जिले के विभिन्न किसान संगठनों ने कलक्टर को ज्ञापन भेजकर दस सितम्बर तक खरीफ फसलों की सरकारी खरीद शुरू करवाने की मांग की है। इसके बाद आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई है। दो दिन पहले कलक्टर के साथ हुई वार्ता में कलक्टर ने साफ तौर पर कह दिया है कि हमारे स्तर पर हमने सरकार को रिपोर्ट भेज दी है। लेकिन सरकार की तरफ से अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। जैसे ही किसी तरह का निर्देश प्राप्त होगा, किसानों को अवगत करवा दिया जाएगा।
पत्रिका की मुहिम
राजस्थान पत्रिका वर्तमान में किसान हित को देखते हुए ‘उचित तो दूर एमएसपी के लिए तरह रहे किसान’ शीर्षक से अभियान चलाकर लगातार समाचारों का प्रकाशन कर रही है। इस बार बड़े पैमाने पर धान की पैदावार होने की संभावना है। ऐसे में सरकारी खरीद नहीं हुई तो किसानों को बड़ा नुकसान होगा।