हनुमानगढ़

जिले में एमएसपी पर फसलों की खरीद को लेकर किसान संगठनों ने कलक्ट्रेट पर डाला महापड़ाव

हनुमानगढ़. चुनाव के वक्त राजनीतिक दलों के नेता किसानों से एमएसपी ही नहीं उचित मूल्य देने का वादा भी कर लेते हैं। लेकिन इसके बाद की हकीकत सबके सामने है।

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जिले में एमएसपी पर फसलों की खरीद को लेकर किसान संगठनों ने कलक्ट्रेट पर डाला महापड़ाव

हनुमानगढ़. चुनाव के वक्त राजनीतिक दलों के नेता किसानों से एमएसपी ही नहीं उचित मूल्य देने का वादा भी कर लेते हैं। लेकिन इसके बाद की हकीकत सबके सामने है। जिले की मंडियों में हालात ऐसे बने हुए हैं कि किसी फसल की एमएसपी पर खरीद शुरू नहीं हुई है। इससे किसानों में रोष बढ़ता जा रहा है। जिले में मूंग, धान, बाजरा, मूंगफली सहित खरीफ की अन्य फसलों की एमएसपी पर खरीद शुरू करने की मांग को लेकर किसानों ने गुरुवार को संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले जिला कलक्ट्रेट के समक्ष पड़ाव डाल दिया। इस दौरान जिला प्रशासन ने वार्ता के लिए बुलाया। करीब एक घंटे तक चली वार्ता विफल रहने पर किसानों ने आगे 23 सितम्बर को विभिन्न स्थानों पर चक्काजाम करने तथा 26 सितम्बर को महा पड़ाव डालने की चेतावनी दी। वार्ता में जिला कलक्टर कानाराम के समक्ष किसान नेताओं ने तत्काल प्रभाव से एमएसपी पर खरीद शुरू करने की मांग की। कलक्टर ने कहा कि हमारे स्तर पर हमने किसानों की मांग से सरकार को अवगत करवा दिया है। वहां से निर्णय होने के बाद यहां की मंडियों में सरकारी खरीद शुरू करवा देंगे। किसान नेताओं ने कहा कि मूंग की फसल मंडी में खूब आ रही है। एमएसपी व वर्तमान प्राइवेट भाव में 2000 रुपए तक का फर्क आ रहा है। ऐसे स्थिति में एमसपी पर खरीद नहीं हुई तो किसान बर्बाद हो जाएंगे। संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े वरिष्ठ नेता रामेश्वर वर्मा, सुरेंद्र शर्मा, रेशम सिंह मानुका, रघुवीर वर्मा, गोपाल बिश्नोई, अवतार सिंह, विक्रम सिंह, सुभाष मक्कासर, जगजीत सिंह जग्गी, संदीप कंग, भाखड़ा प्रोजेक्ट के चैयरमेन मनदीप सिंह, राय साहब चाहर मल्लडख़ेड़ा, दलीप छींपा, जाकिर हुसैन आदि मौजूद रहे। शाम को जिला कलक्टर से साथ हुई वार्ता बेनतीजा रहने पर किसानों ने बीस सितम्बर को हनुमानगढ़ आ रहे केंद्रीय गृह राज्यमंत्री को काले झंडे दिखाने की चेतावनी दी। गौरतलब है कि पत्रिका टीम ‘उचित तो दूर एमएसपी के लिए तरह रहे किसान’ शीर्षक से अभियान चलाकर सिलसिलेवार समाचारों का प्रकाशन कर किसानों व व्यापारियों की आवाज को बुलंद कर रहा है।

फसल लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे किसान, अफसरों से कहा, दो एमएसपी
कलक्ट्रेट के समक्ष पड़ाव के दौरान गांव भांभूवाली ढाणी निवासी एक किसान मूंग से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर धरनास्थल पर पहुंचा। उसने कलक्ट्रेट गेट के सामने ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर दी। किसानों के धरना-प्रदर्शन के दृष्टिगत जिला कलक्ट्रेट गेट पर पुलिस का जाप्ता तैनात रहा। किसानों ने खरीफ फसलों की एमएसपी पर खरीद करने की मांग की।

विधायक पहुंचे, मांगों का किया समर्थन
जिला मुख्यालय पर गुरुवार को कलक्ट्रेट के समक्ष शुरू किए किसानों के पड़ाव स्थल पर अचानक विधायक गणेशराज बंसल पहुंचे। इस मौके पर विधायक गणेशराज बंसल ने कहा कि एमएसपी पर फसलों की खरीद तत्काल शुरू होनी चाहिए। ऐसा नहीं होने पर किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। पहले भी मैंने किसानों की इस मांग को विधानसभा में उठाया है। फिर से किसानों की इस मांग को विधानसभा में उठाकर किसानों की आवाज को बुलंद करने का प्रयास रहेगा।

इन मांगों को लेकर किसान कर रहे संघर्ष
कलक्ट्रेट के समक्ष धरनास्थल पर हुई सभा में भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रेशमसिंह मानुका ने बताया कि किसान मूंग, धान, बाजरा, मूंगफली सहित खरीफ की अन्य ऐसी फसलें जिनकी एमएसपी घोषित की गई है, उनकी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की मांग किसान संगठन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री भी हर मंच के माध्यम से बोल रहे हैं कि केन्द्र सरकार ने खरीफ की फसलों की एमएसपी बढ़ाई है। लेकिन आज किसान रो रहा है। मूंग की प्रति क्विंटल एमएसपी 8682 रुपए तय है जबकि 6000 रुपए के करीब खरीद हो रही है। यानि किसान को प्रति क्विंटल पर 1500 रुपए से लेकर 2000 रुपए तक का घाटा झेलना पड़ रहा है। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव बलविंद्र सिंह ने कहा कि किसानों ने इस उम्मीद के साथ मूंग सहित अन्य जिंसों की बिजाई की थी कि वह फसल को एमएसपी पर बेचकर अपनी आजीविका चलाएगा। लेकिन किसान अपनी फसल धानमंडी में लेकर पहुंच रहा है तो उसकी फसलों का दाम एमएसपी से कम लगाया जा रहा है। हनुमानगढ़ के बाजार में धान पीआर की व्यापारियों की ओर से 1900-2000 रुपए में खरीद की जा रही है। किसान को प्रति बीघा औसतन करीब 10 से 12 हजार रुपए का घाटा लग रहा है। धरना-प्रदर्शन के बाद किसान प्रतिनिधियों ने कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर धान, मूंग, बाजरा की एमएसपी पर खरीद जल्द शुरू करने, नरमा की खरीद बिना किसी शर्त के एक अक्टूबर से शुरू करने, मूंगफली के खरीद केन्द्र सभी मंडियों में खोलकर जल्द से जल्द खरीद शुरू करने, किसानों को समय पर डीएपी व यूरिया उपलब्ध करवाने, अन्य उत्पाद साथ लेने की शर्त को हटाने, मसीतांवाली हैड पर किसानों के साथ हुए समझौते की पालना करने एवं टिब्बी में एथनोल फैक्ट्री का विरोध कर रहे किसानों पर दर्ज मुकदम वापस लेने की मांग की।

Published on:
20 Sept 2024 10:43 am
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