विधानसभा में गर्माया हनुमानगढ़ की ग्राम सेवा सहकारी समितियों के गोदाम निर्माण में भ्रष्टाचार का मामला
-मुद्दा उठने पर सहकारिता मंत्री ने नियमानुसार कार्रवाई की कही बात
हनुमानगढ़. जिले की ग्राम सेवा सहकारी समितियों के गोदाम निर्माण में भ्रष्टाचार का मामला अब विधानसभा में उठाया गया है। सहकारिता मंत्री गौतम कुमार ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि हनुमानगढ़ जिले में ग्राम सेवा सहकारी समितियों के गोदाम आवंटन प्रकिया में अनियमितता की शिकायत पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुशासन स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। किसी भी माध्यम से अनियमितता सम्बन्धी शिकायत प्राप्त होने पर राज्य सरकार द्वारा त्वरित कार्यवाही की जाती है। सहकारिता राज्य मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ जिले में गोदाम निर्माण में पाई गई अनियमितता के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए उसी दिन प्रबंध निदेशक एवं मुख्य प्रबंधक, केंद्रीय सहकारी बैंक, हनुमानगढ़ को निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई। इसके अलावा प्रधान कार्यालय स्तर से प्रत्येक जिले में निरीक्षक दलों द्वारा निरीक्षण भी करवाया गया। उन्होंने कहा कि गोदाम निर्माण के कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने एवं किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा समितियों का गठन भी किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की महत्ती योजना 'सहकारी क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना' के तहत उन जिलों को प्राथमिकता दी जानी है, जिनमें भंडारण क्षमता अपेक्षाकृत कम है। भारतीय खाद्य निगम से प्राप्त सूची के अनुसार प्रदेश के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ एवं कोटा जिले में उपज के अनुपात में भंडारण क्षमता अपेक्षाकृत कम होने से इन जिलों में भंडारण निर्माण को प्राथमिकता देते हुए श्रीगंगानगर में 17, हनुमानगढ़ में 15 एवं कोटा में 13 गोदाम स्वीकृत किए हैं। परिणामस्वरूप इन जिलों की भंडारण क्षमता में बढ़ोतरी हुई है। इससे पहले विधायक संजीव कुमार के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में सहकारिता मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024-25 में राजस्थान सरकार की बजट घोषणा अन्तर्गत प्रदेश की 211 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में शत-प्रतिशत अनुदान पर गोदाम निर्माण कराया जा रहा है। इस हेतु कुल 3832 लाख रुपए का आवंटन किया गया है। जिसका विवरण उन्होंने सदन के पटल पर रखा। आगे बताया कि ग्राम सेवा सहकारी समितियों में कस्टम हायरिंग सेन्टर की स्थापना हेतु शत प्रतिशत अनुदान के स्थान पर केन्द्र सरकार से लागत के 80 प्रतिशत (अधिकतम रुपए 8 लाख) तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। वर्ष 204-25 के दौरान प्रदेश में 80 कस्टम हायरिंग सेन्टरों की स्थापना की गई। इस हेतु 640 लाख रुपए का आवंटन किया गया है। जिसका विवरण उन्होंने सदन के पटल पर रखा।
इतनी समितियों को स्वीकृति
सहकारिता मंत्री ने बताया कि हनुमानगढ़ जिले में उक्त योजनांतर्गत 15 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में 500 एमटी के गोदामों के निर्माण के लिए प्रति गोदाम 25 लाख रुपए एवं 03 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में 100 एमटी के गोदाम निर्माण के लिए प्रति गोदाम 12 लाख रुपए सहित कुल 411 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। सहकारिता राज्य मंत्री ने बताया कि समितियों के पास वैध स्वामित्व वाली भूमि उपलब्ध होने एवं संबंधित केन्द्रीय सहकारी बैंक की अनुशंषा सहित प्रस्ताव प्राप्त होने पर तत्समय उपलब्ध बजट के आधार पर गोदाम निर्माण की स्वीकृति जारी कर आवंटन किया जाता है। केन्द्रीय सहकारी बैंक हनुमानगढ़ की ओर से जिले की 18 ग्राम सेवा सहकारी समितियों से गोदाम निर्माण के प्रस्ताव भिजवाए गए थे। जिनकी स्वीकृति जारी की जा चुकी है। कस्टम हायरिंग केन्द्र का एक प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। इसको स्वीकृत किया जा चुका है। समितियों के पास वैध स्वामित्व वाली भूमि उपलब्ध होने एवं संबंधित केन्द्रीय सहकारी बैंक की अनुशंषा सहित प्रस्ताव प्राप्त होने पर तत्समय उपलब्ध बजट के आधार पर गोदाम निर्माण की स्वीकृति पर विचार किया जाता है।
मुख्य प्रबंधक के पास से राशि की गई जब्त
राजस्थान पत्रिका ने 14 फरवरी 2025 के अंक में ‘गोदाम बनने से पहले माल कूटने का रास्ता ढूंढऩे लगे अफसर’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर इस मामले की तरफ सबका ध्यान दिलाया था। खबर के माध्यम से कृषि प्रधान जिले में अन्न भंडारण को गोदाम बनने से पहले ही अधिकारियों ने खुद का पेट भरने की किस तरह से तैयारी कर ली। इसका उल्लेख किया गया था। प्रकरण के अनुसार एसीबी की कार्रवाई के दौरान केंद्रीय सहकारी बैंक हनुमानगढ़ के मुख्य प्रबंधक संजय शर्मा से ़दस जनवरी 2025 की रात को कोहला टोल नाके के पास से 8.50 रुपए की राशि जब्त की गई थी। इसके बाद एसीबी ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। अब जांच पूर्ण होने पर ही आगे की स्थिति साफ होगी।