हनुमानगढ़

असमंजस में किसान, खेत में खड़ी फसल, कैसे बनाएं डिग्गी

असमंजस में किसान, खेत में खड़ी फसल, कैसे बनाएं डिग्गी

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असमंजस में किसान, खेत में खड़ी फसल, कैसे बनाएं डिग्गी

-जिले में 2781 डिग्गियां बनाने का लक्ष्य, सरकार ने मार्च में ही निर्माण करवाने के लिए किया पाबंद
-किसानों की फरियाद, डिग्गी निर्माण के लिए दो महीने का मिले अतिरिक्त समय
हनुमानगढ़. जिले में इस बार 2781 डिग्गियों के निर्माण का लक्ष्य आवंटित किया गया है। 24 जुलाई 2024 को लक्ष्य निर्धारित करने के बाद फरवरी 2025 तक आवेदनों की जांच-पड़ताल के बाद अब इनकी प्रशासनिक स्वीकृतियां जारी की गई है। फरवरी के आखिर तक प्रशासनिक स्वीकृतियां जारी करने का काम चलने के बाद अब किसानों को मार्च में ही डिग्गी निर्माण पूरा करने को लेकर पाबंद किया गया है। जबकि अभी किसानों के खेत में रबी फसल खड़ी है। ऐसे में डिग्गी खुदाई का कार्य कैसे पूरा किया जाए, इसे लेकर किसान असमंजस में हैं। डिग्गी निर्माण के लिए किसानों को पहले खेत खाली करना होगा। इसके अलावा जिस रास्ते से ट्रेक्टर आदि गुजरेंगे, वह रास्ता भी साफ करना होगा। ऐसे में किसानों का कहना है कि यदि अभी डिग्गी निर्माण का कार्य शुरू करेंगे तो फसल खराब हो जाएगी। इससे काफी नुकसान होगा। एक-डेढ़ महीने में खेत खाली हो जाएंगे। सरकार करीब दो महीने का अतिरिक्त समय यदि प्रदान कर दे तो किसानों को फायदा होगा। फसल भी बच जाएगी और डिग्गी भी तसल्ली से बन सकेगी। डिग्गी निर्माण के लिए सरकार लघु सीमांत किसानों को तीन लाख 40 हजार तथा सामान्य किसानों को तीन लाख रुपए का अनुदान दे रही है। सिंचाई जल के भंडारण के लिहाज से डिग्गी काफी फायदेमंद साबित हो रही है। खासतौर पर बागवानी करने वाले किसानों के लिए यह वरदान साबित हो रही है। कृषि विभाग हनुमानगढ़ के सहायक निदेशक बलकरण सिंह के अनुसार डिग्गी निर्माण के लिए लक्ष्य आवंटित कर दिए गए हैं। डिग्गी निर्माण के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। कुछ किसानों के लगातार फोन आ रहे हैं। वह फसल खड़ी होने की वजह से अतिरिक्त समय की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार स्तर पर अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया जाएगा।

किसानों को 60 से 70 हजार का नुकसान
जिले के किसानों का कहना है कि कृषि विभाग राजस्थान सरकार की ओर से 15 मार्च तक डिग्गी निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। बहलोलनगर गांव में करीब एक दर्जन किसान हंै जिनकी 15 फरवरी से लेकर चार मार्च तक डिग्गी निकली है। अधिकारियों ने पंद्रह मार्च तक डिग्गी निर्माण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया है। बहलोलनगर के किसान हरीश हैरी, गुरप्यार सिंह, बीरबल राम मूंड, रतिराम गोदारा, श्याम लाल जाखड़, रजत मूंड, गोपीराम मलखट, वकील सिंह आदि किसानों ने जिला कलक्टर के माध्यम से सरकार से मांग की है कि डिग्गी निर्माण की समय अवधि 31 मई तक की जाए। किसानों का कहना है कि अभी गेहूं की फसल पककर तैयार होने वाली है। यदि वह अब डिग्गी निर्माण करते हैं तो करीब 60-70 हजार रुपए की फसल बर्बाद होगी। डिग्गी से निकलने वाली माटी को भी खेत में ही डालनी होगी। खेत में इतनी खाली जगह मौजूद नहीं है। यदि फसल कटाई के बाद डिग्गी बनाया जाए तो फसल भी बच जाएगी और निकाली गई मिट्टी भी दूसरे किसान अपने खेतों आदि में डाल सकते हैं। इससे किसानों को आर्थिक रूप से फायदा होगा। कम समय में डिग्गी खोदने वाले ठेकेदार भी नहीं मिल पा रहे हैं। मिस्त्री से लेकर मजदूर तक नहीं मिल रहे।

Published on:
06 Mar 2025 09:59 am
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