हनुमानगढ़

पिछले वर्ष से दोगुना खरीद,जिले में अब तक 3.33 लाख एमटी गेहूं की खरीद, किसानों को मिला 700 करोड़ का भुगतान

हनुमानगढ़. रबी फसलों की सरकारी खरीद को लेकर जिला कलक्टर काना राम की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में गेहूं, सरसों और चना फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की प्रगति की समीक्षा की गई।

2 min read
पिछले वर्ष से दोगुना खरीद,जिले में अब तक 3.33 लाख एमटी गेहूं की खरीद, किसानों को मिला 700 करोड़ का भुगतान

हनुमानगढ़. रबी फसलों की सरकारी खरीद को लेकर जिला कलक्टर काना राम की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में गेहूं, सरसों और चना फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की प्रगति की समीक्षा की गई। कलक्टर ने बताया कि पिछले वर्ष जिले में 1.51 लाख एमटी गेहूं की खरीद हुई थी, जबकि इस वर्ष अब तक 3.33 लाख एमटी गेहूं की खरीद की जा चुकी है। जिले में रिकॉर्डतोड़ गेहूं की खरीद की गई है, पिछले वर्ष से दोगुना आंकड़ा पार हो गया है। राज्य सरकार द्वारा घोषित बोनस के चलते किसानों की आमदनी में सीधा इज़ाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि देशभर में इस समय सबसे अधिक दर पर गेहूं राजस्थान में खरीदा जा रहा है। कलक्टर ने बताया कि इस वर्ष गेहूं का एमएसपी 2,425 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। इसके अतिरिक्त किसान हितैषी एवं कृषकों के कल्याण को समर्पित राज्य सरकार की ओर से 150 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस भी दिया जा रहा है। जिससे कुल दर 2,575 रुपए प्रति क्विंटल हो गई है। जिले में 58 केंद्रों के माध्यम से गेहूं की सरकारी खरीद की जा रही है। जिसमें भारतीय खाद्य निगम, राजफैड, नेफेड, एनसीसीएफ खरीद एजेंसियों के माध्यम से खरीद की जा रही है। चना और सरसों की खरीद के लिए 19 केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। अब तक गेहूं की खरीद के एवज में किसानों को 700 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान सीधे डीबीटी के माध्यम से किया जा चुका है। समीक्षा बैठक में जिला परिषद सीईओ ओपी बिश्नोई, सहकारिता विभाग के उप रजिस्ट्रार अमीलाल सहारण, कृषि विपणन उपनिदेशक देवीलाल कालवा, जिला रसद अधिकारी सुनील घोड़ेला, मंडी सचिव विष्णु दत्त शर्मा, एफसीआई, एनसीसीएफ, तिलम संघ और नेफेड के प्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे

गिरदावरी के बिना नहीं होगी खरीद
रबी विपणन सीजन की समीक्षा बैठक में जिला कलक्टर ने खरीद एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गिरदावरी की पुष्टि के बाद ही खरीद की जाए। अन्यथा संबंधित एजेंसी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कलक्टर ने बताया कि बिना गिरदावरी के खरीद की शिकायतें मिली थीं, जिनकी जांच में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी एजेंसियों को गिरदावरी का सत्यापन कर ही खरीद प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। गड़बड़ी पाए जाने पर खरीद एजेंसियों से राशि की रिकवरी की जाएगी। इसके लिए पटवारियों की विशेष टीम बनाकर जांच कराई जाएगी। जो समितियां खरीद प्रक्रिया में रुचि नहीं ले रही हैं, उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।

Published on:
30 Apr 2025 09:59 am
Also Read
View All

अगली खबर