
हनुमानगढ़. पीलीबंगा. क्षेत्र के निकटवर्ती गांव हरदयालपुरा की रोही में बीते दिनों एक गर्भवती नीलगाय की हुई निर्मम हत्या के आरोपियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर आक्रोशित वन्यजीव प्रेमियों में भारी आक्रोश है। प्रशासनिक ढिलाई के विरोध में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। सोमवार सुबह 11 बजे उपखंड कार्यालय के समक्ष विशाल रोष प्रदर्शन आरंभ किया गया है। सर्व समाज ने फोरलेन मार्ग को एक तरफ से बंद करके आंदोलन आरंभ कर दिया है। घटना के विरोध में विभिन्न मांगों को लेकर सर्व समाज की ओर से उपखंड कार्यालय के समक्ष लगाया जा रहा धरना सोमवार को सातवें दिन भी जारी रहा।
धरने पर बैठे जीव प्रेमियों द्वारा नीलगाय प्रकरण के आरोपियों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करने, वन विभाग की लापरवाह अधिकारियों कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने, वन्य जीवों की रक्षा के लिए चौकी स्थापित करने सहित अन्य मांगों को लेकर प्रशासन के विरूद्ध जमकर नारेबाजी करते हुए क्षेत्र में दिन प्रतिदिन बढ रही वन्य जीवों के शिकार की घटनाओं को लेकर वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को दोषी ठहराया। सोमवार को पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार होने वाले विशाल रोष प्रदर्शन व चक्का जाम को लेकर बड़ी संख्या में सर्व समाज के लोग सुबह से ही उपखण्ड कार्यालय के बाहर एकत्रित होना शुरू हो गए।
चारों आरोपी गिरफ्तार
वन विभाग की टीम द्वारा गांव हरदयानपुरा के चक 5 एचडीपी में नीलगाय शिकार प्रकरण के मुख्य आरोपी सहित चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना को लेकर पूर्व में गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी शोका उर्फ शौकत अली पुत्र फतेह मोहम्मद, निवासी वार्ड 2 रोड़ावाली व सरदार अली पुत्र मोहम्मद सदीक, निवासी वार्ड 14 रोड़ावाली को दो दिन पूर्व ही न्यायालय में पेश कर पुछताछ के लिए 27 जून तक रिमांड लिया गया है जबकि शनिवार को गिरफ्तार अन्य दो आरोपी मोहम्मद इस्लाम पुत्र यासीन, निवासी वार्ड 4, 8 एलएल डब्ल्यू हनुमानगढ़ व मुनाफ पुत्र रहमत खान, निवासी चक तीन केकेडब्ल्यू, रोड़ावाली को रविवार को न्यायालय में पेश कर पूछताछ के लिए 26 जून तक रिमांड पर लिया गया है। कार्यवाहक वन अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से टोपीदार बंदूक, पत्थर की गोलियां, चाकू, दो मोटरसाइकिल के रिंम, बिना डंडे की कुल्हाड़ी, दरांति व शिकार की आंखों पर मारने के लिए तेज रोशनी वाली लाइट आदि बरामद की गई है। उन्होने बताया कि अन्य घटनाओं के बारे में आरोपियों की संलिप्त्ता को लेकर गहनता से पुछताछ की जा रही है। आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने में क्षेत्रीय वन अधिकारी विरेंद्र कुमार व सहायक वन संरक्षक अधिकारी करणवीर कौर के नेतृत्व में विभाग के शीशपाल, सुनील स्वामी, कुलदीप भांभू, शुभम शर्मा, अरविंद शर्मा, सुखविंदर सिंह, चंदा देवी आदि की भूमिका रही।
प्रतिनिधिमंडल ने ली घटनाक्रम की जानकारी
पीलीबंगा. नीलगाय हत्या प्रकरण को लेकर पीलीबंगा उपखंड कार्यालय के समक्ष चल रहे धरना स्थल पर रविवार को नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के एक प्रतिनिधिमंडल ने पहुंचकर धरने पर बैठे आंदोलनकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इस दौरान धरने पर बैठे सर्व समाज द्वारा गठित की गई संघर्ष समिति की ओर से सांसद के प्रतिनिधियों को नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के नाम का एक ज्ञापन सौंपकर नीलगाय शिकार प्रकरण में प्रशासन के नकारात्मक रवैये को लेकर किए जा रहे आंदोलन को सर्मथन देने की मांग की गई। संघर्ष समिति द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि बीते 15 जून की मध्यरात्रि को गांव हरदयालपुरा की रोही में चार आरोपियों द्वारा नीलगाय पर गोली चलाई गई जो एक काश्तकार के नजदीक से होते हुए नीलगाय के लगी। आरोपियों की ओर से निर्ममता की सारी हदें पार करते हुए जिंदा तड़प रही नीलगाय के चारों पैर काटे तथा पेट चीरकर उसमें पल रहे दो बछड़ों को बाहर निकाल फैंका व नीलगाय का मांस नोच कर ले गए।
घटना के विरोध में जीव प्रेमियों द्वारा पुलिस थाना गोलूवाला को सूचना देने पर गोलूवाला थाना प्रभारी ने वन विभाग का मामला कहकर मुकदमा दर्ज नहीं करने मना कर दिया। जिससे वन्यजीव प्रेमियों में रोष फैल गया तथा उपखंड कार्यालय के समक्ष धरना लगा दिया। संघर्ष समिति द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में वन्यजीव के शिकार प्रकरण में पूरे रैकेट का पर्दाफाश करने, जनता से अभद्र व्यवहार करने वाले गोलूवाला थाना प्रभारी का स्थानांतरण करने, वन क्षेत्र में विगत तीन वर्षों से हुए शिकार प्रकरण की जांच करने, वन कर्मियों की रात्रि कालीन गश्त सुनिश्चित करने, टोपीदार बंदूकों के लाइसेंस की जांच करने सहित अन्य मांगें शामिल थी। ज्ञापन में उपखंड कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे जीव प्रेमियों के आंदोलन को कुचलने के लिए प्रशासन द्वारा धरना स्थल की विद्युत सप्लाई बंद करने व पानी तक की सप्लाई बंद करने के आरोप लगाते हुए प्रशासन के विरुद्ध भी कार्रवाई की मांग की गइ।