https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. क्षेत्र में जायका प्रोजेक्ट के तहत चल रहे कार्यों को लेकर गुरुवार को जंक्शन के सिद्धमुख सभागार में कार्यशाला हुई। इसमें जायका प्रोजेक्ट के सीनीयर जेंडर एक्सपर्टस उज्जैनी ने महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने की बात कही।
बदलाव को लेकर बनाएंगे जेंडर एक्शन प्लान
हनुमानगढ़. क्षेत्र में जायका प्रोजेक्ट के तहत चल रहे कार्यों को लेकर गुरुवार को जंक्शन के सिद्धमुख सभागार में कार्यशाला हुई। इसमें जायका प्रोजेक्ट के सीनीयर जेंडर एक्सपर्टस उज्जैनी ने महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट में चल रहे कार्यों के तहत महिलाओं की अहमियत को गंभीरता से लेने की जरूरत है। नहरी चुनावों में महिला अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद भी पुरुषों का वर्चस्व रहने पर कहा कि, अभी क्षेत्र में काफी सामाजिक बदलावों की जरूरत है। वक्ताओं ने कई बैठकों का जिक्र कर कहा कि, बैठकों में महिला सदस्यों की मौजूदगी नामात्र रहती है। इसके कई कारण हैं। इन्हें तलाशने की जरूरत है। घरों में महिलाएं डिसिजन मेकर के रूप में पहचान बनाएंगी तभी असल बदलाव आएगा। इसके लिए पीएमयू लेवल पर जेंडर एक्शन प्लान बनाने की बात कही। कृषि अधिकारी बीआर बाकोलिया, जायका हनुमानगढ़ प्रोजेक्ट में नियुक्त रीजनल मैनेजमेंट एक्सपट्र्स निशार अहमद सहित अन्य मौजूद रहे।
विपरीत मौसम में फसलों को बचाने की चुनौती
हनुमानगढ़. नहरी पानी के संकट के बीच विपरीत मौसम में खरीफ फसलों को बचाने की चुनौती है। इसे लेकर कृषि विभाग के फील्ड स्टॉफ को सतर्क रहने की जरूरत है। फसलों को कीट-प्रकोप से बचाने के लिए किसानों को उचित समय पर उचित सलाह की जरूरत है। यह बात गुरुवार को कृषि विभाग कार्यालय में हुई बैठक में उप निदेशक दानाराम गोदारा ने कही। उन्होंने कहा कि खरीफ फसलों के लिए वर्तमान मौसम ज्यादा अनुकूल नहीं है। इस स्थिति में फसलों को कैसे बचाया जाए, इस पर सामूहिक मंथन की जरूरत है। उन्होंने फसलों पर निगरानी रखने की बात कही। फील्ड स्टॉफ से फसलों का अपडेट भी लिया।