अदरीस खान @ हनुमानगढ़. महीनों तक विशेष तैयारी के बाद बोर्ड परीक्षाएं कराने के बावजूद कभी जिले एवं प्रदेश का कक्षा दसवीं का परीक्षा परिणाम 90 प्रतिशत का आंकड़ा तक नहीं छू पाया। अब बोर्ड परीक्षा लिए बगैर सत्रांक, गत परीक्षाओं के प्राप्तांक आदि के आधार पर जारी किए गए कक्षा दसवीं के नतीजों ने रिकॉर्ड बना लिया है।
बोर्ड परीक्षा करवा कर भी हनुमानगढ़ जिले का परिणाम कभी नहीं रहा 85 से ऊपर, अब बिना परीक्षा 99.46 प्रतिशत
- 99.46 फीसदी परिणाम के बावजूद जिला 24वें स्थान पर, गत वर्ष रहा था अठारहवें पर
- प्रदेश का ओवरऑल परिणाम रहा 99.56 प्रतिशत, ज्यादातर प्रथम श्रेणी से पास
- बिना परीक्षा परिणाम में भी लड़कियां रही लड़कों से आगे
अदरीस खान @ हनुमानगढ़. महीनों तक विशेष तैयारी के बाद बोर्ड परीक्षाएं कराने के बावजूद कभी जिले एवं प्रदेश का कक्षा दसवीं का परीक्षा परिणाम 90 प्रतिशत का आंकड़ा तक नहीं छू पाया। अब बोर्ड परीक्षा लिए बगैर सत्रांक, गत परीक्षाओं के प्राप्तांक आदि के आधार पर जारी किए गए कक्षा दसवीं के नतीजों ने रिकॉर्ड बना लिया है। शायद ही कभी फिर जिले एवं प्रदेश का परीक्षा परिणाम इतना रह पाए। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर की ओर से शुक्रवार को जारी किया गया कक्षा दसवीं कक्षा का जिले का परिणाम 99.46 फीसदी रहा है। जबकि प्रदेश का ओवरऑल परिणाम 99.56 प्रतिशत रहा है। प्रदेश से 1255385 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे।
कक्षा दसवीं के परिणाम की स्थिति भी गत सप्ताह जारी कक्षा बारहवीं कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय के परिणाम जैसी ही रही। अधिकांश विद्यार्थियों को प्रथम श्रेणी से पास किया गया है। थर्ड डिवीजन तो जिले में केवल एक छात्रा एवं एक छात्र को ही दी गई है। जबकि पूरे प्रदेश में केवल 352 विद्यार्थियों को ही थर्ड डिवीजन मिली है। खास बात यह कि इतना ज्यादा परिणाम रहने के बावजूद जिले की स्थिति में प्रदेश स्तर पर गिरावट आई है। इस बार हनुमानगढ़ जिला 24वें स्थान पर रहा है।
जिले का 20 प्रतिशत का जम्प
जिले का ओवरऑल परिणाम वर्ष 2020 में 79.37 प्रतिशत रहा था। तब जिला प्रदेश में अठारवें स्थान पर रहा था। इस साल जिले का परिणाम 20 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी के साथ 99.46 फीसदी रहा है। न तो कभी इतना परिणाम पहले रहा और न कभी इतनी ज्यादा बढ़ोतरी एक बरस में पहले हुई। हालांकि इसके बावजूद जिले का प्रदेश में 24वां स्थान रहा है। इसकी वजह यह है कि हर जिले का परिणाम 99 प्रतिशत से ऊपर ही रहा है। केवल कुछ प्वाईंट के आधार पर जिले आगे-पीछे रहे हैं।
छोरियां फिर भी आगे
कक्षा दसवीं के परिणाम में हर बरस लड़कों से लड़कियां आगे रहती हैं। इस दफा बिना परीक्षा परिणाम जारी करने के बाद भी छात्राओं ने छात्रों से बाजी मारी है। जिले में छात्राओं का परिणाम 99.47 तथा छात्रों का 99.45 प्रतिशत रहा है। जबकि प्रदेश में लड़कों का परिणाम 99.51 तथा लड़कियों का 99.62 प्रतिशत रहा है। पिछले साल प्रदेश में लड़कों का नतीजा 79.99 तथा लड़कियों का 81.41 प्रतिशत रहा था। जिले में छात्रों का परिणाम 76.57 प्रतिशत तथा छात्राओं का 82.65 प्रतिशत रहा था।
कई गुणा बढ़ी प्रथम श्रेणी
जिले से कुल 30732 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें 17117 में से 16593 प्रथम श्रेणी तथा 429 छात्र द्वितीय श्रेणी से पास हुए। जबकि 13615 लड़कियों में से 13381 प्रथम श्रेणी एवं 161 द्वितीय श्रेणी से उत्तीर्ण हुई हैं। सप्लीमेंट्री तो किसी के भी नहीं आई है। जिले से बीते बरस 31034 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे थे। इनमें से 4860 लड़कों ने तथा 5858 लड़कियों ने प्रथम श्रेणी प्राप्त की थी। पिछले साल जिले में 2059 छात्रों ने तथा 1000 छात्राओं ने थर्ड डिवीजन हासिल की थी। इस बार यह आंकड़ा एक-एक है। प्रदेश में 701086 लड़कों में से 668863 ने प्रथम श्रेणी तथा 28548 ने द्वितीय श्रेणी हासिल की है। जबकि 554299 लड़कियों में से 535743 ने प्रथम श्रेणी एवं 16327 ने द्वितीय श्रेणी से परीक्षा पास की है।
90 हजार थी सप्लीमेंट्री, अब नहीं
पिछले साल प्रदेश में कुल 90648 विद्यार्थियों के सप्लीमेंट्री आई थी। इनमें से लड़के 49115 व लड़कियां 41533 शामिल थी। इस बार एक भी विद्यार्थी के सप्लीमेंट्री नहीं आई है। इसी तरह गत वर्ष प्रदेश में 85269 लड़कों के तथा 55982 लड़कियों के थर्ड डिवीजन आई थी। इस साल लड़का-लड़कियों का मिलाकर यह आंकड़ा 352 रहा है।
चार साल गिरा, अब जम्प
वर्ष परिणाम प्रतिशत
वर्ष 2016-17 82.53
वर्ष 2017-18 81.73
वर्ष 2018-19 80.30
वर्ष 2019-20 79.37
वर्ष 2020-21 99.46
जिले में घटे परीक्षार्थी
वर्ष शामिल परीक्षार्थी
वर्ष 2019-20 31034
वर्ष 2020-21 30732
निरंतर परिणाम बेहतर
वर्ष छात्र छात्राएं
वर्ष 2015-16 76.79 80.60
वर्ष 2016-17 80.44 85.07
वर्ष 2017-18 79.86 83.95
वर्ष 2018-19 78.47 82.48
वर्ष 2019-20 76.57 82.65
वर्ष 2020-21 99.45 99.47
जिला लगातार खिसका नीचे
वर्ष प्रदेश में स्थिति
2017-18 नौंवां स्थान
2018-19 बारहवां स्थान
2019-20 अठारहवां स्थान
2020-21 चौबीसवां स्थान