हनुमानगढ़

हनुमानगढ़ के नई खुंजा में आयोजित भागवत कथा में दिया ईश्वर भक्ति का संदेश

हनुमानगढ़. जिला मुख्यालय पर जंक्शन के नई खुंजा में वार्ड नम्बर तीन स्थित श्री जीण माता मंदिर प्रागंण में भागवत कथा के दौरान कथा वाचक गोपाल शास्त्री ने श्री कृष्ण भगवान की बाल लीलाओं का वर्णन किया।
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हनुमानगढ़ के नई खुंजा में आयोजित भागवत कथा में दिया ईश्वर भक्ति का संदेश
हनुमानगढ़ के नई खुंजा में आयोजित भागवत कथा में दिया ईश्वर भक्ति का संदेश

हनुमानगढ़. जिला मुख्यालय पर जंक्शन के नई खुंजा में वार्ड नम्बर तीन स्थित श्री जीण माता मंदिर प्रागंण में भागवत कथा के दौरान कथा वाचक गोपाल शास्त्री ने श्री कृष्ण भगवान की बाल लीलाओं का वर्णन किया। कथा वाचक ने कहा कि भगवान कृष्ण के पैदा होने के बाद कंस उसको मौत के घाट उतारने के लिए अपनी राज्य की सर्वाधिक बलवान राक्षसी पूतना को भेजता है। वह वेश बदलकर भगवान श्रीकृष्ण को जहरीला दूध पिलाने का प्रयास करती है। लेकिन भगवान श्रीकृष्ण उसको मौत के घाट उतार देते हैं। इतना ही नहीं भारी वर्षा को देख भगवान श्री कृष्ण गोवर्धन पर्वत को अपनी अंगुली पर उठाकर पूरे नगरवासियों को पर्वत के नीचे बुला लेते हैं। जिससे हार कर इंद्र एक सप्ताह के बाद वर्षा को बंद कर देते हैं। भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न बाल लीलाओं का वर्णन कर कथा वाचक ने मौजूद लोगों को ईश्वर भक्ति का संदेश दिया। साथ ही जीवन का कुछ हिस्सा धर्म-कर्म तथा समाजसेवा में लगाने की सीख दी। कथा वाचक ने कहा कि दीन-दुखियों की सेवा करने से जीवन सफल होता है। इसलिए हर व्यक्ति को जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करनी चाहिए। कथा के दौरान मौके पर भगवान को छप्पन भोग लगाया गया। आयोजन समिति सदस्य रामचन्द्र मीणा व मनोज बड़सीवाल ने बताया कि 29 अप्रेल से प्रतिदिन दोपहर तीन बजे से श्री भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कथा का समापन छह मई को हवन यज्ञ में पूर्णाहुति के साथ होगा। इसके बाद भंडारा लगाया जाएगा।

Updated on:
03 May 2024 06:52 pm
Published on:
03 May 2024 06:52 pm