हनुमानगढ़. जिला मुख्यालय पर कृषि मेले का आगाज शनिवार को हुआ। जिला प्रशासन हनुमानगढ़, एमएसएमई एवं श्री खुशालदास विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में ‘पंच गौरव अन्नदाता से अन्नपूर्णा तक का समृद्धि पथ’ थीम पर तीन दिवसीय कृषि मेला सूरतगढ़ रोड़ स्थित श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय में शुरू हुआ। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र पाल सिंह टीटी, […]
हनुमानगढ़. जिला मुख्यालय पर कृषि मेले का आगाज शनिवार को हुआ। जिला प्रशासन हनुमानगढ़, एमएसएमई एवं श्री खुशालदास विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में 'पंच गौरव अन्नदाता से अन्नपूर्णा तक का समृद्धि पथ' थीम पर तीन दिवसीय कृषि मेला सूरतगढ़ रोड़ स्थित श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय में शुरू हुआ। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र पाल सिंह टीटी, पूर्व केंद्रीय मंत्री निहालचंद मेघवाल, जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव, कोटा कृषि विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर डॉ. विमला मेघवाल, महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय बीकानेर के कुलपति प्रो. मनोज कुमार दीक्षित, भाजपा नेता प्रियंका बेलान, जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओम प्रकाश बिश्नोई,श्री गुरु गोविन्द सिंह चेरिटेबल ट्रस्ट अध्यक्ष बाबू लाल जुनेजा, यूनिवर्सिटी के चेयरपर्सन वरुण यादव आदि ने विधिवत रूप से मेले का शुभारंभ किया। शुभारंभ पर कृषकों की भारी भीड़ उमड़ी। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल सिंह टीटी ने कहा कि जिला प्रशासन एवं श्री खुशालदास विश्वविद्यालय का यह प्रयास किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। मेले में किसानों को जैविक खेती, आधुनिक तकनीकों और नवाचारों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी, जिससे वे उन्नत कृषि की ओर अग्रसर होंगे। सरकार किसानों के कल्याण को लेकर प्रयासरत है। यह मेला क्रांति के रूप में आगे बढ़ेगा। श्री गुरु गोविन्द सिंह चेरिटेबल ट्रस्ट अध्यक्ष बाबू लाल जुनेजा ने कहा कि यह मेला विशेष रूप से उन किसानों को समर्पित है जो नए प्रयोग करना चाहते हैं। देशभर से आए किसानों को नि:शुल्क स्टॉल उपलब्ध करवाए गए हैं। साथ ही राजस्थान की राजीविका से जुड़ी महिलाओं को भी प्रोत्साहन स्वरूप नि:शुल्क स्थान प्रदान किया गया है। जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव ने बताया कि गत वर्ष शुरू किए गए नवाचारों को इस बार और व्यापक रूप दिया गया है। कृषि प्रधान जिले में किसानों की आय वृद्धि के लिए देशभर के कृषि वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में मंथन किया जाएगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री निहालचंद मेघवाल ने कहा कि श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले में शुरू हुई यह पहल ऐतिहासिक है। तीन दिवसीय मेले में वैज्ञानिक किसानों को उत्पादन बढ़ाने और समृद्धि के उपायों पर मार्गदर्शन देंगे। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय बीकानेर के कुलपति प्रो. मनोज कुमार दीक्षित ने कहा कि हनुमानगढ़ जिला कृषि प्रधान है और एसकेडी यूनिवर्सिटी कृषि के क्षेत्र में नवाचारों के माध्यम से सफलता का सोपान तय कर रही है। भाजपा नेता अमित सहू ने कहा कि मेले में उन्नत एवं जैविक खेती की नवीन तकनीकों को सीखने का अवसर मिलेगा, जिससे किसान आत्मनिर्भर बन सकेंगे।श्री गुरु गोविन्द सिंह चेरिटेबल ट्रस्ट उपाध्यक्ष कृष्णा यादव ने कहा कि कृषक साथी लैब की किस्मों को भूमि पर लाए। यह मेला किसानों की आय को दुगनी करने में अहम भूमिका निभाएगा। रिटायर्ड आईजी गिरीश चावला ने किसानों से अपील की कि वे फसलों पर अनावश्यक रूप से रासायनिक कीटनाशकों का छिडक़ाव नहीं करें। क्योंकि इससे जमीन की उर्वरता शक्ति खत्म हो रही है। कांग्रेस नेता विजया चौधरी ने विश्वास व्यक्त किया कि यह मेला किसानों की तकदीर बदलेगा। कहा कि कृषि वैज्ञानिकों के पास तकनीक और किसानों के पास अनुभव है। दोनों के मिलने पर ही वास्तव में कृषि का विकास हो सकता है। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू, पूर्व अध्यक्ष बलवीर बिश्नोई, देवेंद्र पारीक, देवेंद्र अग्रवाल, पूर्व विधायक कृष्ण करवा, यूनिवर्सिटी प्रबंध निदेशक दिनेश जुनेजा, डॉ. रामावतार मीणा, जगतार सिंह बराड़, पूर्व विधायक धर्मेंद्र मोची, पूर्व जिला प्रमुख दमयंती बेनिवाल, भीष्म कौशिक, अमन संधू, जसप्रीत सिंह सिद्धू, सरस डेयरी एमडी उग्रसेन सहारण, देवस्थान विभाग सहायक आयुक्त ओमप्रकाश, जिला उद्योग केंद्र महाप्रबंधक आकाशदीप सिद्धू, अश्विनी नारंग, विजय कौशिक, उपनिदेशक उद्यान रमेश बराला, कृषि (आत्मा) उपनिदेशक डॉ. सुभाष चन्द्र डूडी, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. प्रमोद यादव आदि मौजूद रहे।
नवीन वैज्ञानिक नवाचारों पर हुए केंद्रित तकनीकी सत्र
कृषि, पशुपालन एवं किसानों की आय बढ़ाने से जुड़े नवीन वैज्ञानिक नवाचारों पर केंद्रित तकनीकी सत्रों के आयोजन भी हुए। इन तकनीकी सत्रों में देशभर से प्रतिष्ठित कृषि वैज्ञानिक, पशु वैज्ञानिक एवं आईसीएआर संस्थानों के विशेषज्ञ उपस्थित रहे। पशुधन के जरिए आय बढ़ाने के पशुपालन मॉडल प्रस्तुत किए गए। ड्रोन प्रदर्शन, जैविक खेती प्रदर्शनी, बागवानी, पशुपालन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहे। मेले में पहले दिन डॉ. गुलजार एस. संघेरा, निदेशक, पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (पीएयू), कपूरथला गन्ना उत्पादन एवं संरक्षण तकनीकों पर व्याख्यान दिया। डॉ. अनिल घोडेला, पशु चिकित्सा अधिकारी, पशुपालन विभाग हनुमानगढ़ ने पशु प्रजनन एवं प्रबंधन (एनएलएम योजना) पर किसानों से महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
मन्नत नूर ने बांधा समां
कृषि मेले के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में किसानों की भीड़ उमड़ी। प्रसिद्ध बॉलीवुड और पंजाबी गायिका मन्नत नूर के गीतों ने कार्यक्रम में खूब समां बांधा। उनका सुपरहिट गाना "तू लोंग वे मैं लाची" दर्शकों का पसंदीदा बन गया और लोकप्रिय मांग पर इसे दो बार प्रस्तुत किया गया। मशहूर कॉमेडियन ख्याली सहारण और साहित्यकार विनोद स्वामी उपस्थित रहे।