पुरुषोत्तम झा. हनुमानगढ़. खेती में नवाचार को अपनाने के लिए सरकार स्तर पर किसानों को लगातार प्रेरित किया जा रहा है। परंतु जिले में हालात ऐसे हैं कि बूंद-बूंद सिंचाई की तरफ कदम बढ़ाने का नवाचार करने वाले कई किसान अब आंसू बहाने को मजबूर हो रहे हैं। स्थिति यह है कि खेतों में डिग्गी […]
पुरुषोत्तम झा. हनुमानगढ़. खेती में नवाचार को अपनाने के लिए सरकार स्तर पर किसानों को लगातार प्रेरित किया जा रहा है। परंतु जिले में हालात ऐसे हैं कि बूंद-बूंद सिंचाई की तरफ कदम बढ़ाने का नवाचार करने वाले कई किसान अब आंसू बहाने को मजबूर हो रहे हैं। स्थिति यह है कि खेतों में डिग्गी बनाने वाले जिले के 829 किसानों का अनुदान करीब आठ महीने से अटका हुआ है।
प्रति किसान तीन लाख रुपए के हिसाब से करीब 25 करोड़ का अनुदान अटकने से किसान आर्थिक संकट में फंसे हुए हैं। अनुदान की आस में कुछ किसानों ने बाजार से ब्याज पर पैसे लेकर खेतों में डिग्गियां बनाई। लंबे समय से भुगतान अटकने की वजह से इन किसानों की मुसीबत ज्यादा बढ़ गई है।
विडम्बना ही कहेंगे कि करीब आठ महीने बाद भी केंद्र सरकार अनुदान जारी करने को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रही। इस स्थिति में किसान कृषि विभाग के चक्कर काटने को मजबूर हो रहे हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भुगतान को लेकर सरकार को पांच-छह बार रिमाइंडर भेजा है। सरकार स्तर पर बजट उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा। इस वजह से अनुदान नहीं मिल पा रहा है।
जैसे ही बजट जारी होगा, किसानों के खातों में जमा करवा दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार जून 2025 तक अटल भू-जल योजना में उक्त डिग्गियां बनाई गई थी। इसमें पहले इसकी अवधि 31 मार्च निर्धारित थी। बाद में इसकी अवधि बढ़ाकर 30 जून कर दी गई थी। हालांकि ज्यादातर किसानों ने मार्च में ही डिग्गियां बना ली थी। इस लिहाज से भुगतान करीब एक वर्ष से लंबित कह सकते हैं। वहीं अवधि बढ़ाने के बाद भी कुछ किसानों ने डिग्गियां बनाई। लेकिन सरकार अनुदान जारी करने में अब दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। इस वजह से किसान मायूस हो रहे हैं।
केंद्र की सुस्ती
डिग्गी अनुदान जारी करने में केंद्र सरकार जहां सुस्ती दिखा रही है। वहीं राज्य सरकार इसे लेकर गंभीर नजर आ रही है। कृषि अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2025-26 में हनुमानगढ़ जिले में 1068 डिग्गी बनाने का लक्ष्य दिया गया था। इसके तहत डिग्गी बनाने वाले किसानों को अनुदान जारी किया जा रहा है। राज्य सरकार की ओर से स्वीकृत डिग्गियों में बजट की कमी नहीं है।
कई किसान कतार में
हनुमानगढ़ जिले में डिग्गी बनाने के लिए पंद्रह हजार से अधिक किसानों ने आवेदन किया है। जबकि डिग्गी बनाने के लक्ष्य 1068 ही जारी किए। आगामी वर्ष में भी सरकार लक्ष्य आवंटित करने में जल्दबाजी नहीं कर रही है। ऐसे में बूंद-बूंद सिंचाई की तरफ किसान कैसे कदम आगे बढ़ाएं, यह सोचने का विषय है। डिग्गी निर्माण पर पांच से छह लाख रुपए की लागत आती है। अकेले किसान के लिए इतनी राशि खर्च करना संभव नहीं होता। इसलिए सरकार सामान्य किसानों को तीन लाख रुपए अनुदान दे रही है।