https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. गेहूं की सरकारी खरीद के बाद मंडियों में उठाव कार्य की गति तेज करने की मांग व्यापारी एक पखवाड़े से कर रहे हैं। इस दौरान जंक्शन धान मंडी से गेहूं उठाव के लिए बारदाना वितरण कार्य के दौरान शनिवार को व्यापारियों और एफसीआई अधिकारियों में विवाद हो गया।
हनुमानगढ़: बारदाने की मांग को लेकर अफसर-व्यापारी हुए आमने-सामने
-बाहर भेजे जा रहे बारदाने के ट्रक को रोककर व्यापारियों ने जताया रोष
-मंडियों में इस समय 37972.58 एमटी गेहूं का उठाव बाकी
हनुमानगढ़. गेहूं की सरकारी खरीद के बाद मंडियों में उठाव कार्य की गति तेज करने की मांग व्यापारी एक पखवाड़े से कर रहे हैं। इस दौरान जंक्शन धान मंडी से गेहूं उठाव के लिए बारदाना वितरण कार्य के दौरान शनिवार को व्यापारियों और एफसीआई अधिकारियों में विवाद हो गया। जानकारी के अनुसार जंक्शन के व्यापारियों ने बारदाना की 625 गांठों की मांग की थी। जबकि 150 गांठें मिलने पर सभी व्यापारी आक्रोशित हो गए। व्यापारियों ने जंक्शन के सेंट्रल वेयर हाऊस में बारदाना लेकर बाहर जा रहे ट्रक को रोक लिया। मांग के अनुसार गांठें नहीं मिलने तक बारदाना बाहर की मंडियों में नहीं जाने की चेतावनी दी। इस घटनाक्रम के बाद कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। कुछ देर तक दोनों पक्षों में गहमा-गहमी चलती रही। विवाद बढऩे पर जंक्शन पुलिस भी मौके पर पहुंची और व्यापारियों से समझाइश की। इस दौरान आक्रोशित व्यापारियों ने अधिकारियों पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। व्यापारियों ने बताया कि सरकारी तंत्र किसानों व व्यापारियों को परेशान करने में लगा हुआ है। हालात ऐसेे हो रहे हैं कि आए दिन बरसात और अंधड़ आ रही है। ऐसे मौसम में किसान फसल बेचने के लिए मंडी में बैठा है। परंतु अधिकारियों की मनमर्जी के चलते किसानों की फसल बिकने के बाद इनका उठाव भी कई दिनों तक नहीं हो पा रहा है। जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
व्यापारियों में बढ़ेगा मतभेद
जंक्शन अनाज मंडी में व्यापारी नेता महावीर सहारण ने आरोप लगाया कि एफसीआई अधिकारी व्यापारियों के साथ सहयोगात्मक रवैया नहीं अपना रहे। इसलिए व्यापारियों ने बाहर भेजे जा रहे बारदाने के ट्रक को रोककर रोष जताया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि कम बारदाना मिलने से व्यापारियों में आपसी मतभेद बढ़ेगा। अधिकारी तानाशाही रवैया अपना रहे हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
किसानों को साथ में लेकर आंदोलन की चेतावनी
व्यापारी नेता प्यारेलाल बंसल ने आरोप लगाया कि पूर्व के इंडेंट के अनुसार ६५० गांठ बारादाना देने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन अब अधिकारी दूसरी मंडियों में कमी का हवाला देकर यहां आवंटित बारदाने को बाहर की मंडी में भेज रहे हैं। ऐसा करने से जंक्शन मंडी में उठाव कार्य प्रभावित होगा। वहीं एफसीआई अधिकारियों का कहना है कि आवश्यकता के अनुसार सभी मंडियों में बारदाना दिया जा रहा है। जंक्शन मंडी में जरूरत पडऩे पर और बारदाना आवंटित कर दिया जाएगा।
उठाव की गति मंद
जिले में चालू सीजन में १८ जगह गेहूं की सरकारी खरीद चल रही है। चालू वर्ष में १९७५ रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं की सरकारी खरीद की जा रही है। जिले में बीस मई तक ३१४०६ किसानों से ४७२९१६.२३ एमटी गेहूं की खरीद की गई है। जबकि उठाव ४३४९४३.६५ एमटी हुआ है। इस तरह ३७९७२.५८ एमटी गेहूं का उठाव अभी शेष है। व्यापारियों का कहना है कि उठाव कार्य की गति तभी तेज होगी, जब मंडियों में पर्याप्त बारदाना उपलब्ध होगा।
......फैक्ट फाइल....
-चालू वर्ष में अभी तक ३१४०६ किसानों से ४७२९१६.२३ एमटी गेहूं की खरीद की गई है।
-जिले की मंडियों में बीस मई तक उठाव ४३४९४३.६५ एमटी हुआ है।
-जिले की सभी मंडियों में अभी तक ३७९७२.५८ एमटी गेहूं का उठाव होना अभी शेष है।
-चालू सीजन में गेहूं की सरकारी खरीद के बाद खरीद एजेसिंयों ने अभी तक २३५२३ किसानों को ६९१.६२ करोड़ का भुगतान कर दिया है।