हनुमानगढ़

दफनाने के एक माह बाद कब्र से शव निकाल दोबारा पोस्टमार्टम

-परिजनों ने एसडीएम से लगाई थी मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने की गुहार
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Updated: 8 Mar 2018, 9:02 PM IST
graveyard
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हनुमानगढ़.

युवक की हत्या कर शव नहर में डालने के प्रकरण में करीब एक माह पूर्व दफनाए गए शव को गुरुवार को कब्र से निकाल दोबारा पोस्टमार्टम किया गया। उपखंड अधिकारी सुरेंद्र राजपुरोहित की मौजूदगी में टाउन पुलिस ने गांव चोहिलांवाली के चक 14 एमडब्ल्यूएम स्थित मेघवाल समाज की श्मशान भूमि में दफनाए गए अशोक कुमार (35) पुत्र सोहनलाल मेघवाल निवासी चोहिलांवाली के शव को कब्र खुदवाकर बाहर निकलवाया।


दो सदस्यीय मेडिकल बोर्ड में शामिल राजकीय जिला चिकित्सालय के मेडिकल ज्यूरिस्ट डॉ. शंकर सोनी व डॉ. अमृतपाल ने शव का पोस्टमार्टम किया। मेडिकल ज्यूरिस्ट डॉ. सोनी ने बताया कि पोस्टमार्टम के दौरान मृतक के शरीर पर कोई गम्भीर चोट नहीं मिली जिससे मौत हो सके। फिर भी मृत्यु का सटीक कारण जानने को एफएसएल जांच के लिए सैंपल लिया गया है। टाउन थाना प्रभारी मोहम्मद अनवर ने बताया कि अशोक का शव सात फरवरी को जिले के पीलीबंगा पुलिस थाना क्षेत्र में 47 एनडीआर के पास नहर में मिला था।


इस संबंध में उसी दिन रामस्वरूप पुत्र हजारीराम मेघवाल निवासी चोहिलांवाली ने मर्ग दर्ज करवाई थी कि उसका भतीजा अशोक सुबह करीब पांच बजे कालूराम पुत्र मंगतूराम के खेत में पानी लगाने गया था। उसने मोबाइल पर सम्पर्क किया तो अशोक ने फोन नहीं उठाया। जब वह खेत पहुंचा तो अशोक वहां नहीं मिला। उसने इधर-उधर तलाश की लेकिन उसका पता नहीं चला। वह 47 एनडीआर के पास मुख्य पुल पर पहुंचा तो नहर में उसका शव पड़ा हुआ था। तब पीलीबंगा पुलिस ने मर्ग दर्ज करने के बाद शव पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया। लेकिन परिजन इससे संतुष्ट नहीं हुए। शव बरामद होने के आठ दिन बाद ही मृतक के परिजनों ने तीन जनों पर हत्या का अंदेशा जताते हुए टाउन पुलिस थाने में हत्या के आरोप में मामला दर्ज करवाया था। रामस्वरूप मेघवाल ने मामला दर्ज करवाते हुए बताया था कि जिस दिन उसका भतीजा अशोक कुमार चक 26 एनडीआर स्थित खेत में पानी लगाने गया था। पीछे से कालूराम, उसका भतीजा संदीप व देवकरण भी खेत में गए थे।


नहर में अशोक का शव मिलने की सूचना पीलीबंगा पुलिस को देकर मर्ग दर्ज करवाई। लेकिन अशोक के सिर पर गहरी चोट का निशान था। उन्हें अंदेशा है कि हत्या को छुपाने के लिए कालूराम के खेत में अशोक की हत्या कर शव को नहर में डाल दिया गया। रामस्वरूप ने शक जताया कि अशोक की हत्या करने में कालूराम, उसके भतीजे संदीप व देवकरण संलिप्त हो सकते हैं। इस पर तीनों आरोपितों के खिलाफ भादंसं की धारा 302 के तहत नामजद मामला दर्ज किया। थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने के लिए उपखंड अधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया था। इस पर गुरुवार को शव को कब्र से निकलवा पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई। सुबह 11 से दोपहर ढाई बजे तक चली पोस्टमार्टम की कार्रवाई के दौरान सरपंच पति रामविलास चोयल सहित कई ग्रामीण मौजूद थे।

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