हनुमानगढ़

राजस्थान: गर्भ में बेटी बताकर कराता था गर्भपात, सैकड़ों अजन्मे बच्चों की हत्या की आशंका; हरियाणा से शातिर दलाल गिरफ्तार

राजस्थान पीसीपीएनडीटी टीम ने हरियाणा के डबवाली में अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण गिरोह के शातिर दलाल राकेश कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी 36,500 रुपए लेकर गर्भस्थ शिशु का लिंग बताने और झूठी जानकारी देकर गर्भपात के लिए उकसाने का आरोपित है।
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Updated: 16 Jul 2026, 7:29 PM IST
Hanumangarh News
हनुमानगढ़ में जांच दल की गिरफ्त में आरोपी राकेश कुमार (पत्रिका फोटो)

हनुमानगढ़: राजस्थान पीसीपीएनडीटी (गर्भधारण पूर्व और प्रसवपूर्व निदान तकनीक: यह भारत में कन्या भ्रूण हत्या को रोकने और घटते लिंग अनुपात में सुधार के लिए 1994 में लागू किया गया एक अधिनियम है) टीम ने हरियाणा के डबवाली में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण गिरोह से जुड़े शातिर दलाल को दबोचा है। जबकि उसके साथी एक अन्य आरोपी की तलाश में पुलिस जुटी हुई है। आरोपी किसी अल्ट्रासाउंड सोनोग्राफी सेंटर पर गर्भवती की जांच कराने के बाद अपने स्तर पर ही मनमर्जी से गर्भस्थ शिशु का लिंग बता देता था।

अधिकांशत: वह गर्भस्थ शिशु को बेटी बताता था, ताकि गर्भ समापन आदि करवाए तो हजारों रुपए और ऐंठे जा सके। गिरफ्तार आरोपी राकेश कुमार निवासी गांव रतनपुरा तहसील संगरिया भ्रूण लिंग जांच से जुड़ा आदतन अपराधी है। उसे पूर्व में भी पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया जा चुका है।

एनएचएम के प्रबंध निदेशक डॉ. जोगाराम ने बताया कि पीसीपीएनडीटी टीम पिछले छह महीने से गिरोह की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए थी। आरोपी दलाल हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, चूरू और बीकानेर जिले से गर्भवती महिलाओं को हरियाणा ले जाकर इस तरह के कार्य करता था। इसे लेकर टीम ने दो बार डिकॉय कार्रवाई का प्रयास किया। लेकिन आरोपी हर बार बच निकला।

आरोपी राकेश कुमार

बोगस ग्राहक बनाकर दलाल से करवाया संपर्क

तीसरे प्रयास में गर्भवती महिला को बोगस ग्राहक बनाकर दलाल से संपर्क किया गया। दलाल ने भ्रूण लिंग परीक्षण के लिए 36,500 रुपए की मांग की, जिसके बाद महिला को हरियाणा के डबवाली स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया। पूरे घटनाक्रम पर पीसीपीएनडीटी टीम लगातार नजर बनाए रही। अस्पताल में सोनोग्राफी एवं अन्य जांच के बाद जैसे ही दलाल ने कथित रूप से भ्रूण का लिंग बताकर महिला को बाहर भेजा, पहले से तैनात टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।

कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त

कार्रवाई के दौरान अस्पताल से संबंधित दस्तावेज, सोनोग्राफी रिकॉर्ड एवं अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त कर लिए गए। पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों एवं संबंधित अस्पताल की भूमिका की भी जांच की जा रही है। बीकानेर संयुक्त निदेशक डॉ. देवेंद्र चौधरी के नेतृत्व में गठित पीसीपीएनडीटी टीम में पीबीआई थाना, जयपुर की सीआई संतोष, मंजू एवं एएसआई द्वारका, सीएमएचओ डॉ. पुखराज दास, सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा, पीसीपीएनडीटी प्रभारी महेंद्र सिंह चारण, नंदलाल पुनिया, रणदीप सिंह, सीओआईईसी विनोद बिश्नोई, कांस्टेबल सानू व मुकेश कुमार सहित कई अन्य अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे।

सैकड़ों अजन्मे बच्चों की हत्या

संयुक्त निदेशक बीकानेर देवेंद्र चौधरी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह फर्जी भ्रूण लिंग जांच के नाम पर लोगों को गुमराह करता रहा है। अधिकांश मामलों में गर्भ में बेटी होने की झूठी जानकारी देकर गर्भपात के लिए प्रेरित करता। आशंका है कि इस अवैध कारोबार के कारण अब तक सैकड़ों अजन्मे बेटों और बेटियों को मारा गया है। क्योंकि यह गिरोह लंबे समय से राजस्थान और हरियाणा के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय था।

आरोपी बहुत शातिर, दो बार दे गया चकमा

जांच टीम के अनुसार, मुख्य दलाल संगरिया निवासी राकेश कुमार इतना शातिर है कि वह गर्भवती एवं उसके परिजनों की डिटेल लेकर स्वयं पड़ताल करता था। उसके बाद वह अपने निजी लोगों से भी संबंधित एरिया में पूछताछ करता, ताकि स्पष्ट हो सके कि वे चिकित्सा विभाग आदि की टीम के लोग तो नहीं हैं।

इसके अलावा आरोपी स्वयं मिलने की बजाए फोन पर ही बात करता था, ताकि कोई पहचान न सके। इस मामले में आरोपी ने पैसे नकद नहीं लिए। कारण बताया कि पीसीपीएनडीटी टीम रंगे हाथों पकड़ लेती है, जिस कारण उसने ऑनलाइन पेमेंट ली।

पहले भी पकड़ा, मामला कोर्ट में

संयुक्त निदेशक बीकानेर देवेंद्र चौधरी ने बताया कि आरोपी राकेश कुमार को साल 2019 में पीसीपीएनडीटी टीम ने पकड़ा था। आरोपी का खुद का संगरिया में अल्ट्रासाउंड केंद्र था, जहां सोनोग्राफी जांच के लिए चिकित्सक नियुक्त कर रखा था।
चिकित्सक जब जांच रिपोर्ट देता तो आरोपी अपने स्तर पर गर्भस्थ शिशु का बताता था। कार्रवाई के बाद अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद हो गया तथा मामला कोर्ट में विचाराधीन है। पिछले दो-तीन साल से आरोपी दोबारा फर्जी भ्रूण लिंग जांच करवाने और गर्भस्थ शिशु को बेटी बताकर गर्भ समापन करने में लग गया।

Updated on:
16 Jul 2026, 7:29 PM IST
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