यमुना का पानी राजस्थान में लाने के लिए राज्य सरकार अब फूंक-फूंक कर कदम बढ़ा रही है। जल संसाधन विभाग की एक टीम जल्द ही ताजेवाला हैड जाएगी और सर्वे कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देगी।
भवनेश गुप्ता
यमुना का पानी राजस्थान में लाने के लिए राज्य सरकार अब फूंक-फूंक कर कदम बढ़ा रही है। इसके लिए हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज (ताजेवाला हैड) पर खुद का पंप हाउस (इन्टेक) बनाएंगे, ताकि पानी वितरण को लेकर हरियाणा पर किसी तरह की निर्भरता नहीं रहे और सीधे चूरू, झुंझुनूं और सीकर में पानी पहुंच सके।
जल संसाधन विभाग की एक टीम जल्द ही ताजेवाला हैड जाएगी और सर्वे कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देगी। दरअसल, यमुना जल पर सहमति के बाद हरियाणा के तत्कालीन मुयमंत्री मनोहर लाल खट्टर के विधानसभा में दिए गए बयान को लेकर सवाल खड़े हो गए थे। इसके मद्देनजर राजस्थान सरकार हर वो कदम उठा रही है, जिससे प्रदेश के लिए निर्धारित पानी मिलने में किसी तरह का अड़ंगा नहीं लगे।
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इस बयान के बाद गरमाई थी सियासत
डीपीआर बनाने पर समझौते के महज दस दिन बाद खट्टर ने हरियाणा विधानसभा में कहा था कि पहले हरियाणा की पानी की जरूरत 18,000 क्यूसेक थी, जो मौजूदा वक्त में बढ़ कर 24,000 क्यूसेक हो गई है। इस जरूरत को पूरा करने के बाद यदि बरसात के 15 से 20 दिन में हरियाणा में अतिरिक्त पानी आता है तो ही राजस्थान को अतिरिक्त पानी दिया जाएगा।
हरियाणा और राजस्थान के बीच जो जल समझौता है, उसके अनुसार प्रदेश को पानी मिले इसलिए हर संभव काम किया जा रहा है। ताजेवाला हैड पर प्रस्तावित पंप हाउस भी उसी का हिस्सा है। एक टीम को वहां भेज रहे हैं।
भुवन भास्कर, मुय अभियंता, जल संसाधन विभाग