
हनुमानगढ़। जिला कलक्टर उस समय बिफर गए जब निरीक्षण के लिए राजकीय विद्यालय पहुंचे। दरअसल, शिक्षा विभाग की ओर से दो दिवसीय विशेष अभियान के तहत मंगलवार को मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा दुग्ध योजना की व्यवस्था जांची गई। प्रशासनिक व शिक्षा अधिकारियों ने विभिन्न पाठशालाओं में दूध की गुणवत्ता व वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। जांच पूर्व निर्धारित होने के कारण कहीं कोई गड़बड़झाला तो सामने नहीं आया लेकिन, कलक्टर दिनेशचंद्र जैन गांव जोड़कियां स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में रसोई की हालत देख चौंक गए।
17 सीसी का थमाया नोटिस
कलक्टर ने संस्था प्रधान व पोषाहार प्रभारी को फटकार लगाई और कहा कि अपने घर की रसोई को ऐसे ही रखते हो क्या। इसका वे कोई जवाब नहीं दे सके। कलक्टर ने संस्था प्रधान व पोषाहार प्रभारी को 17 सीसी का नोटिस जारी करने का आदेश दिया। इधर, विभिन्न स्कूलों की जांच के दौरान संस्था प्रधानों व पोषाहार प्रभारियों ने दूध वितरण में आ रही परेशानियों को लेकर अधिकारियों को अवगत कराया।
दूध से अधिकारियों को कराया अवगत
संस्था प्रधानों ने आरोप लगाया है कि दूध में मिठास के लिए कोई बजट नहीं मिलने से संस्था प्रभारियों को काफी परेशानी आ रही हैं। प्राथमिक कक्षाओं के बच्चे फीका दूध पीने में ना-नुकर करते हैं। विद्यालयों में डेयरी की ओर से दूध वितरण के समय को लेकर भी दिक्कत आना सामने आया है। दूरस्थ क्षेत्र के विद्यालयों में दूध देरी से पहुंचता है। जबकि कई स्कूल में जल्दी दूध पहुंच जाता है। विद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नहीं है। ऐसे में दूध की डिलीवरी लेने के लिए विद्यालय समय से पहले कोई मौजूद नहीं रहता। संस्था प्रधानों ने डेयरी के वाहन से दूध वितरण का समय विद्यालय खुलने से आधा घंटा पहले या विद्यालय खुलने के आधा घंटा बाद तक करने की मांग की।
ग्रामीण दूध वितरण पर रखें नजर
जिला कलक्टर ने गांव जोड़कियां स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। दूध के स्वाद आदि को लेकर छात्रों से बातचीत की। इस दौरान ग्रामीणों से भी दूध वितरण पर नजर रखने के लिए कहा।