
राजस्थान की राजनीति और वकालत की दुनिया का एक चमकता सितारा आज हमेशा-हमेशा के लिए अस्त हो गया। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के वरिष्ठ नेता, प्रखर वक्ता और बार काउंसिल ऑफ राजस्थान (BCR) के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट नवरंग चौधरी का हृदय गति रुकने से निधन हो गया। बताया जा रहा है कि 73 वर्षीय चौधरी सीकर से श्रीगंगानगर की ओर ट्रेन से यात्रा कर रहे थे, तभी हनुमानगढ़ के समीप उनकी तबीयत बिगड़ी। जब तक उन्हें अस्पताल पहुँचाया जाता, नियति अपना फैसला सुना चुकी थी। उनके निधन की खबर फैलते ही श्रीगंगानगर से लेकर जयपुर तक के अधिवक्ता और राजनीतिक कार्यकर्ता स्तब्ध रह गए।
जानकारी के अनुसार, नवरंग चौधरी सीकर में एक कार्यक्रम के बाद वापस अपने गृह नगर श्रीगंगानगर लौट रहे थे। ट्रेन में तबीयत बिगड़ने की सूचना पर राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने उन्हें तुरंत हनुमानगढ़ अस्पताल पहुँचाया।
अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। खबर मिलते ही हनुमानगढ़ के स्थानीय अधिवक्ता और CPM कार्यकर्ता भारी संख्या में मोर्चरी के बाहर एकत्र हो गए। अब उनके पार्थिव देह को सम्मानपूर्वक श्रीगंगानगर लाया जा रहा है।
नवरंग चौधरी केवल एक अधिवक्ता नहीं थे, वे संघर्ष के प्रतीक थे।
नवरंग सिंह चौधरी का न्यायिक कद बेहद ऊंचा था।
नवरंग चौधरी का निधन राजस्थान के लिए एक युग का अंत है। वे उस पीढ़ी के नेता थे जो ड्राइंग रूम की राजनीति के बजाय सड़क पर उतरकर संघर्ष करने में विश्वास रखते थे। श्रीगंगानगर की गलियों से लेकर कोर्ट की दहलीज तक, उनकी कमी हमेशा खलेगी।