नगरपरिषद चिकित्सालय में दवाइयां नहीं होने की अर्जी अभी तक सरकार तक नहीं पहुंची। चिकित्सालय में पिछले कई दिनों से दवाओं की कमी चल रही है।
हनुमानगढ़.
नगरपरिषद चिकित्सालय में दवाइयां नहीं होने की अर्जी अभी तक सरकार तक नहीं पहुंची। चिकित्सालय में पिछले कई दिनों से दवाओं की कमी चल रही है। इसको लेकर नगर परिषद, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधि कोई भी गंभीर दिखाई नहीं दिया तो शहर के नागरिक आगे आकर हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। चिकित्सालय में दवा की कमी के चलते कई दानदाताओं और दवा विक्रेताओं ने निशुल्क दवा उपलब्ध कराई है। इससे अगले पंद्रह दिन तक मरीजों को निशुल्क दवा का वितरण किया जा सकेगा। इतना ही नहीं दवा कंपनियोंं के प्रतिनिधियों ने भी चिकित्सालय को सैंपल मुहैया करवाए हैं ताकि किसी भी तरह व्यवस्था खराब न हो। इन हालातों में भी नगरपरिषद के अधिकारी सरकार से निशुल्क दवा की मांग करने के लिए अभी तक कागजी कार्रवाई पूरी नहीं कर पाए हैं। उल्लेखनीय है कि गत माह ऑडिट पार्टी ने नगरपरिषद की ओर से प्रत्येक वर्ष दस लाख की दवा खरीदने पर रोक लगा दी थी। ऑडिट में शामिल अधिकारियों का तर्क दिया कि जब राज्य सरकार मुख्यमंत्री निशुल्क योजना के अंतर्गत सभी चिकित्सालयों में निशुल्क दवा का वितरण कर रही है तो नगर परिषद का प्रत्येक वर्ष दस लाख रुपए की दवा खरीद करना कहां उचित है। इसके बाद चिकित्सालय की ओर से दवा की खरीद नहीं हुई। इससे मरीजों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
आगे क्या
नगरपरिषद के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. केदार गुप्ता ने बताया कि फाइल पर आयुक्त के हस्ताक्षर होने शेष है। सोमवार को हस्ताक्षर होते ही अनुमति के लिए फाइल जयपुर भेजी जाएगी। चिकित्सालय में व्यवस्था खराब न हो इसके लिए शहर के निजी अस्पतालों के चिकित्सकों से उनके अस्पतालों में पड़ी अतिरिक्त दवा परिषद चिकित्सालय को देने का आग्रह किया जाएगा।