हनुमानगढ़

जिनके भरोसे पतवार, वही डूबाने पर तुले

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. सहकारी बैंकों में मनमर्जी से ऋण वितरण के मामले लगातार आ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि कई मामलों में तो ऋण वितरण के बाद ऋणी व्यक्ति ब्याज तो दूर मूलधन भी जमा नहीं करवा रहे। हैरान करने वाली बात यह है कि जिन सहकारी बैंककर्मियों के हाथों में संस्था की तरक्की रूपी नाव की पतवार दी गई है, उनकी भूमिका भी कई मायने में संदिग्ध नजर आ रही है।  

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जिनके भरोसे पतवार, वही डूबाने पर तुले

जिनके भरोसे पतवार, वही डूबाने पर तुले
-भूमि विकास बैंक में मिलीभगत से ऋण जारी करके नुकसान पहुंचाने का मामला आया सामने
-फर्जी तरीके से लोन वितरित करने से बैंक को पहुंचा नुकसान

हनुमानगढ़. सहकारी बैंकों में मनमर्जी से ऋण वितरण के मामले लगातार आ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि कई मामलों में तो ऋण वितरण के बाद ऋणी व्यक्ति ब्याज तो दूर मूलधन भी जमा नहीं करवा रहे। हैरान करने वाली बात यह है कि जिन सहकारी बैंककर्मियों के हाथों में संस्था की तरक्की रूपी नाव की पतवार दी गई है, उनकी भूमिका भी कई मायने में संदिग्ध नजर आ रही है। ऐसे मामलों में तत्कालीन बैंक स्टॉफ की ओर से गई अनियमितता की जांच व ऋण वसूली को लेकर वर्तमान में बैंक प्रबंधन स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
इसी कड़ी में एक ताजा प्रकरण पीलीबंगा का सामने आया है। इसमें हनुमानगढ़ सहकारी भूमि विकास बैंक लिमिटेड की ओर से २२ नवम्बर २००६ को एक व्यक्ति को चार लाख रुपए का आवास ऋण वितरित कर दिया गया था। ऋण वितरण के बाद वसूली नहीं होने पर इसकी जांच की गई तो कुछ बैंक स्टॉफ की मिलीभगत भी सामने आई है। नियम विरुद्ध तरीके से ऋण वितरण करने के मामले में तत्कालीन शाखा सचिव, भूमि मूल्यांकन अधिकारी, ऋण शाखा प्रभारी आदि की भूमिका संदिग्ध होने पर अब वर्तमान में हनुमानगढ़ सहकारी भूमि विकास बैंक लिमिटेड के सचिव पीडी चारण ने प्रकरण की जांच करवाकर इसकी फाइल तैयार कर ली है। इसके बाद शाखा सचिव कृष्ण कुमार जांदू ने नियम विरुद्ध ऋण जारी करने वाले बैंक स्टॉफ व ऋणी किसान के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर जंक्शन थाने में परिवाद सौंपा है। इसमें कूटरचित तरीके से धोखाधड़ी कर बैंक को नुकसान पहुंचाने के आरोपी तत्कालीन शाखा सचिव व एलवीओ जगदीश गोदारा, ऋण शाखा प्रभारी नरोत्तमलाल, तत्कालीन बैंक सचिव बाबुलाल मीणा व ऋणी गुरदीप सिंह के विरुद्ध सक्षम धाराओं में मामला दर्ज कर दोषियों को दंडित करने की मांग की है।

इतने का नुकसान
पीलीबंगा क्षेत्र में नियम विरुद्ध तरीके से गुरदीप सिंह को करीब चार लाख रुपए का आवास ऋण जारी करने के बाद वर्तमान में ब्याज राशि सहित बैंक को कुल दस लाख ८७ हजार रुपए का नुकसान पहुंचा है। फर्जी तरीके से लोन वितरित करने वाले तत्कालीन बैंक स्टॉफ के विरुद्ध कार्रवाई करने को लेकर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवा दी गई है। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच पर टिकी है।

नहीं ले रहे सबक
भूमि विकास बैंक में फर्जी तरीके से ऋण वितरण की शिकायतें आने के साथ ही केंद्रीय सहकारी बैंक हनुमानगढ़ में भी गत एक दशक में ऋण वितरण में कई तरह की अनियमितताएं सामने आई है। इसकी जांच के बाद रिकवरी के प्रयास भी बैंक स्तर पर किए जाते हैं। पुलिस थाने में मामला जाने पर कार्रवाई भी हुई है। बावजूद फर्जीवाड़ा करने वाले लोग सबक नहीं ले रहे हैं।

.....वर्जन....
नियमों का नहीं रखा ध्यान

पीलीबंगा क्षेत्र के एक व्यक्ति को फर्जी तरीके से चार लाख रुपए का आवास ऋण वितरण करने के बाद इसकी रिकवरी अभी तक नहीं हुई है। इस मामले की जांच पूरी कर ली गई है। इसमें तत्कालीन बैंक स्टॉफ की भूमिका भी संदिग्ध रही है। नियमों का ध्यान रखे बगैर ऋण वितरित किया गया है। इस प्रकरण में जांच को लेकर पुलिस को भी अवगत करवा दिया है।
-पीडी चारण, सचिव, हनुमानगढ़ सहकारी भूमि विकास बैंक लिमिडेट

Published on:
23 Oct 2021 09:13 pm
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