हनुमानगढ़. इस बार इंदिरागांधी नहर में बंदी समय से पहले करीब दस दिन पहले खत्म हो गई है। जल संसाधन विभाग की ओर से बीस मई तक बंदी घोषित थी।
-भारत-पाक सीमा पर स्थित श्रीगंगानगर व जैसलमेर सहित प्रदेश के बारह जिलों में होती है जलापूर्ति
हनुमानगढ़. इस बार इंदिरागांधी नहर में बंदी समय से पहले करीब दस दिन पहले खत्म हो गई है। जल संसाधन विभाग की ओर से बीस मई तक बंदी घोषित थी। माना जा रहा है भारत-पाक के बीच बन रही युद्ध की स्थिति के चलते समय पूर्व बंदी खत्म की गई है। विभिन्न जिलों में नहरों में जलापूर्ति की मांग उठ रही थी। इसे देखते हुए इंदिरागांधी नहर में ग्यारह मई को सुबह छह बजे पानी प्रवाहित कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि हरिके हैड से राजस्थान की इंदिरागांधी नहर के लिए सुबह छह बजे छह सौ क्यूसेक पानी प्रवाहित किया गया। शाम तक पानी की मात्रा करीब एक हजार क्यूसेक होने की सूचना है। जानकारी के अनुसार प्रदेश में पेयजल किल्लत की स्थिति लगातार बढ़ रही थी। नहरों में पानी की कमी के चलते पेयजल आपूर्ति को सुचारू रखना मुश्किल हो रहा था।
इंदिरागांधी नहर से पाक सीमा पर स्थित श्रीगंगानगर, जैसलमेर आदि जिलों में जलापूर्ति होती है। माना जा रहा है कि सीमावर्ती क्षेत्र में नहरों में पानी की कमी नहीं हो, इसे देखते हुए समय से पहले बंदी को खत्म किया गया है। ताकि सीमावर्ती क्षेत्र में नहरी पानी की कमी नहीं रहे। बताया जा रहा है कि इंदिरागांधी नहर में करीब तीन हजार क्यूसेक पानी चलाने का प्रस्ताव राजस्थान सरकार ने बीबीएमबी को भिजवाया है। इसके दृष्टिगत अब हरिके हैड से पानी धीरे-धीरे बढ़ाया जा रहा है। नहरी पानी चलने से अब प्रदेश के बारह जिलों के करीब डेढ़ करोड़ लोगों को राहत मिलेगी।