https://www.patrika.com/hanumangarh-news/ हनुमानगढ़. इंदिरा गांधी नहर में चल रही बंदी अब जल्द समाप्त होने जा रही है। इसके तहत 26 मई को राजस्थान क्षेत्र की नहरों के लिए बांधों से करीब 8200 क्यूसेक पानी प्रवाहित कर दिया गया है।
राजस्थान की नहरों के लिए बांधों से छोड़ा पानी, तीस तक मसीतांवाली हैड पर पहुंचने के आसार
-रीलाइनिंग कार्य के कारण इंदिरागांधी नहर में चल रही बंदी अब जल्द होगी समाप्त
-26 मई को बांधों से 8200 क्यूसेक पानी किया प्रवाहित
हनुमानगढ़. इंदिरा गांधी नहर में चल रही बंदी अब जल्द समाप्त होने जा रही है। इसके तहत 26 मई को राजस्थान क्षेत्र की नहरों के लिए बांधों से करीब 8200 क्यूसेक पानी प्रवाहित कर दिया गया है। इस पानी के २८ मई तक हरिके बैराज व तीस मई तक राजस्थान सीमा के मसीतांवाली हैड पर पहुंचने के आसार हैं। इसके बाद नहरों में पानी प्रवाहित होने लगेगा। जल संसाधन विभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता विनोद मित्तल ने बताया कि इस समय इंदिरगांधी मुख्य नहर की रीलाइनिंग का कार्य जारी है। लक्ष्य से अधिक क्षेत्र में रीलाइनिंग कार्य करवाने की तैयारी में हम जुटे हैं। उन्होंने बताया कि जल्द नहरबंदी समाप्त होने पर इंदिरागांधी नहर में ७२००, भाखड़ा में १२००, सिद्धमुख नोहर परियोजना में ६५० क्यूसेक पानी दस जून तक चलाएंगे। इसमें इंदिरागांधी नहर में दस जून तक पेयजल ही चलाया जाएगा। इस बार राजस्थान भाग में रीलाइनिंग कार्य करवाने को लेकर २५० करोड़ का बजट मंजूर किया गया है। चरणबद्ध तरीके से जीरो आरडी से टेल तक नहर की रीलाइनिंग का कार्य पूर्ण किया जाएगा। इसके लिए सेकंड फेज के कार्य को शुरू करने के लिए प्रोजेक्ट की अवधि भी बढ़ाई जा रही है। साथ ही एनडीबी से एग्रीमेंट करने की प्रक्रिया भी चल रही है।
80 प्रतिशत कार्य पूर्ण
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार चालू वर्ष में इस समय इंदिरागांधी नहर राजस्थान भाग में ४९ किमी के टेंडर जारी किए गए हैं। इसमें ४३ में पूर्ण करने का लक्ष्य है। परंतु जिस तरीके से अभी तक टीम काम कर रही है, उससे लगता है कि लक्ष्य से अधिक ४६ किमी तक रीलाइनिंग कार्य पूर्ण हो जाएगा। २५ मई तक लक्ष्य की तुलना में ८० प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुके थे। बचे हुए चार दिनों में लक्ष्य के अनुसार कार्य पूर्ण करने में लगे हुए हैं।
नहरबंदी पर नजर
इस बार इंदिरागांधी नहर पंजाब व राजस्थान भाग में एक साथ रीलाइनिंग कार्य चल रहे हैं। इसके कारण ऐतिहासिक साठ दिन की बंदी ली गई है। रिलाइनिंग कार्य के लिए 30 मार्च से ली गई बंदी 28 मई तक है। 30 मार्च से 28 अप्रेल तक आंशिक बंदी रही थी। वहीं 29 अप्रेल से 28 मई तक तीस दिन पूर्ण बंदी रहेगी। इस अवधि में राजस्थान के साथ पंजाब भाग में रिलाइनिंग कार्य करवाए जा रहे हैं। रिलाइनिंग कार्य पूर्ण होने के बाद नहरों में रेग्यूलेशन के अनुसार पानी चलाना संभव हो सकेगा। इससे पहले जगह-जगह से नहर की लाइनिंग क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। इसके कारण नहरों में पानी का लीकेज भी बढ़ रहा था।
कार्यों की जांची गुणवत्ता
पंजाब व राजस्थान भाग में चल रहे रीलाइनिंग कार्यों की लगातार गुणवत्ता जांची जा रही है। जल संसाधन उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता विनोद मित्तल व क्वालिटी कंट्रोल कार्यालय जयपुर के मुख्य अभियंता अमरजीत मेहरड़ा ने बुधवार को नहरी क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान चल रहे रीलाइनिंग कार्यों की गुणवत्ता जांची। मौके पर मौजूद विभाग के अधिकारियों व ठेकेदार को कार्यों की गुणवत्ता का ध्यान रखने के निर्देश दिए। 3500 से अधिक मजदूर निर्माण कार्य में लगे हुए हैं।
मानसून सीजन में फायदा
पंजाब व राजस्थान भाग में इंदिरागांधी मुख्य नहर की रीलाइनिंग होने पर इसमें क्षमता के अनुसार पानी चलाना संभव हो सकेगा। मानसून सीजन में सर प्लस का पानी का अधिकतम उपयोग राजस्थान कर सकेगा। रिलाइनिंग का कार्य पूर्ण होने से कुछ जगह सेम समस्य भी कम होगी।