स्वास्थ्य

Unapproved Drugs : फिर बच्चों की खांसी की दवा से खिलवाड़ का मामला, 90 दवाएं बिना अप्रूवल बिक रही

90 Unapproved Drugs List : केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (Central Drugs Standard Control Organisation) ने एक लेटर जारी किया है। इ पत्र के अनुसार, देश के कई राज्यों में बिना अप्रूवल वाली कई दवाएं बिक रही हैं। जिसमें खांसी की दवा से लेकर विटामिन तक शामिल हैं।
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Mar 24, 2026
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प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo- istock

90 Unapproved Drugs in market : "जहरीले" खांसी के सिरप से बच्चों की मौत की घटना को अभी कुछ माह हुए हैं। इसी बीच सोमवार को केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) को 90 ऐसी दवाओं के बारे में पता चला है जो बिना भारत के औषधि नियामक (Drug Regulator) के बिना अनिवार्य केंद्रीय मंजूरी के बिक रही हैं। इसमें बच्चों के कफ सिरप से लेकर मल्टीविटामिन तक शामिल हैं।

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (Central Drugs Standard Control Organisation) ने एक लेटर जारी किया है। इसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के औषधि नियंत्रकों को पत्र लिखकर इन फिक्स्ड-डोज कॉम्बिनेशन (FDCs) के निर्माताओं और मार्केटर्स की जांच करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नियामक ने इस पर जल्द से जल्द 'कार्रवाई रिपोर्ट' सौंपने को भी कहा। बता दें, FDCs ऐसी दवाएं होती हैं जिनमें एक ही फॉर्मूलेशन में दो या दो से अधिक सक्रिय सामग्रियां शामिल होती हैं।

पूरे भारत में फैला नेटवर्क

  • बद्दी और सोलन (हिमाचल प्रदेश)
  • रुड़की और हरिद्वार (उत्तराखंड)
  • वडोदरा और अहमदाबाद (गुजरात)
  • मुंबई, नागपुर
  • बेंगलुरु

किन दवाओं पर है खतरा?

जांच में पाया गया कि ये बिना मंजूरी वाली दवाएं उन श्रेणियों में सबसे ज्यादा हैं जो आमतौर पर डॉक्टर द्वारा लिखी जाती हैं।

  • खांसी और जुकाम की दवा- डेक्सट्रोमेथॉर्फन, एंब्रॉक्सोल, गुआइफेनेसिन, फिनाइलफ्राइन। इसमें बच्चों के सिरप भी शामिल।
  • विटामिन और सप्लीमेंट- मल्टीविटामिन, आयरन-फोलिक एसिड, कैल्शियम-विटामिन D3-K2 और डायबिटिक न्यूरोपैथी के लिए गैबापेंटिन।
  • एंटीफंगल और त्वचा रोग- स्टेरॉयड और एंटीफंगल के मिश्रण वाली क्रीम। |
  • एंटी-डायबिटिक- ग्लिमेपिरिडी के साथ मेटफॉर्मिन या पियोग्लिटाजोन का कॉम्बिनेशन।

ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में इसे "जन स्वास्थ्य के हित में सर्वोच्च प्राथमिकता" बताया गया है।सभी राज्यों से कहा गया है कि वे अपने स्थानीय कार्यालयों द्वारा दी गई मंजूरियों की जांच करें और संबंधित निर्माताओं व मार्केटर्स के खिलाफ सख्त नियामक कार्रवाई सुनिश्चित करें ताकि ऐसी दवाओं की बिक्री और वितरण को रोका जा सके।

नियमों का उल्लंघन

2019 के 'न्यू ड्रग्स एंड क्लिनिकल ट्रायल्स रूल्स' के तहत, किसी भी FDC को 'नई दवा' माना जाता है और निर्माण या बिक्री से पहले केंद्र सरकार की मंजूरी अनिवार्य है। पत्र में कहा गया है कि बिना मंजूरी वाली दवाओं की मौजूदगी औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 (Drugs and Cosmetics Act, 1940) का सीधे तौर पर उल्लंघन है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
24 Mar 2026 10:12 am
Published on:
24 Mar 2026 10:12 am
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