
ब्रश करने के बाद भी क्यों नहीं जा रही मुंह की बदबू- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Magnific)
Bad Breath Symtpoms: सुबह उठकर दांतों को अच्छी तरह से ब्रश करना हम सबकी आदत का हिस्सा होता है। अमूमन लोग यही सोचते हैं कि एक बार ब्रश कर लिया तो मुंह की सफाई पूरी हो गई और सांसें एकदम तरोताजा रहेंगी। लेकिन क्या आपके साथ भी कभी ऐसा होता है कि ब्रश करने के तुरंत बाद या थोड़ी ही देर में मुंह से वापस दुर्गंध आने लगती है? क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, इस लगातार बनी रहने वाली बदबू को हेलिटोसिस (Halitosis) कहा जाता है। यह समस्या सिर्फ दांत साफ न रखने से नहीं जुड़ी होती, बल्कि इसके पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। आइए समझते हैं कि आखिर रोजाना ब्रश करने के बाद भी यह बदबू क्यों नहीं जाती और इससे छुटकारा पाने के क्या उपाय हैं।
अगर आप रोजाना नियम से ब्रश करते हैं और फिर भी सांसों से दुर्गंध आती है, तो इसकी वजह नीचे दिए गए मुख्य कारणों में से एक हो सकती है:
दांतों को चमका लेना ही काफी नहीं होता। हमारी जीभ की ऊपरी सतह खुरदरी होती है, जिसमें दिनभर का बचा खाना और मृत कोशिकाएं जमा हो जाती हैं। जब मुंह में मौजूद बैक्टीरिया इस बचे हुए खाने को तोड़ते हैं, तो इससे सल्फर जैसी बदबूदार गैसें बनती हैं, जो मुंह की दुर्गंध का बड़ा कारण बनती हैं।
हमारी लार (Saliva) प्राकृतिक रूप से मुंह की सफाई करने का काम करती है। यह बैक्टीरिया और भोजन के कणों को धोकर साफ करती रहती है। जब किसी वजह से मुंह में लार का बनना कम हो जाता है, जैसे कम पानी पीना, सोते समय मुंह से सांस लेना या कुछ दवाओं का असर तो मुंह सूखने लगता है। सूखा मुंह बैक्टीरिया के पनपने के लिए सबसे अनुकूल जगह बन जाता है।
अगर ब्रश करते समय मसूड़ों से खून आता है, सूजन रहती है या वे लाल दिखते हैं, तो यह मसूड़ों की बीमारी (Plaque accumulation या Periodontitis) का संकेत हो सकता है। दांतों और मसूड़ों के बीच छोटे-छोटे पॉकेट्स बन जाते हैं जहां खाना और बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं। साधारण टूथब्रश वहां तक नहीं पहुंच पाता, जिससे बदबू बनी रहती है।
कई बार बदबू का स्रोत मुंह नहीं, बल्कि आपका पेट होता है। एसिड रिफ्लक्स (GERD), पुरानी कब्ज, या खाना सही से न पचना जैसी समस्याओं में पेट का एसिड और गंध वापस खाने की नली की ओर आती है, जिससे सांसों में बदबू महसूस होती है।
हार्वर्ड हेल्थ के अनुसार, गले के टॉन्सिल में बनी छोटी-छोटी गुहाओं (pockets) में जब भोजन के कण और बैक्टीरिया फंसकर सख्त हो जाते हैं, तो उन्हें 'टॉन्सिल स्टोन' कहा जाता है। इनमें से बहुत तेज दुर्गंध आती है। इसके अलावा साइनस संक्रमण के कारण नाक के पीछे से गले में गिरने वाला कफ (Post-nasal drip) भी बदबू पैदा करता है।
मेयो क्लिनिक के अनुसार, अगर आप इस समस्या को जड़ से खत्म करना चाहते हैं, तो अपनी रोजमर्रा की आदतों में ये छोटे-छोटे बदलाव करें;
यदि आप जीभ की सफाई, फ्लॉसिंग और पर्याप्त पानी पीने जैसी सभी अच्छी आदतों का पालन कर रहे हैं, फिर भी 2 से 3 हफ्तों तक बदबू की समस्या बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज न करें। सबसे पहले किसी दंत चिकित्सक (Dentist) को दिखाएं ताकि वे दांतों और मसूड़ों की गहरी सफाई (Scaling) कर सकें या किसी छिपे हुए कैविटी/संक्रमण का पता लगा सकें। यदि दांतों में कोई समस्या नहीं निकलती है, तो किसी फिजिशियन से पेट, साइनस या अन्य अंदरूनी कारणों की जांच करवाएं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
22 Aug 2026 10:46 am
Published on:
22 Aug 2026 10:30 am
