
बदलते ही नाक भी हमेशा बंद रहता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Nasal Polyps Cause: बदलते ही नाक बंद होना, छींक आना या भारीपन महसूस होना बहुत आम बात है। ज्यादातर लोग इसे मामूली जुकाम या एलर्जी समझकर विक्स लगा लेते हैं या भाप लेकर छोड़ देते हैं। लेकिन अगर आपकी नाक हफ्ते नहीं, बल्कि महीनों तक लगातार बंद रहती है, सांस लेने में दिक्कत होती है और सिर में हर समय भारीपन बना रहता है, तो थोड़ा संभल जाइए। मेयो क्लिनिक के मुताबिक, लंबे समय तक बनी रहने वाली यह समस्या नेजल पॉलिप्स (Nasal Polyps) हो सकती है। यह नाक या साइनस के अंदर जमने वाली बिन-कैंसर (Non-cancerous) की छोटी-छोटी गांठें होती हैं, जो दिखने में छिले हुए अंगूर के गुच्छे या आंसुओं की बूंदों जैसी होती हैं। आइए समझते हैं कि नेजल पॉलिप्स क्या हैं, क्यों बनते हैं और इनसे राहत कैसे पाई जाए।
जॉन हॉपकिंस मेडिसिन के अनुसार, हमारी नाक और साइनस के अंदर एक पतली, नामीदार पर्त होती है जिसे म्यूकोसा (Mucosa) कहते हैं। जब एलर्जी, इंफेक्शन या अस्थमा की वजह से इस पर्त में लगातार सूजन बनी रहती है, तो यह पर्त धीरे-धीरे फूलने लगती है। समय के साथ यह फूली हुई त्वचा नरम, बिना दर्द वाली गांठों का रूप ले लेती है। जब ये गांठें बहुत छोटी होती हैं, तो इनका पता भी नहीं चलता। लेकिन जब ये बड़ी हो जाती हैं या गुच्छों के रूप में बढ़ने लगती हैं, तो नाक का रास्ता बंद कर देती हैं, जिससे सांस लेने में तकलीफ होने लगती है।
हार्वर्ड हेल्थ के मुताबिक, अगर आपकी नाक के अंदर ये गांठें बन रही हैं, तो आपको ये लक्षण लगातार महसूस हो सकते हैं;
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, नाक में पॉलिप्स बनने की सबसे बड़ी वजह है नाक के अंदर लंबे समय से चली आ रही सूजन (Chronic Inflammation)। इसके पीछे ये मुख्य वजहें हो सकती हैं;
अगर आपको बंद नाक की वजह से सांस लेने में बहुत ज्यादा तकलीफ हो रही है, तो ईएनटी (ENT - कान, नाक, गला) डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर अक्सर सूजन को घटाने और पॉलिप्स का आकार छोटा करने के लिए खास किस्म के नेजल स्प्रे देते हैं। अगर वजह एलर्जी है, तो एंटी-हिस्टामिन गोलियां दी जाती हैं।जब दवाइयों और स्प्रे से पॉलिप्स का आकार छोटा नहीं होता और सांस लेना दूभर हो जाता है, तब डॉक्टर बहुत ही छोटी और आसान सर्जरी (एंडोस्कोपिक सर्जरी) के जरिए इन गांठों को नाक से बाहर निकाल देते हैं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
21 Aug 2026 03:00 pm
