
Dog Bite And Rabies: बागपत में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने फिर से रेबीज को लेकर लोगों के मन में सवाल खड़ा कर दिया है, करीब एक महीने पहले एक आवारा कुत्ते द्वारा काटे जाने के बाद एक किशोर की रेबीज से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उसके परिवार ने इस मामले में न तो कोई मेडिकल इलाज कराया और न ही एंटी-रेबीज का टीका लगवाया। इस घटना के बाद डॉक्टरों ने आम जनता से कड़ी अपील की है कि कुत्ते या किसी भी जानवर के काटने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं और मेडिकल केयर लें, ताकि जान बचाई जा सके। अब आपके भी मन में ये सवाल आ रहा होगा कि ऐसा तो हमने कई बार किया लेकिन हमारे साथ तो कुछ नहीं हुआ? आइए जानते हैं कि कुत्ते या अन्य किसी जानवर के काटने या खरोचनें पर एंटी-रेबीज वैक्सीन क्यों जरुरी है साथ ही तुरंत क्या करना चाहिए।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, रेबीज एक ऐसी बीमारी है जो वायरस के जरिए फैलती है। कुत्ते, बिल्ली या किसी भी अन्य संशयित जानवर के काटने पर तुरंत एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाना अनिवार्य होता है। अक्सर लोग जानवर के काटने को मामूली खरोंच समझकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन लापरवाही ही इस बीमारी में जानलेवा साबित होती है। रेबीज के लक्षण एक बार दिखाई देने के बाद इसे बचाना नामुमकिन सा हो जाता है, इसलिए बचाव ही इसका एकमात्र उपाय है।
क्लीवलैंड क्लिनिक का कहना है कि जब कोई आवारा कुत्ता काटता है, तो उसके मुंह की लार से रेबीज का वायरस इंसान के शरीर में प्रवेश कर जाता है। सिर, चेहरे या गर्दन के पास काटा जाना और भी ज्यादा खतरनाक होता है, क्योंकि वायरस दिमाग तक बहुत तेजी से पहुंचता है। बागपत के इस किशोर के मामले में भी यही हुआ। काटने के बाद परिवार ने तुरंत डॉक्टर से संपर्क नहीं किया और कोई टीका नहीं लगवाया, जिसके चलते करीब एक महीने बाद संक्रमण ने उसकी जान ले ली। अगर समय रहते घाव को पानी और साबुन से अच्छी तरह धोकर एंटी-रेबीज वैक्सीन की खुराक ले ली जाती, तो शायद यह अनहोनी टल सकती थी।
1. घाव को धोएं- वेबएमडी के अनुसार, कुत्ते या किसी जानवर के काटते ही सबसे पहले उस जगह को बहते हुए साफ पानी और साबुन से कम से कम 10-15 मिनट तक अच्छी तरह धोएं। इससे वायरस का असर काफी हद तक कम हो जाता है।
2. घरेलू नुस्खों से बचें- मिर्च, हल्दी या तेल जैसी चीजें लगाने से बचें। यह सिर्फ समय की बर्बादी है और संक्रमण का खतरा बढ़ाती है।
3. डॉक्टर के पास जाएं- बिना एक पल गंवाए नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र जाएं। डॉक्टर की सलाह के अनुसार एंटी-रेबीज वैक्सीन और जरूरत पड़ने पर इम्युनोग्लोबुलिन का कोर्स पूरा करें।
रेबीज एक ऐसी बीमारी है जिसका इलाज इसके लक्षण सामने आने के बाद बेहद मुश्किल बल्कि लगभग असंभव हो जाता है। बागपत की यह घटना हमें यही सीख देती है कि थोड़ी सी लापरवाही या अज्ञानता कितनी भारी पड़ सकती है। अगर आपके आसपास या परिवार में किसी को भी कोई जानवर काटे या खरोंच भी मारे, तो बिना झिझके तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।