Diet For Fatty Liver: विशेषज्ञों की मानें तो, ब्रोकली लीवरट्रस्टेड सोर्स में वसा का निर्माण रोकने में मददगार हो सकती है। वही केल, पालक और ब्रसेल्स स्प्राउट्स जैसी सब्जियों के पर्याप्त मात्रा में सेवन से वजन को घटाने में मदद मिलती है। फैटी लीवर की समस्या में ब्रोकली का सेवन ना केवल इस परेशानी को बढ़ने से रोकता है, फैटी लीवर की समस्या से छुटकारा दिलाने में भी सहायक हो सकता है।
नई दिल्ली। Diet For Fatty Liver: हमारे शरीर में लीवर का स्वस्थ रहना बहुत उपयोगी है क्योंकि एक स्वास्थ्य लीवर शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने का काम करता है। साथ ही यह पित्त तथा डाइजेस्टिव प्रोटीन का निर्माण भी करता है। वहीं अगर लीवर में वसा की मात्रा अधिक हो जाने पर यह सुचारू रूप से काम नहीं कर पाता है। इसलिए फैटी लीवर की समस्या से बचने के लिए चीनी और नमक के कम सेवन के अतिरिक्त आप अपने आहार में निम्न पदार्थों को शामिल करके इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं...
1. टोफू
एक अध्ययन के अनुसार यह पाया गया है कि, टोफू जैसे खाद्य पदार्थों में मौजूद सोया प्रोटीन, लीवर में वसा के निर्माण को कम कर सकता है। आपको बता दें कि सोया पनीर, जिसे टोफू के नाम से भी जाना जाता है, में वसा कम और प्रोटीन उच्च होता है। इसलिए लीवर के लिए टोफू का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है।
2. हरी सब्जियां
विशेषज्ञों की मानें तो, ब्रोकली लीवरट्रस्टेड सोर्स में वसा का निर्माण रोकने में मददगार हो सकती है। वही केल, पालक और ब्रसेल्स स्प्राउट्स जैसी सब्जियों के पर्याप्त मात्रा में सेवन से वजन को घटाने में मदद मिलती है। फैटी लीवर की समस्या में ब्रोकली का सेवन ना केवल इस परेशानी को बढ़ने से रोकता है, फैटी लीवर की समस्या से छुटकारा दिलाने में भी सहायक हो सकता है। ब्रोकली में पाए जाने वाले कुछ दुर्लभ तत्वों के कारण यह लीवर में ट्राइग्लिसराइड की मात्रा को कम करने के लिए कार्यरत हो सकते हैं।
3. अखरोट
सूखे मेवों का सेवन करना हमारी सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। साथ ही अपने आहार में सूखे मेवों को शामिल करने से यह नॉन अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज के खतरे को कम करने में भी लाभदायक साबित हो सकता है। इसके लिए आप अपने आहार में अखरोट का सेवन कर सकते हैं। क्योंकि अखरोट में मौजूद विटामिन-ई और सेलेनियम, नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिसीज पर प्रभावकारी हो सकते हैं ।
4. कॉफी
कई शोधों में यह पता चला है कि कॉफी पीने वाले लोगों में फैटी लीवर का जोखिम कम रहता है। क्योंकि कॉफी में मौजूद कैफीन असामान्य लीवर एंजाइम की मात्रा को कम करके आपके लीवर की सुरक्षा करती है। इसी कारण से फैटी लीवर की समस्या से पीड़ित लोग कॉफी का सेवन कर सकते हैं।