स्वास्थ्य

Cancer Risk and Blood Type : किस ब्लड ग्रुप वालों को कैंसर का रिस्क कम, इस ब्लड टाइप वालों का कैंसर से बचना मुश्किल

Cancer Risk and Blood Type : आपका ब्लड ग्रुप कैंसर के रिस्क के बारे में काफी कुछ बताता है। कई शोध रिपोर्ट में A, B, O, AB ब्लड ग्रुप और कैंसर रिस्क के बारे में बताया गया है।
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Updated: 20 Feb 2026, 1:10 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo - Gemini AI

Cancer Risk and Blood Type : आपका ब्लड ग्रुप कैंसर के रिस्क और बचने के बारे में काफी कुछ बताता है। इसको लेकर कई शोध रिपोर्ट भी सामने आ चुकी है। A, B, O, AB ब्लड ग्रुप वालों को इसके बारे में होना चाहिए। इससे आपको ये भी समझ आ जाएगा कि किस तरह के ब्लड टाइप वाले को कैंसर को लेकर बहुत सजग होने की आवश्यकता है। चलिए, रिसर्च रिपोर्ट के आधार पर पूरी बात समझते हैं।

इस ब्लड ग्रुप को कैंसर का सबसे अधिक रिस्क

एशियन पैसिफिक जर्नल ऑफ कैंसर केयर (Asian Pacific Journal of Cancer Care - APJCC), 2025 के मुताबिक, AB ब्लड ग्रुप को कोलोरेक्टल (आंत) कैंसर होने की संभावना 3.56 गुना (OR: 3.56) अधिक पाई गई है।

दोबारा कैंसर होने का खतरा 'A' ब्लड ग्रुप को

ब्रिटिश जर्नल ऑफ कैंसर (PubMed - British Journal of Cancer Study) शोध में पाया गया कि 'A' ब्लड ग्रुप वाले मरीजों में कोलन कैंसर के इलाज के बाद बीमारी के वापस लौटने का जोखिम 'O' ग्रुप के मुकाबले काफी अधिक होता है।

Cancer Risk and Blood Type Chart | ब्लड ग्रुप और कैंसर जोखिम का चार्ट

कैंसर मृत्यु दर और सर्वाइवल का आंकड़ा

सबसे खराब रिकवरी AB ब्लड ग्रुप वालों की होती है। इस ग्रुप के मरीजों में मृत्यु दर 17.14% दर्ज की गई, जो सभी ग्रुप्स में सर्वाधिक है। इनका औसत जीवनकाल (Median Survival) इलाज के बाद मात्र 30.5 महीने देखा गया।

'B' ब्लड ग्रुप वाले मरीजों में कैंसर से होने वाली मृत्यु दर सबसे कम 5.49% दर्ज की गई है। साथ ही सबसे सुरक्षित रिकवरी 'O' ब्लड ग्रुप वाले मरीजों का औसत जीवनकाल सबसे बेहतर 40 महीने पाया गया।

'O' ग्रुप: कैंसर के खिलाफ ढाल

ब्लड ग्रुप 'O' वाले मरीजों में कैंसर के इलाज के बाद 5 साल तक जीवित रहने की दर सबसे अधिक 88.1% पाई गई। इस हिसाब से ओ ग्रुप वाले सुरक्षित हैं।

विज्ञान क्या कहता है?

वैज्ञानिकों ने पाया कि ब्लड ग्रुप के एंटीजन हमारे शरीर के इम्यून रिस्पॉन्स और इन्फ्लेमेशन (सूजन) को प्रभावित करते हैं। 'O' ग्रुप में कुछ ऐसे एंटीबॉडीज होते हैं जो कैंसर कोशिकाओं को पनपने से रोकने में मदद कर सकते हैं। यदि आपका ब्लड ग्रुप 'A' या 'AB' है, तो घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन 45 की उम्र के बाद नियमित कैंसर स्क्रीनिंग कराएं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
20 Feb 2026, 1:10 PM IST
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