नियमित एक्सरसाइज करने से हार्ट डिजीज समेत दूसरी बीमारियों का रिस्क फैक्टर घटता है। अगर बात करें हार्ट डिजीज में एक्सारइज के लाभ की तो इससे ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज और मोटापा आदि नियंत्रित होता है। इसके साथ ही नियमित एक्सरसाइज से मांसपेशियों में मजबूती भी आती है।
अगर किसी व्यक्ति के खून की धमनियों में ब्लॉकेज हो गया है और आगे अंगों को ब्लड सप्लाई नहीं हो रही है तो इसमें नियमित एक्सरसाइज करने से लाभ होता है। वर्कआउट इसमें नेचुरल बाइपास की तरह काम करता है। व्यायाम करने से शरीर में छोटी-छोटी नलियां स्वत: ही बनने लगती हैं जिन्हें कोलेट्रल्स कहते हैं। इन नलियों के रास्ते शरीर के अंगों को रक्त की पूर्ति होने लगती है और मरीज में हृदयाघात की आशंका कम होती है। एक्सरसाइज रक्तसंचार प्रक्रिया को बेहतर करती है। ब्लड फ्लो सही होने शरीर के महत्वपूर्ण अंगों का फंग्सन सही हो जाता है।
मिडिल ऐज में व्यायाम से पहले सलाह जरूर लें
युवावस्था में हर एक्सरसाइज का लाभ मिलता है लेकिन अगर कोई मिडिल ऐज (40 पार) में एक्सरसाइज शुरू करना चाहता है तो पहले एक्सपर्ट से सलाह लेनी चाहिए। इस उम्र में शरीर के अंगों की स्थिति के अनुसार व्यायाम करना चाहिए। कम या ज्यादा व्यायाम करने से अंगों को लाभ नहीं मिलता है। व्यायाम सही तरीके से करना चाहिए।