स्वास्थ्य

कपड़े, बेल्ट या लंबे समय तक बैठने से त्वचा पर सूजन और पित्ती? हो सकती है Delayed Pressure Urticaria, डर्मनेट जानें लक्षण

Delayed Pressure Urticaria Cause: क्या टाइट कपड़ों या बेल्ट के दबाव से त्वचा पर दर्दनाक सूजन और पित्ती आती है? इंडियन जर्नल ऑफ डर्मेटोलॉजी, वेनेरोलॉजी एंड लेप्रोलॉजी (आईजेडीवीएल) और डर्मनेट से जानिए डिलेड प्रेशर अर्टिकेरिया के लक्षण।
2 min read
• •
Oct 21, 2026
Close-up of skin swelling and red wheals caused by delayed pressure urticaria from tight clothing.
टाइट कपड़ों या बेल्ट के दबाव के कई घंटों बाद, डिलेड प्रेशर अर्टिकेरिया के कारण त्वचा पर दर्दनाक सूजन और लाल निशान उभर सकते हैं- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Delayed Pressure Urticaria: जिंस का टाइट बटन, कमर पर कसी हुई बेल्ट, कंधे पर भारी बैग की पट्टी या फिर दफ्तर में घंटों एक ही कुर्सी पर बैठने के बाद जब आप कपड़े बदलते हैं, तो क्या त्वचा पर लाल, सूजे हुए निशान और तेज दर्द महसूस होता है? अक्सर लोग इसे आम एलर्जी या कपड़े का निशान मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर यह सूजन दबाव हटने के तुरंत बाद नहीं, बल्कि 4 से 6 घंटे बाद उभरती है और दिन भर परेशान करती है, तो यह साधारण समस्या नहीं है। चिकित्सा की दुनिया में इसे डिलेड प्रेशर अर्टिकेरिया (Delayed Pressure Urticaria) कहा जाता है। आइए समझते हैं कि यह स्थिति क्या है और आपको कब सावधान होने की जरूरत है।

क्या है डिलेड प्रेशर अर्टिकेरिया?

डर्मनेट के अनुसार, आमतौर पर एलर्जी या चकत्ते किसी चीज के संपर्क में आते ही दिख जाते हैं। लेकिन इस बीमारी की सबसे बड़ी चुनौती इसका देर से आना है। जब त्वचा के किसी हिस्से पर लगातार दबाव पड़ता है जैसे सॉक्स की टाइट इलास्टिक, कसा हुआ पैंट का नाड़ा, लंबे समय तक खड़े रहने से पैरों के तलवों पर दबाव, या हाथों से भारी सामान उठाना तब उस वक्त तो शायद कुछ न दिखे। लेकिन दबाव हटने के 4 से 6 घंटे बाद उस जगह पर भारी सूजन, लालिमा, दर्द और खुजली या जलन शुरू हो जाती है। यह सूजन 8 से 72 घंटे तक बनी रह सकती है।

शरीर में दिखने वाले मुख्य लक्षण

इस समस्या को सही समय पर पहचानना बहुत जरूरी है ताकि यह आपकी दिनचर्या को प्रभावित न करे;

  • दबाव महसूस होने के कई घंटों बाद उस हिस्से की त्वचा का मोटा और लाल हो जाना।
  • खुजली से ज्यादा दर्द और जलन।
  • पूरे शरीर में सुस्ती व बुखार।
  • तलवों में सूजन के कारण चलने-फिरने में तकलीफ होना।

डिलेड प्रेशर अर्टिकेरिया से बचाव के उपाय

इंडियन जर्नल ऑफ डर्मेटोलॉजी, वेनेरोलॉजी एंड लेप्रोलॉजी (आईजेडीवीएल) के मुताबिक, लोग अक्सर साधारण एंटी-एलर्जी दवाइयां खाकर इसे दबाने की कोशिश करते हैं। लेकिन इस स्थिति में आम दवाइयां पूरी तरह असर नहीं दिखा पातीं। इसलिए जीवनशैली में कुछ छोटे-छोटे बदलाव आपकी बहुत मदद कर सकते हैं;

  • ढीले-ढाले कपड़े पहनें।
  • दबाव कम करें।
  • स्ट्रैप्स पर पैडिंग का इस्तेमाल करें।
  • अगर आपकी सीटिंग जॉब है, तो बीच-बीच में उठकर थोड़ा टहलें और मुलायम गद्देदार कुर्सी का इस्तेमाल करें।
  • खुद से दवा लेने के बजाय किसी त्वचा रोग विशेषज्ञ (Dermatologist) से जांच कराएं।
डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
21 Oct 2026 01:05 pm
Published on:
21 Oct 2026 01:05 pm