
Fasting Headache Cause: व्रत या उपवास रखना हमारी संस्कृति और सेहत दोनों के लिहाज से काफी अच्छा माना जाता है। लेकिन कई बार जब लोग व्रत रखते हैं, तो उन्हें अचानक सिर में भारीपन या तेज दर्द महसूस होने लगता है। त्योहारों या उपवास के दौरान सिरदर्द होना एक बेहद आम समस्या है, जिसकी वजह से पूजा-पाठ या दैनिक कामों में मन नहीं लगता। अक्सर लोग इसे केवल भूख से जोड़कर देखते हैं, लेकिन इसके पीछे कई अन्य शारीरिक और वैज्ञानिक कारण भी होते हैं। आइए समझते हैं कि उपवास के दौरान सिरदर्द क्यों होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
वैरीवेल हेल्थ के मुताबिक, जब हम लंबे समय तक कुछ नहीं खाते हैं, तो हमारे शरीर में ग्लूकोज यानी ब्लड शुगर का स्तर अचानक नीचे गिरने लगता है। हमारा दिमाग सही तरीके से काम करने के लिए पूरी तरह से ग्लूकोज पर निर्भर रहता है। जब मस्तिष्क को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिलती, तो वह शरीर को एक संकेत भेजता है, जो सिर में धीमे या तेज दर्द के रूप में सामने आता है। इसे डॉक्टरी भाषा में लो ब्लड शुगर या हाइपोग्लाइसीमिया भी कहा जाता है।
व्रत के दौरान बहुत से लोग पानी पीना कम कर देते हैं या फिर निर्जला उपवास रखते हैं। शरीर में पानी की कमी होते ही खून का प्रवाह प्रभावित होता है और मस्तिष्क के ऊतकों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। डिहाइड्रेशन के कारण सिर की नसें खिंचने लगती हैं, जिससे सिर के अगले हिस्से या दोनों तरफ काफी तेज दर्द अनुभव होने लगता है। क्लीवलैंड क्लिनिक का कहना है कि व्रत के दौरान सिरदर्द से बचना चाहते हैं तो नियमित रूप से पानी पीते रहें।
अगर आपको रोजाना सुबह या दिन में बार-बार चाय या कॉफी पीने की आदत है, तो उपवास वाले दिन अचानक चाय न मिलने से शरीर में 'कैफीन विड्रॉल' के लक्षण दिखने लगते हैं। कैफीन की आदत के कारण नसों में अचानक फैलाव आता है और इस बदलाव की वजह से सिर में भारीपन और दर्द शुरू हो जाता है।
जब इंसान उपवास रखता है, तो शरीर में कुछ बायोमार्कर तेजी से बदलते हैं। व्रत के दौरान मस्तिष्क की नसों में 'कैल्सीटोनिन जीन रिलेटेड पेप्टाइड' (CGRP) नाम के प्रोटीन का स्तर बढ़ जाता है। यह वही प्रोटीन है जो माइग्रेन और नसों के दर्द को बढ़ाने का काम करता है। यही कारण है कि जिन लोगों को माइग्रेन की शिकायत होती है, उन्हें उपवास में सिरदर्द होने की संभावना काफी ज्यादा रहती है।
व्रत के दिन अक्सर लोग सुबह जल्दी उठते हैं, दिनभर काम करते हैं या पूजा-पाठ की तैयारी में व्यस्त रहते हैं। नींद पूरी न होने और शरीर पर अचानक शारीरिक या मानसिक दबाव पड़ने से तनाव वाले हार्मोन्स रिलीज होते हैं। यह तनाव भी सिरदर्द को बढ़ाने का काम करता है। व्रत के दौरान सिरदर्द से बचने के लिए अगर आपका व्रत इजाजत देता है, तो दिनभर में थोड़ा-थोड़ा करके पानी, नारियल पानी, या नीबू पानी पीते रहें ताकि शरीर में नमी बनी रहे। केवल तला-भुना खाने के बजाय फल, मखाने, भुने हुए मूंगफली और दूध जैसी चीजें लें जो शरीर को धीरे-धीरे ऊर्जा देती हैं। अगर आप जानते हैं कि आने वाले दिनों में व्रत रखना है, तो दो-तीन दिन पहले से ही चाय या कॉफी की मात्रा थोड़ी कम कर दें। उपवास वाले दिन शरीर को आराम की ज्यादा जरूरत होती है, इसलिए 7 से 8 घंटे की नींद जरूर पूरी करें।