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डायबिटीज में फास्टिंग करते समय इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज, डिहाइड्रेशन और लो ब्लड शुगर का रहता है खतरा 

Diabetes Fasting: डायबिटीज में व्रत रखने से पहले और व्रत के दौरान किन जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए? आइए जानते हैं नेशनल हेल्थ सर्विस (National Health Service) के अनुसार जरूरी सावधानियां।
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Fasting During Diabetes, Diabetes And Fasting

Diabetes में व्रत के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? image credit freepik

Diabetes Fasting Tips: खाने से कुछ निश्चित समय तक दूर रहना (फास्टिंग) आजकल वजन नियंत्रित करने और स्वास्थ्य सुधारने के लिए भी अपनाया जाता है। वहीं, धार्मिक कारणों से भी कई लोग दिन के एक हिस्से में उपवास रखते हैं। हालांकि, अगर किसी व्यक्ति को डायबिटीज है और वह इंसुलिन या ब्लड शुगर कम करने वाली कुछ दवाएं ले रहा है, तो फास्टिंग के दौरान ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में फास्टिंग शुरू करने से पहले और दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, आइए जानते हैं।

डायबिटीज में फास्टिंग के दौरान क्या बदलाव हो सकते हैं?

फास्टिंग के दौरान शरीर को भोजन से मिलने वाला ग्लूकोज कम मिलता है। ऐसे में शरीर ऊर्जा के लिए पहले अपने जमा कार्बोहाइड्रेट का इस्तेमाल करता है और उसके बाद फैट का इस्तेमाल करना शुरू कर सकता है। लेकिन डायबिटीज वाले लोगों में यह प्रक्रिया अधिक सावधानी की मांग करती है। खासकर इंसुलिन या कुछ ऐसी दवाएं लेने वाले लोगों में ब्लड शुगर बहुत कम हो सकता है। दूसरी ओर, फास्टिंग के बाद एक साथ ज्यादा खाना, खासकर अधिक कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन, ब्लड शुगर को काफी बढ़ा सकता है।

फास्टिंग में लो ब्लड शुगर क्यों हो सकता है?

अगर कोई व्यक्ति इंसुलिन या कुछ दवाएं ले रहा है, तो फास्टिंग के दौरान ब्लड शुगर बहुत कम होने का खतरा हो सकता है। ब्लड ग्लूकोज 4 mmol/L से कम होने पर इसे लो ब्लड शुगर यानी हाइपोग्लाइसीमिया माना जाता है। My Health London के अनुसार, ऐसी स्थिति में फास्ट तुरंत रोककर लो ब्लड शुगर का उपचार करना चाहिए।

ज्यादा ब्लड शुगर भी बन सकता है समस्या

फास्टिंग के दौरान केवल लो ब्लड शुगर का खतरा नहीं होता। फास्ट के दौरान या फास्ट खोलने के बाद बहुत ज्यादा खाना, विशेष रूप से अधिक मात्रा में कार्बोहाइड्रेट या मीठा भोजन लेना, ब्लड ग्लूकोज को तेजी से बढ़ा सकता है। अगर ब्लड शुगर लगातार सामान्य लक्ष्य से काफी ऊपर रहता है, तो डिहाइड्रेशन का खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

किडनी पर भी पड़ सकता है असर

शरीर में पानी की गंभीर कमी होने पर किडनी पर भी असर पड़ सकता है। यह जोखिम उन लोगों में अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है, जिनकी किडनी पहले से कमजोर है या जो कुछ खास दवाएं लेते हैं।

फास्टिंग के दौरान ब्लड शुगर चेक करना जरूरी है?

डायबिटीज वाले लोगों के लिए फास्टिंग के दौरान नियमित रूप से ब्लड ग्लूकोज की जांच करना महत्वपूर्ण हो सकता है। खासकर अगर व्यक्ति का ब्लड शुगर अक्सर बहुत कम या बहुत ज्यादा होता है, तो मॉनिटरिंग और भी जरूरी हो जाती है।

इंसुलिन लेने वाले लोग क्या सावधानी रखें?

अगर कोई व्यक्ति इंसुलिन लेता है, तो डॉक्टर की सलाह के बिना इंसुलिन बंद नहीं करना चाहिए। फास्टिंग के दौरान इंसुलिन की मात्रा या इंजेक्शन के समय में बदलाव की जरूरत पड़ सकती है, लेकिन यह बदलाव डॉक्टर या डायबिटीज हेल्थ टीम की सलाह से ही किया जाना चाहिए।

फास्ट खोलते समय कैसी डाइट लें?

फास्ट के बाद बहुत ज्यादा खाना या एक साथ अधिक मीठा और स्टार्च वाला भोजन करना ब्लड शुगर बढ़ा सकता है। इसलिए फास्टिंग के दौरान भी संतुलित भोजन पर ध्यान देना जरूरी है।

फास्टिंग के दौरान किन चीजों से बचें?

My Health London के अनुसार, फास्टिंग के बाद बहुत ज्यादा मीठा या स्टार्च वाला भोजन और कम शारीरिक गतिविधि वजन बढ़ने और ब्लड शुगर बढ़ने का कारण बन सकते हैं।

किन लोगों को फास्टिंग से पहले डॉक्टर से बात करनी चाहिए?

अगर आपको डायबिटीज है और आप फास्टिंग की योजना बना रहे हैं, तो खास तौर पर डॉक्टर या डायबिटीज हेल्थ टीम से पहले सलाह लें, अगर-

  • आप इंसुलिन लेते हैं।
  • आप सल्फोनिलयूरिया जैसी ब्लड शुगर कम करने वाली दवा लेते हैं।
  • आपको पहले लो या हाई ब्लड शुगर की समस्या हो चुकी है।
  • आपकी किडनी की कार्यक्षमता कम है।
  • आपको डायबिटीज से जुड़ी जटिलताएं हैं।
  • आपकी उम्र अधिक है।
  • पहले हार्ट अटैक या स्ट्रोक जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या हो चुकी है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।