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तनाव या घबराहट में बार-बार पेशाब क्यों आती है? रिसर्च और डॉक्टर क्या वजह बताते हैं, जानिए

Stress Me Bar Bar Peshab Kyon Lagta Hai: कभी किसी जरूरी काम से पहले या तनाव और घबराहट के दौरान अचानक पेशाब क्यों लगने लगती है? आइए जानते हैं नेचर रिव्यूज न्यूरोसाइंस और पबमेड के अनुसार इसके पीछे की वजह।
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Stress And Frequent Urination, Anxiety And Frequent Urination

Stress And Anxiety में पेशाब क्यों आती है?/ image credit freepik

Stress Causing Frequent Urination: कुछ लोगों को जैसे ही कोई जरूरी काम सामने आता है या फिर इंटरव्यू, परीक्षा या किसी बात को लेकर घबराहट होती है, तो अचानक पेशाब जाने की इच्छा होने लगती है। कुछ लोगों को तो जाकर आने के बाद भी पेशाब लगने लगती है। आखिर तनाव का पेशाब से क्या संबंध है और ऐसा क्यों होता है?

तनाव में शरीर होता है ज्यादा संवेदनशील

तनाव या घबराहट होने पर दिमाग और तंत्रिका तंत्र की गतिविधियों में बदलाव होता है। पबमेड (PubMed) में प्रकाशित शोध के अनुसार, मानसिक तनाव और मूत्राशय से जुड़े लक्षणों के बीच संबंध पाया गया है। कुछ लोगों में तनाव के दौरान बार-बार पेशाब लगने या अचानक तेज पेशाब आने की इच्छा जैसे लक्षण बढ़ सकते हैं।

पेशाब भरने पर दिमाग को कैसे पता चलता है?

मूत्राशय एक लचीली थैली की तरह होता है। जैसे-जैसे इसमें पेशाब भरता है, उसकी दीवार में खिंचाव बढ़ता है। वहां मौजूद तंत्रिकाएं इस बदलाव को महसूस करती हैं और इसकी जानकारी रीढ़ की हड्डी के रास्ते दिमाग तक पहुंचाती हैं। नेचर रिव्यूज न्यूरोसाइंस (Nature Reviews Neuroscience) के मुताबिक, पेशाब को नियंत्रित करने में दिमाग, रीढ़ की हड्डी और शरीर की कई तंत्रिकाएं मिलकर काम करती हैं। इसी व्यवस्था की वजह से पेशाब लगने का एहसास होता है। दिमाग यह भी तय करने में मदद करता है कि पेशाब कब करना है और कब उसे कुछ समय के लिए रोका जा सकता है।

फिर तनाव में बार-बार पेशाब क्यों लगती है?

तनाव के दौरान दिमाग और शरीर की गतिविधियों में बदलाव होता है। ऐसे में कुछ लोगों में मूत्राशय से जुड़े संकेतों का अनुभव भी बदल सकता है। इससे पेशाब की इच्छा सामान्य से ज्यादा तेज या बार-बार महसूस हो सकती है। नेचर रिव्यूज यूरोलॉजी (Nature Reviews Urology) के अनुसार, दिमाग और मूत्राशय के बीच संबंध तथा तनाव से जुड़े संकेतों पर चर्चा करती है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर बार तनाव होने पर मूत्राशय में अचानक ज्यादा पेशाब बनने लगता है। कई बार तनाव की स्थिति में पेशाब करने की इच्छा ज्यादा तेज महसूस हो सकती है।

डॉ. संदीप बाफना (Dr Sandeep Bafna) के अनुसार, मूत्राशय और दिमाग के बीच मजबूत संबंध होता है। जब शरीर तनाव या घबराहट में होता है, तो शरीर में कुछ हार्मोन निकलते हैं। ये हार्मोन मूत्राशय को प्रभावित कर सकते हैं और पेशाब करने की इच्छा को ज्यादा तेज कर सकते हैं।

क्या यह सिर्फ तनाव की वजह से होता है?

कभी-कभार तनाव या घबराहट के दौरान पेशाब लगना तनाव से जुड़ी प्रतिक्रिया हो सकती है। लेकिन अगर यह समस्या बार-बार हो रही है, तो इसकी दूसरी वजहें भी हो सकती हैं। पेशाब की नली में संक्रमण, मूत्राशय से जुड़ी समस्या, मधुमेह या ज्यादा मात्रा में चाय-कॉफी पीना भी बार-बार पेशाब आने की वजह बन सकता है। इसलिए अगर आपको बिना तनाव के भी लगातार बार-बार पेशाब लगती है, रात में कई बार पेशाब के लिए उठना पड़ता है, पेशाब करते समय दर्द या जलन होती है या पेशाब रोकना मुश्किल होता है, तो डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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