स्वास्थ्य

Gluten Intolerance Symptoms: रोटी खाते ही फूलने लगता है पेट? कहीं आप भी तो नहीं कर रहे इस गंभीर बीमारी को नजरअंदाज

Gluten Intolerance Symptoms: क्या पेट में गैस, सूजन और कब्ज ग्लूटेन इंटॉलरेंस की वजह है? जानिए डॉक्टर से इसके लक्षण, कारण और सही इलाज।
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Apr 10, 2026
Gluten Intolerance Symptoms
Gluten Intolerance Symptoms (Photo- gemini ai)

Gluten Intolerance Symptoms: आजकल बहुत से लोग पेट में सूजन (ब्लोटिंग), गैस, दर्द या बार-बार कब्ज और दस्त जैसी समस्याओं से परेशान रहते हैं। अक्सर लोग खुद ही समझ लेते हैं कि उन्हें ग्लूटेन से एलर्जी है और बिना डॉक्टर से पूछे डाइट बदल लेते हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ऐसा करना सही नहीं है।

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. साईप्रसाद लाड बताते हैं कि कई बार ये लक्षण Non-Celiac Gluten Sensitivity (NCGS) की वजह से हो सकते हैं, जिसे लोग आम भाषा में ग्लूटेन इंटॉलरेंस कहते हैं।

ग्लूटेन क्या है और समस्या क्यों होती है?

ग्लूटेन एक प्रोटीन है जो गेहूं, जौ और राई में पाया जाता है। डॉक्टर लाड के अनुसार, कुछ लोगों को ग्लूटेन खाने के बाद पेट में दर्द, सूजन और पाचन की दिक्कतें होने लगती हैं।

ग्लूटेन इंटॉलरेंस और सीलिएक डिजीज में फर्क

गैस्ट्रो स्पेशलिस्ट विक्रम उत्तम पाटिल बताते हैं कि ग्लूटेन इंटॉलरेंस और Celiac disease अलग-अलग चीजें हैं। Celiac disease में शरीर का इम्यून सिस्टम आंतों को नुकसान पहुंचाता है। Gluten intolerance (NCGS) में आंतों को स्थायी नुकसान नहीं होता, लेकिन परेशानी जरूर होती है। इसके अलावा एक तीसरी स्थिति wheat allergy भी होती है, जिसमें तुरंत एलर्जी जैसे लक्षण दिख सकते हैं।

पेट के अंदर क्या होता है?

डॉक्टर पाटिल के अनुसार, ग्लूटेन इंटॉलरेंस में आंतों में हल्की सूजन हो सकती है, जिससे गैस और पेट फूलना, खाना ठीक से न पचना, बार-बार कब्ज या दस्त, खाने के बाद भारीपन हो सकता है। कई लोगों को ऐसा लगता है कि खाना पूरा पचा ही नहीं।

कौन-कौन से लक्षण दिखते हैं?

  • पेट में सूजन और दर्द
  • ज्यादा गैस बनना
  • दस्त या कब्ज
  • मतली और थकान
  • खाना खाने के बाद भारीपन

खुद से इलाज करना क्यों गलत है?

डॉक्टर साफ कहते हैं कि बिना जांच के ग्लूटेन फ्री डाइट शुरू करना सही नहीं है। डॉक्टर पाटिल के मुताबिक, अगर आप पहले ही ग्लूटेन छोड़ देते हैं, तो सही टेस्ट करना मुश्किल हो जाता है। डॉक्टरबताते हैं कि पहले ब्लड टेस्ट और जरूरत पड़े तो एंडोस्कोपी से सीलिएक डिजीज और एलर्जी को बाहर किया जाता है। उसके बाद डॉक्टर की निगरानी में डाइट प्लान बनाया जाता है।

क्या करना चाहिए?

  • खुद से डाइट न बदलें
  • डॉक्टर से जांच कराएं
  • डाइटिशियन की सलाह लें
  • खाने और लक्षणों का रिकॉर्ड रखें

आखिर में जरूरी बात

अगर आपको लंबे समय से पेट की दिक्कतें हो रही हैं, तो इसे हल्के में न लें। डॉक्टर के अनुसार, सही समय पर जांच और इलाज से आप अपनी गट हेल्थ को बेहतर बना सकते हैं।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
10 Apr 2026 01:54 pm
Published on:
10 Apr 2026 12:52 pm