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Processed Meat Cancer Risk: क्या रोज प्रोसेस्ड मीट खाने से होता है कोलोन कैंसर? एक्सपर्ट ने किया खुलासा

Processed Meat Cancer Risk: क्या सॉसेज, बेकन और सलामी खाने से कैंसर का खतरा बढ़ता है? जानिए प्रोसेस्ड मीट और कैंसर के बीच का असली कनेक्शन।

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भारत

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Dimple Yadav

Apr 10, 2026

Processed Meat Cancer Risk

Processed Meat Cancer Risk (Photo- gemini ai)

Processed Meat Cancer Risk: सॉसेज, स्मोक्ड बेकन, सलामी या मीटबॉल ये सब ऐसी चीजें हैं जिन्हें हम अक्सर बड़े चाव से खाते हैं। लेकिन ये सभी प्रोसेस्ड मीट की कैटेगरी में आते हैं, यानी ऐसे मांस जिन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए नमक, केमिकल या स्मोकिंग का इस्तेमाल किया जाता है। अब सवाल ये है कि क्या इन्हें रोज खाने से कैंसर होना तय है? इस पर यूके के सर्जन Dr Karan Rajan ने आसान भाषा में समझाया है।

प्रोसेस्ड मीट और कैंसर का सच

डॉक्टर बताते हैं कि प्रोसेस्ड मीट को Group 1 carcinogen में रखा गया है। इसका मतलब यह है कि इसके और कैंसर के बीच मजबूत वैज्ञानिक सबूत हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इसे खाने से आपको जरूर कैंसर हो जाएगा।

आंकड़ों को आसान तरीके से समझें

Dr Karan Rajan के मुताबिक, अगर आप रोज करीब 50 ग्राम प्रोसेस्ड मीट (जैसे 2 स्लाइस बेकन) खाते हैं, तो बाउल (कोलन) कैंसर का खतरा 18% बढ़ता है। सुनने में यह बड़ा लगता है, लेकिन यह relative risk है। असल में अगर 100 लोगों में से 6 को जिंदगी में कभी बाउल कैंसर होता है, तो रोज प्रोसेस्ड मीट खाने पर यह संख्या 7 हो सकती है। यानी कुल मिलाकर सिर्फ 1% का फर्क पड़ता है।

सिगरेट से तुलना करें तो…

डॉक्टर बताते हैं कि इस खतरे की तुलना अगर सिगरेट से करें, तो फर्क बहुत बड़ा है। स्मोकिंग से लंग कैंसर का खतरा करीब 2000% तक बढ़ जाता है। यानी प्रोसेस्ड मीट का जोखिम उससे काफी कम है।

फिर भी नुकसान क्यों है?

कम खतरा होने का मतलब यह नहीं कि प्रोसेस्ड मीट सुरक्षित है। इसमें नमक और सैचुरेटेड फैट ज्यादा होता है, जो ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है। दिल की बीमारी का खतरा बढ़ाता है। पेट के अच्छे बैक्टीरिया (gut microbiome) को खराब करता है और ये सभी चीजें मिलकर कई बीमारियों का रिस्क बढ़ा सकती हैं।

क्या इसे पूरी तरह छोड़ देना चाहिए?

Dr Karan Rajan का कहना है कि इसे पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है, लेकिन कम करना सबसे बेहतर विकल्प है। क्योंकि इससे कोई खास फायदा नहीं मिलता, लेकिन नुकसान जरूर हो सकता है। बहुत से लोग Group 1 carcinogen सुनकर डर जाते हैं और सोचते हैं कि यह सिगरेट या शराब जितना खतरनाक है। लेकिन ऐसा नहीं है। यह कैटेगरी सिर्फ यह बताती है कि कैंसर से इसका संबंध साबित है, न कि यह कितना खतरनाक है।