
पेट की समस्या से परेशान लड़के की प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo- Freepik)
Stomach Ulcer Symptoms: गर्मियों के मौसम में लोग अक्सर डिहाइड्रेशन, एसिडिटी और पाचन संबंधी समस्याओं का सामना करते हैं। लेकिन अगर इसके साथ लगातार तनाव और देर रात खाना खाने की आदत भी जुड़ जाए, तो यह पेट के लिए और ज्यादा नुकसानदायक साबित हो सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ये दोनों आदतें मिलकर पेप्टिक अल्सर (Peptic Ulcer) का खतरा बढ़ा सकती हैं।
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट्स (पेट, आंत और लिवर रोग विशेषज्ञ) डॉक्टर लोकेश जैन बताते हैं कि हमारे दिमाग और पाचन तंत्र के बीच सीधा संबंध होता है, जिसे गट-ब्रेन एक्सिस कहा जाता है। जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक तनाव में रहता है, तो शरीर में कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन बढ़ जाते हैं।
प्रतिष्ठित चिकित्सा जर्नल द लैंसेट गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एंड हेपेटोलॉजी (The Lancet Gastroenterology & Hepatology) और हालिया रिसर्च के अनुसार, लगातार तनाव पेट की अंदरूनी सुरक्षा परत को कमजोर कर सकता है। इससे पेट में बनने वाला एसिड सीधे उसकी दीवारों पर असर डालने लगता है, जिससे जलन, सूजन और आगे चलकर अल्सर जैसी समस्या हो सकती है।
गर्मियों में लोग अक्सर देर तक जागते हैं और रात 10 बजे या उसके बाद में खाना खाते हैं। खाना खाने के तुरंत बाद सो जाना पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव डालता है। देर रात खाना खाने के बाद सोने से एसिड रिफ्लक्स की समस्या बढ़ सकती है। इस स्थिति में पेट का एसिड वापस भोजन नली की तरफ आने लगता है, जिससे सीने में जलन, खट्टी डकार और पेट में परेशानी हो सकती है।
डॉक्टर लोकेश जैन के अनुसार, गर्मियों में शरीर में पानी की कमी होने पर पेट के एसिड को संतुलित रखने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। पर्याप्त पानी न पीने से एसिड ज्यादा प्रभावशाली हो जाता है और पेट की परत को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा, ऐसी परिस्थितियों में हेलिकोबैक्टर पायलोरी (H. pylori) नामक बैक्टीरिया के पनपने की संभावना भी बढ़ जाती है, जो पेप्टिक अल्सर का एक प्रमुख कारण माना जाता है।
अगर आपको बार-बार इनमें से कोई समस्या महसूस हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है:
कुछ आसान आदतें अपनाकर इस जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
अगर पेट में दर्द, जलन, एसिडिटी या पाचन संबंधी समस्याएं लगातार बनी रहती हैं, तो इसे सिर्फ गर्मी का असर समझकर नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और इलाज से अल्सर जैसी गंभीर समस्या से बचा जा सकता है। डॉक्टर का कहना है कि सही खानपान, पर्याप्त पानी और तनाव पर नियंत्रण रखकर पेट को स्वस्थ रखा जा सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
30 May 2026 02:50 pm
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