
Kyphosis Hindi: आजकल हम में से ज्यादातर लोग दिन का बड़ा हिस्सा लैपटॉप के सामने बैठकर, मोबाइल में झुककर या कुर्सी पर ढीले-ढाले बैठकर बिताते हैं। ऐसे में जब किसी की पीठ थोड़ी झुकी हुई दिखती है, तो हम तुरंत कह देते हैं कि सीधे बैठो, तुम्हारा पोश्चर (Posture) खराब हो रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर बार पीठ का आगे झुकना या कुबड़ा निकलना सिर्फ बैठने-उठने की गलत आदत की वजह से नहीं होता? अगर आपकी ऊपरी पीठ लगातार बाहर की तरफ निकल रही है या बहुत कोशिश करने के बाद भी आप रीढ़ की हड्डी को सीधा नहीं कर पा रहे हैं, तो यह रीढ़ से जुड़ी एक बीमारी हो सकती है जिसे मेडिकल में Kyphosis (काइफोसिस) कहा जाता है। आइए जानते हैं कि यह समस्या क्या है, इसके क्या संकेत हैं और यह क्यों होती है।
मेयो क्लिनिक के अनुसार, काइफोसिस अक्सर रीढ़ की हड्डियों की कमजोरी के कारण होता है, जिससे वे दब जाती हैं या उनमें दरार पड़ जाती है। हमारी रीढ़ की हड्डी (Spine) बिल्कुल सीधी नहीं होती, उसमें कुदरती तौर पर हल्का सा घुमाव होता है जो शरीर का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। लेकिन जब ऊपरी पीठ की तरफ रीढ़ की हड्डी का यह घुमाव जरूरत से ज्यादा बढ़ जाता है और बाहर की तरफ निकलने लगता है, तो इंसान का ऊपरी शरीर आगे की ओर झुक जाता है। इसी को बोलचाल में कुबड़ापन या काइफोसिस कहा जाता है। शुरुआत में यह सिर्फ दिखने में थोड़ा अलग लगता है, लेकिन जब घुमाव ज्यादा बढ़ जाता है, तो यह पीठ में दर्द, अकड़न और कई बार सांस लेने में भी दिक्कत पैदा करने लगता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, इसके लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि रीढ़ की हड्डी कितनी ज्यादा झुकी हुई है। कुछ मुख्य बातें जिन पर ध्यान देना जरूरी है;
यह समस्या हर उम्र के इंसान को हो सकती है और इसके पीछे कई अलग-अलग वजहें हो सकती हैं;
अगर समस्या सिर्फ गलत पोश्चर की वजह से है, तो सही समय पर ध्यान देकर इसे पूरी तरह सुधारा जा सकता है। बैठते समय हमेशा अपनी पीठ सीधी रखें और कंधे पीछे ढीले छोड़ें। स्क्रीन का इस्तेमाल करते वक्त फोन या लैपटॉप को आंखों के सामने रखें ताकि गर्दन और पीठ न झुके। अपनी डाइट में कैल्शियम और विटामिन-D से भरपूर चीजें शामिल करें ताकि हड्डियां मजबूत रहें। इसके अलावा पीठ को मजबूती देने वाली कसरतें नियमित रूप से करें। अगर झुकाव हड्डियों की बीमारी की वजह से है, तो डॉक्टर फिजियोथेरेपी, ब्रेस (बैक सपोर्ट) या सही इलाज की सलाह देते हैं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।