
त्वचा का रंग बदलना हो सकता है iron Overload का संकेत- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Magnific)
Hemochromatosis Symptoms: हम में से ज्यादातर लोग यही सोचते हैं कि शरीर में आयरन हमेशा फायदेमंद होता है। जब भी कमजोरी या चक्कर आते हैं, तो पहला ख्याल यही आता है कि कहीं खून या आयरन की कमी तो नहीं हो गई। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर यही आयरन हमारे शरीर में जरूरत से ज्यादा भर जाए, तो क्या होगा? जी हां, जिस तरह शरीर में किसी चीज की कमी नुकसानदेह होती है, ठीक वैसे ही जरूरत से ज्यादा आयरन भी एक बड़ी मुसीबत बन सकता है। जब हमारे शरीर के अंदर जरूरत से ज्यादा आयरन इकट्ठा होने लगता है, तो डॉक्टरी भाषा में इस स्थिति को 'Iron Overload' (आयरन ओवरलोड) या Hemochromatosis (हीमोक्रोमैटोसिस) कहा जाता है। आइए समझते हैं कि यह बीमारी आखिर क्या है, इसके क्या लक्षण हैं और यह क्यों होती है।
मेयो क्लिनिक के अनुसार, हीमोक्रोमैटोसिस एक प्रकार का आयरन ओवरलोड रोग है जो जीन में होने वाले बदलाव के कारण होता है और यह परिवारों में पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरित होता है। आम दिनों में हमारी आंतें खाने से उतना ही आयरन सोखती हैं जितने की शरीर को जरूरत होती है। लेकिन Hemochromatosis बीमारी होने पर हमारा शरीर खाने से बहुत ज्यादा मात्रा में आयरन सोखना शुरू कर देता है। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि हमारे शरीर के पास इस फालतू आयरन को बाहर निकालने का कोई कुदरती तरीका या रास्ता नहीं होता। नतीजा यह होता है कि यह अतिरिक्त आयरन धीरे-धीरे हमारे लिवर, दिल, अग्न्याशय (Pancreas) और जोड़ों में जाकर जमा होने लगता है। वक्त रहते इसे न रोका जाए तो यह अंगों को नुकसान पहुंचाने लगता है।
आयरन डिसऑर्डर इंस्टिट्यूट के अनुसार, इसके शुरुआती लक्षण इतने आम होते हैं कि कोई भी धोखा खा जाए। लोग सोच ही नहीं पाते कि ये लक्षण शरीर में लोहे यानी आयरन की अधिकता से हो रहे हैं;
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, आयरन ओवरलोड (Hemochromatosis) के दो मुख्य कारण हैं;
1.आनुवंशिक कारण (Hereditary Hemochromatosis)- यह इस बीमारी का सबसे बड़ा और मुख्य कारण है। यह गड़बड़ी माता-पिता से बच्चों में जींस (Genes) के ज़रिए आती है। अगर परिवार में पहले किसी को यह समस्या रही है, तो बच्चों के शरीर में जन्म से ही खाने में से ज्यादा आयरन सोखने की प्रवृत्ति आ जाती है।
2. बाहरी कारणों से आयरन बढ़ना (Secondary Iron Overload)- यह किसी अन्य बीमारी या आदत की वजह से जीवन में बाद में हो सकता है। जैसे जिन लोगों को बार-बार खून चढ़ाने (Blood Transfusion) की ज़रूरत पड़ती है, या जो लोग बिना डॉक्टर की सलाह के सालों-साल आयरन की गोलियां और टॉनिक खाते रहते हैं। इसके अलावा लिवर से जुड़ी पुरानी बीमारियों में भी आयरन बढ़ने की आशंका रहती है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
24 Aug 2026 11:54 am
Published on:
24 Aug 2026 11:54 am
