स्वास्थ्य

सीजन के प्रभाव से बदलती है मानसिक दशा, जानें इसके बारे में

अत्यधिक नमी या आद्र्रता होने पर एकाग्रता कम होती है और आलस बढऩे लगता है। तापमान बढऩे पर चिंता बढ़ती है। वहीं, चटख और सुहानी धूप इंसान को आशावादी बनाती है।

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Aug 03, 2020
Mental condition changes with the effect of season

कभी-कभी आप बिना बात के ही बेहद निराशा महसूस करते हैं या कभी बिना किसी वजह के ही बहुत खुश नजर आते हैं। आपने सोचा है, ऐसा क्यों होता है? इसे 'सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर' कहते हैं यानी मौसम बदलेगा तो मूड भी बदलेगा। विशेषज्ञों के अनुसार एक मौसम के आदी हो चुके शरीर को दूसरे वातावरण के अनुकूल होने में समय लगता है और मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है। अत्यधिक नमी या आद्र्रता होने पर एकाग्रता कम होती है और आलस बढऩे लगता है। तापमान बढऩे पर चिंता बढ़ती है। वहीं, चटख और सुहानी धूप इंसान को आशावादी बनाती है।

विशेषज्ञ की राय -
मनोचिकित्सक के अनुसार 'सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर' के कारण इंसान के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है। सर्दी या बरसात जैसे 'डल सीजन' व्यक्ति को ज्यादा प्रभावित करते हैं। ऐसे में अच्छा साहित्य पढ़ें या संगीत सुनें या परिवार के सदस्यों के साथ क्वालिटी टाइम बिताएं और हमेशा खुश रहने की कोशिश करें।

Published on:
03 Aug 2020 09:45 pm
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