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पसीना आया और थम गई सांस! हंता वायरस ने अचानक बिगाड़ी शख्स की हालत, पहुंचा लाइफ सपोर्ट पर

Hantavirus Survivor: कनाडा के लॉर्न वारबर्टन और जर्मनी के क्रिश्चियन एगे उन खुशकिस्मत लोगों में से हैं जो जानलेवा हंता वायरस (Hantavirus) को हराकर ठीक हुए हैं। हाल ही में जहां क्रूज शिप पर इस वायरस ने कोहराम मचाया है, वहीं इन्होंने बताया है कि कैसे चूहों की गंदगी से फैला यह वायरस शरीर को अंदर से छलनी कर देता है।

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भारत

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Nidhi Yadav

May 08, 2026

Hantavirus Recovery, Hantavirus survivors

Hantavirus Recovery (Image- AI)

Hantavirus Survivor: हंता वायरस, एक ऐसा नाम जिसे तीन साल पहले तक कनाडा के रहने वाले लॉर्न वारबर्टन ने कभी सुना तक नहीं था। लेकिन जब यह वायरस उनके शरीर में पहुंचा, तो उन्हें वेंटिलेटर (लाइफ सपोर्ट) पर जाना पड़ा। लॉर्न इस बीमारी के अनुभव को धरती पर नर्क जैसा बताते हैं। आज जब अर्जेंटीना से चले क्रूज शिप MV Hondius पर इस वायरस ने 3 लोगों की जान ले ली है, तब लॉर्न और क्रिश्चियन जैसे सर्वाइवर्स अपनी कहानी दुनिया को बता रहे हैं ताकि लोग जागरूक हो सकें।

लॉर्न की कहानी (पसीने से तरबतर था और सांस नहीं आ रही थी)

BBC की एक रिपोर्ट के अनुसार, लॉर्न बताते हैं कि मार्च 2023 में उन्हें हल्के लक्षण दिखे, जो बिल्कुल कोविड जैसे थे, शरीर में दर्द, सिरदर्द और थकान। लेकिन देखते ही देखते हालत इतनी बिगड़ गई कि वे पसीने से भीग गए और फेफड़ों ने काम करना बंद कर दिया। उन्हें तुरंत लाइफ सपोर्ट मशीन पर रखा गया। लॉर्न का मानना है कि घर की अटारी (Attic) साफ करते समय चूहों की बीट (मल) के संपर्क में आने से उन्हें यह संक्रमण हुआ था।

क्रिश्चियन का अनुभव (किडनी फेल हो गई और गर्दन में कैथेटर लगा)

जर्मनी के क्रिश्चियन एगे को 2019 में यह वायरस उनके बगीचे में मिले एक मरे हुए चूहे की वजह से हुआ था। उन्हें लगा कि मामूली पेट का फ्लू है, लेकिन कुछ ही दिनों में उनकी किडनी फेल हो गई और वे सेप्सिस के शिकार हो गए। क्रिश्चियन बताते हैं कि डायलिसिस शुरू करने के लिए उनकी गर्दन में कैथेटर लगाया गया और वे कई दिनों तक आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच झूलते रहे।

रिकवरी में कितना समय लगा? (Recovery Period)

हंता वायरस के लिए अभी तक कोई टीका (Vaccine) या पक्की दवा (Antiviral) मौजूद नहीं है। अस्पताल में केवल लक्षणों के आधार पर मरीज को सहारा दिया जाता है। लॉर्न को पूरी तरह ठीक होने में डेढ़ साल लग गए। आज भी वह दिल की बीमारी (एट्रियल फाइब्रिलेशन) से जूझ रहे हैं और उन्हें रोज दवा खानी पड़ती है। क्रिश्चियन को भी डायलिसिस की लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा था।

क्रूज शिप पर अब क्या हैं हालात?

एमवी होंडियस क्रूज शिप पर अब तक 3 यात्रियों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक ब्रिटिश नागरिक भी शामिल है। यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी ने पुष्टि की है कि दो और ब्रिटिश नागरिक अभी सेल्फ-आइसोलेशन में हैं। जहाज अब स्पेन के कैनरी द्वीप की ओर बढ़ रहा है, जहां मरीजों की निगरानी की जा रही है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।