
Hantavirus WHO Alert: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अटलांटिक महासागर में चल रहे एमवी होंडियस क्रूज शिप पर फैले हंतावायरस संक्रमण को लेकर कहा है कि आगे और मामले सामने आ सकते हैं, लेकिन इसके कोविड जैसी वैश्विक महामारी बनने की आशंका नहीं है।
डब्लूएचओ के अनुसार, अब तक क्रूज शिप से जुड़े पांच पुष्ट संक्रमण सामने आए हैं, जबकि तीन लोगों- एक डच दंपती और एक जर्मन नागरिक की मौत हो चुकी है। पहला मामला 70 वर्षीय डच यात्री का था, जिसे जहाज पर तेज बुखार, सिरदर्द, पेट दर्द और दस्त की शिकायत हुई थी। उसकी 11 अप्रैल को जहाज पर ही मौत हो गई थी।
डब्लूएचओ की महामारी तैयारी निदेशक मारिया वान केरखोव ने कहा, 'यह कोविड नहीं है और न ही किसी नई महामारी की शुरुआत।' संगठन ने पांच देशों की प्रयोगशालाओं में 2,500 हंतावायरस डायग्नोस्टिक किट भेजी हैं और अंतरराष्ट्रीय संपर्क ट्रेसिंग शुरू कर दी है।
इसके अलावा डब्लूएचओ ने उन 12 देशों को सूचित भी किया है जिनके नागरिक सेंट हेलेना में उतरे थे। ये ब्रिटेन, कनाडा, डेनमार्क, जर्मनी, नीदरलैंड्स, न्यूजीलैंड, सेंट किट्स और नेविस, सिंगापुर, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, तुर्किये और संयुक्त राज्य अमरीका से हैं।
क्रूज संचालक ओशनवाइड एक्सपीडिशंस के अनुसार, 23 देशों के 146 यात्री अब भी जहाज पर सख्त एहतियाती उपायों के बीच मौजूद हैं। जहाज रविवार को स्पेन के कैनरी द्वीप समूह के टेनेरिफ पहुंचने वाला है, जहां से यात्रियों को उनके देशों भेजा जाएगा। डब्लूएचओ का मानना है कि डच दंपती संभवतः अर्जेंटीना में बर्ड वॉचिंग यात्रा के दौरान संक्रमित हुए थे। एंडीज स्ट्रेन का यह दुर्लभ हंतावायरस चूहों से फैलता है, लेकिन कुछ मामलों में इंसानों के बीच नजदीकी संपर्क से भी संक्रमण संभव है।
स्वास्थ्य एजेंसियों के अनुसार, संक्रमित यात्री अर्जेंटीना, चिली और उरुग्वे की यात्रा पर थे और उन स्थानों पर गए थे जहां वायरस फैलाने वाले चूहों की प्रजाति मौजूद थी। हंतावायरस का इन्क्यूबेशन पीरियड एक से छह सप्ताह तक हो सकता है, इसलिए माना जा रहा है कि संक्रमण जहाज पर चढ़ने से पहले हुआ और बाद में नजदीकी संपर्क के जरिए अन्य यात्रियों तक पहुंचा.
हंतावायरस चूहों से फैलने वाला एक खतरनाक वायरस है। यह चूहों के पेशाब, मल या लार के सूखे कणों को सांस के साथ अंदर लेने से होता है।