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Nail Paint : क्या आपकी नेल पॉलिश ‘स्लो पॉइजन’ है, जानिए कैसे सुंदर दिखने वाली नेल पॉलिश में TPO का खतरनाक असर पाया जाता हैं ?

Nail Paint Harm : खूबसूरत नाखूनों की चाह कहीं आपकी सेहत पर भारी न पड़ जाए! जानिए नेल पेंट में मौजूद 'टॉक्सिक ट्रियो' और जेल पॉलिश में इस्तेमाल होने वाले खतरनाक रसायन TPO का सच। इस विशेष रिपोर्ट में पढ़ें कैसे ये तत्व आपके हार्मोनल संतुलन और स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

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भारत

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Chitra Badoliya

May 07, 2026

Nail Paint Harm : सौंदर्य प्रसाधन (Cosmetics) हमारे जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बन गए हैं। इनमें नेल पेंट या नेल पॉलिश का स्थान काफी प्रमुख है। नाखूनों को रंगना न केवल आत्म-अभिव्यक्ति का एक तरीका है, बल्कि यह फैशन और व्यक्तित्व को निखारने का भी माध्यम है। हालांकि, चमकते हुए रंगों और आकर्षक 'जेल फिनिश' के पीछे रसायनों का एक ऐसा जाल छिपा है, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय बन सकता है। हाल के वर्षों में डिजिटल मीडिया और वैज्ञानिक शोधों में TPO (Trimethyl benzoyl Diphenyl phosphine Oxide) नामक रसायन को लेकर काफी बहस छिड़ी है।

Nail Enamel Formation: नेल पेंट की संरचना

एक साधारण दिखने वाली नेल पॉलिश की बोतल में कई जटिल रासायनिक (Harmful chemicals) यौगिक होते हैं। इन्हें मुख्य रूप से चार श्रेणियों में बांटा जा सकता है:

  • फिल्म फॉर्मर्स (Film Formers): जैसे कि नाइट्रोसेल्युलोज (Nitrocellulose) , जो नाखून पर एक ठोस परत बनाता है।
  • रेजिन और प्लास्टिकइज़र (Resins & Plasticizers): जो पॉलिश को लचीला बनाते हैं ताकि वह जल्दी न टूटे।
  • सॉल्वेंट्स (Solvents): जो अन्य सामग्रियों को घोलकर रखते हैं और हवा के संपर्क में आने पर उड़ जाते हैं, जिससे पॉलिश सूख जाती है।
  • पिगमेंट्स (Pigments): जो आकर्षक रंग प्रदान करते हैं।

The "Toxic Trio" and Other Hazards : "टॉक्सिक ट्रियो" और अन्य हानिकारक रसायन

दशकों से स्वास्थ्य विशेषज्ञ नेल पेंट में मौजूद तीन सबसे खतरनाक रसायनों के बारे में चेतावनी देते रहे हैं, जिन्हें "Toxic Trio" कहा जाता है:

  • डिब्यूटिल फथलेट (Dibutyl Phthalate DBP): एक प्लास्टिकइज़र है जो नेल पेंट को चिप्स (परत के रूप में उखड़ने) से बचाता है। स्वास्थ्य से जुड़े रिसर्च लेखों के अनुसार, यह रसायन प्रजनन अंगों (Reproductive organs) को प्रभावित कर सकता है और हार्मोनल असंतुलन पैदा कर सकता है। कई देशों में बच्चों के खिलौनों और सौंदर्य प्रसाधनों में इसके उपयोग पर कड़े प्रतिबंध हैं।
  • टोलुइन (Toluene) : यह एक सॉल्वेंट है जो नेल पॉलिश को एक स्मूथ टेक्सचर ( Smooth texture) देता है। टोलुइन की गंध बहुत तेज होती है। इसे सांस के जरिए अंदर लेने से चक्कर आना, सिरदर्द और आंखों में जलन हो सकती है। लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Central Nervous System) पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
  • फॉर्मल्डिहाइड (Formaldehyde): इसका उपयोग नाखूनों को सख्त बनाने (Hardening) के लिए किया जाता है। यह एक ज्ञात कैंसरकारी तत्व है। इसके संपर्क में आने से त्वचा में एलर्जी, खुजली और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

TPO क्या है?

TPO एक 'फोटो-इनिशिएटर' (Photo-initiator) है। जेल नेल पॉलिश हवा में रखने से नहीं सूखती, उसे सुखाने के लिए UV या LED लैंप की आवश्यकता होती है। जब UV किरणें जेल पर पड़ती हैं, तो TPO उन किरणों को सोख लेता है और एक रासायनिक प्रतिक्रिया शुरू करता है जिससे तरल जेल एक कठोर प्लास्टिक जैसी परत में बदल जाता है।

TPO की भूमिका : आजकल जेल मैनीक्योर (Gel Manicure) का चलन बहुत बढ़ गया है क्योंकि यह साधारण पॉलिश की तुलना में हफ़्तों तक टिका रहता है। इसी 'जेल तकनीक' में TPO की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।

TPO से जुड़ा विवाद और डिजिटल रिपोर्टिंग

हाल ही में कई डिजिटल हेल्थ पोर्टल्स और यूरोपीय रसायन एजेंसी (ECHA) ने TPO के बारे में चिंताजनक तथ्य साझा किए हैं:

  • प्रजनन विषाक्तता (Reproductive Toxicity): शोधों से संकेत मिले हैं कि TPO प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकता है। यूरोपीय संघ (EU) ने इसे 'Category 1B Reproductive Toxicant' के रूप में वर्गीकृत किया है, जिसका अर्थ है कि यह मनुष्यों में प्रजनन क्षमता या अजन्मे भ्रूण को नुकसान पहुचाने के लिए संदिग्ध है।
  • त्वचा में संवेदनशीलता: TPO एक शक्तिशाली एलर्जेन हो सकता है। यह नाखूनों के आसपास की त्वचा में लालिमा, सूजन और जलन पैदा कर सकता है, जिसे 'कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस' (Contact Dermatitis) कहा जाता है।
  • प्रतिबंध की मांग: इन खतरों के कारण, कई अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य निकाय सौंदर्य प्रसाधनों में TPO के उपयोग को सीमित या प्रतिबंधित करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

नाखून रसायनों को कैसे सोखते हैं?

एक आम धारणा है कि नाखून मृत कोशिकाओं से बने होते हैं, इसलिए उन पर कुछ भी लगाने से शरीर को फर्क नहीं पड़ता, लेकिन यह गलत है। नाखून वास्तव में छिद्रपूर्ण (Porous) होते हैं। शोध बताते हैं कि नेल पॉलिश में मौजूद रसायन नाखून की परतों के माध्यम से रिसकर नीचे की रक्त वाहिकाओं (Blood vessels) तक पहुंच सकते हैं। उदाहरण के लिए, ट्राइफेनिल फॉस्फेट (TPHP) नामक रसायन, जो नेल पेंट में उपयोग होता है, इसे लगाने के कुछ ही घंटों बाद महिलाओं के मूत्र के नमूनों (Urine samples from women) में पाया गया है।

स्वास्थ्य पर प्रभाव: एक मूक संकट

नेल पेंट के हानिकारक रसायनों के प्रभाव तुरंत दिखाई नहीं देते, लेकिन समय के साथ ये गंभीर हो सकते हैं:

  • श्वसन संबंधी समस्याएं: पार्लर में काम करने वाले कर्मचारी (Nail Technicians) जो लगातार इन रसायनों की गंध के संपर्क में रहते हैं, उनमें अस्थमा और फेफड़ों की बीमारियों का खतरा अधिक होता है।
  • हार्मोनल गड़बड़ी: फथलेट्स जैसे रसायन शरीर के प्राकृतिक हार्मोन सिस्टम की नकल करते हैं, जिससे थायराइड की समस्या या वजन बढ़ने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
  • नाखूनों का कमजोर होना: रसायनों का अत्यधिक उपयोग नाखूनों को पीला, भंगुर (Brittle) और कमजोर बना देता है।

Digital Awareness and "N-Free" लेबल

लोगों में जैसे-जैसे जागरूकता बढ़ रही है, कॉस्मेटिक कंपनियां अपने फॉर्मूले बदल रही हैं। अब बाजार में कई प्रकार के 'Safe' लेबल देखने को मिलते हैं उन्में मौजूद हैं

  • 3-Free: इसमें टॉक्सिक ट्रियो (DBP, Toluene, Formaldehyde) नहीं होता।
  • 5-Free: इसमें टॉक्सिक DBP, Toluene, Formaldehyde ,Formaldehyde Resin और Camphor भी नहीं होते।
  • 10-Free/15-Free:ये सबसे सुरक्षित माने जाते हैं क्योंकि इनमें पैराबेंस, फथलेट्स और यहां तक कि पशु-आधारित सामग्री ( animal-based ingredients) भी नहीं होती।
  • TPO-Free: विशेष रूप से जेल पॉलिश के लिए, अब कई ब्रांड TPO के बिना सुरक्षित विकल्पों का प्रचार कर रहे हैं।

सुरक्षित मैनीक्योर के लिए सुझाव

यदि आप नेल पेंट का शौक रखते हैं, तो आपको पूरी तरह इसे छोड़ने की जरूरत नहीं है, बस कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए:

  • लेबल पढ़ें: हमेशा नेल पॉलिश खरीदने से पहले उसके पीछे दी गई सामग्री की सूची जांचें। TPO, DBP और टोलुइन जैसे शब्दों से बचें।
  • वेंटिलेशन: घर पर नेल पॉलिश लगाते समय खिड़की खुली रखें ताकि रसायनों का धुआं बाहर निकल सके।
  • बेस कोट का प्रयोग: हमेशा एक अच्छी गुणवत्ता वाला बेस कोट लगाएं। यह नाखून और हानिकारक रसायनों के बीच एक सुरक्षात्मक परत का काम करता है।
  • ब्रेक लें: नाखूनों को हमेशा पेंट करके न रखें। हर कुछ हफ्तों में नाखूनों को एक सप्ताह के लिए 'प्राकृतिक' रहने दें ताकि वे सांस ले सकें।
  • बच्चों की सुरक्षा: बच्चों के नाखून बहुत पतले होते हैं, इसलिए उन्हें वयस्कों वाली नेल पॉलिश लगाने से बचें। उनके लिए विशेष रूप से बने 'वॉटर-बेस्ड' पेंट का उपयोग करें।

भविष्य की राह हरित सौंदर्य (Green Beauty)

भविष्य में सौंदर्य उद्योग 'नेचुरल' और 'ऑर्गेनिक' उत्पादों की ओर बढ़ रहा है। वैज्ञानिक अब फलों के पिगमेंट और पानी आधारित घोलों का उपयोग करके ऐसी नेल पॉलिश विकसित कर रहे हैं जो स्वास्थ्य को नुकसान न पहुंचाए। TPO जैसे रसायनों पर प्रतिबंध लगने से कंपनियों को सुरक्षित विकल्पों (जैसे अन्य फोटो-इनिशिएटर्स जो कम विषैले हों) की खोज के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। नाखूनों की चमक हमारी सेहत की चमक को कम नहीं करनी चाहिए। डिजिटल मीडिया के माध्यम से हम जान सकते कि हम अपनी त्वचा पर क्या लगा रहे हैं। TPO और अन्य हानिकारक रसायनों का मुद्दा केवल फैशन का नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य का है। एक जागरूक उपभोक्ता बनकर और 'Clean Beauty' उत्पादों को चुनकर हम न केवल अपनी खूबसूरती को बनाए रख सकते हैं, बल्कि अपने शरीर को इन अदृश्य खतरों से भी बचा सकते हैं।

डॉ.पुनीत अग्रवाल से पत्रिका की खास बातचीत

नाखूनों के आसपास अक्सर सूजन या खुजली रहती है, क्या यह जेल नेल पॉलिश में मौजूद TPO या अन्य फोटो-इनिशिएटर्स की वजह से हो सकता है?

पत्रिका से बात करते हुए उन्होनें बताया, नाखूनों के आसपास होने वाली सूजन, खुजली या लालिमा जेल नेल पॉलिश में मौजूद TPO (Trimethylbenzoyl Diphenylphosphine Oxide) या अन्य फोटो-इनिशिएटर्स के कारण होने वाली 'कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस' (Contact Dermatitis) हो सकती है। TPO एक शक्तिशाली एलर्जेन है। जब जेल पॉलिश को UV लाइट के नीचे सुखाया जाता है, और यदि वह पूरी तरह से 'क्योर्ड' (Cured) न हो या त्वचा के संपर्क में आ जाए, तो यह रियेक्शन पैदा कर सकता है। बार-बार इसके संपर्क में आने से त्वचा संवेदनशील हो जाती है, जिससे भविष्य में अन्य रसायनों से भी एलर्जी का खतरा बढ़ जाता है। यदि आपको ऐसे लक्षण दिखें, तो तुरंत जेल पॉलिश हटा दें ।

क्या नेल पेंट में मौजूद Phthalates (DBP) जैसे रसायनों का लंबे समय तक उपयोग शरीर के हार्मोनल संतुलन या थायराइड फंक्शन को प्रभावित कर सकता है?

उन्होनें बताया, नेल पेंट में मौजूद डिब्यूटिल फथलेट (DBP) जैसे रसायन सीधे तौर पर शरीर के एंडोक्राइन सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं। वैज्ञानिक शोधों के अनुसार, फथलेट्स 'हार्मोन मिमिक्स' की तरह काम करते हैं, जो प्राकृतिक हार्मोन के कार्यों में बाधा डालते हैं। ये रसायन नाखूनों के माध्यम से अवशोषित होकर रक्तप्रवाह में मिल सकते हैं, जिससे थायराइड फंक्शन में गड़बड़ी और प्रजनन संबंधी हार्मोन्स का असंतुलन हो सकते है। लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने से मेटाबॉलिज्म (Metabolisms) प्रभावित हो सकता है और शरीर की प्राकृतिक कार्यप्रणाली बिगड़ सकती है। इसीलिए रसायनों से मुक्त 'N-Free' नेल पेंट चुनना ही समझदारी हैं।

क्या गर्भावस्था के दौरान नेल पॉलिश या जेल मैनीक्योर करवाना सुरक्षित है? विशेष रूप से उन रसायनों के संदर्भ में जो 'Reproductive Toxicants' की श्रेणी में आते हैं?

उन्होनें बताया, गर्भावस्था के दौरान नेल पॉलिश या जेल मैनीक्योर ( Gel Manicure) को लेकर सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक है। कई जेल पेंट्स में TPO और DBP जैसे रसायन होते हैं, जिन्हें 'Reproductive Toxicants' (प्रजनन विष) माना जाता है। ये रसायन प्लेसेंटा के माध्यम से भ्रूण के विकास को प्रभावित कर सकते हैं या हार्मोनल असंतुलन पैदा कर सकते हैं। नेल पार्लर में रसायनों की तेज गंध (Fumes) सांस के जरिए अंदर जाना भी जोखिम भरा हो सकता है। यदि आप मैनीक्योर करवाना चाहती हैं, तो '10-Free' या वॉटर-बेस्ड पॉलिश चुनें, जो हानिकारक रसायनों से मुक्त हों, और सुनिश्चित करें कि कमरा हवादार हो।

नाखून बहुत जल्दी टूट जाते हैं या पीले पड़ गए हैं, क्या यह नेल पेंट के बहुत अधिक इस्तेमाल या उसमें मौजूद Formaldehyde के कारण है ?
उन्होनें बताया, नाखूनों का जल्दी टूटना (Brittle Nails) और पीलापन अक्सर नेल पेंट के अत्यधिक उपयोग और उसमें मौजूद फॉर्मल्डिहाइड (Formaldehyde) के कारण होता है। फॉर्मल्डिहाइड का उपयोग नेल हार्डनर के रूप में किया जाता है, लेकिन यह नाखूनों की प्राकृतिक नमी और लचीलेपन को सोख लेता है, जिससे वे रूखे और भंगुर होकर टूटने लगते हैं। साथ ही, नेल पॉलिश में मौजूद गहरे पिगमेंट्स और कठोर रसायनों के लंबे समय तक संपर्क से नाखूनों की सतह पर ऑक्सीकरण होता है, जिससे वे पीले पड़ जाते हैं। नाखूनों को स्वस्थ रखने के लिए कुछ समय का 'नेल-पॉलिश ब्रेक' लेना और फॉर्मल्डिहाइड-मुक्त उत्पादों का उपयोग करना आवश्यक है।

बाजार में मिलने वाले '5-Free' या '10-Free' नेल पेंट्स क्या वास्तव में सुरक्षित होते हैं, या ये केवल एक मार्केटिंग तरीका हैं?

उन्होनें बताया, '5-Free' या '10-Free' लेबल पूरी तरह से मार्केटिंग नहीं हैं, बल्कि यह रसायनों की पारदर्शिता का एक मानक हैं। ये लेबल दर्शाते हैं कि नेल पेंट में सबसे हानिकारक माने जाने वाले रसायनों को हटा दिया गया है। हालांकि, 'सुरक्षित' का मतलब 'रसायन-मुक्त' नहीं है। कई बार कंपनियां प्रतिबंधित रसायनों की जगह अन्य कम ज्ञात लेकिन सक्रिय रसायनों का उपयोग करती हैं, जो संवेदनशील त्वचा पर एलर्जी कर सकते हैं। फिर भी, नेल पॉलिश की तुलना में ये विकल्प निश्चित रूप से कम विषाक्त और बेहतर हैं। खरीदारी करते समय केवल लेबल पर भरोसा न करें, बल्कि सामग्री की सूची भी जरूर जांचें। अगली बार जब आप नेल पॉलिश की उस चमकदार बोतल को उठाएं, तो याद रखें सावधानी ही असली सुंदरता है।