स्वास्थ्य

Migraine: माइग्रेन से बचाव क्यों है जरूरी

Migraine: माइग्रेन का दर्द वही समझ सकता है जो इस बीमारी से गुजरा हो। कहने को तो ये एक सिरदर्द है पर इतना दर्द होता है जो सहन करने से बाहर हो जाता है। इसमें सर का एक पार्ट बहुत तेजी से दर्द करता है। आपको सही से कुछ भी दिखना बंद हो जाता है, दिल भयभीत हो जाता है। सर में बहुत दर्द होता है। माइग्रेन से कई बार लोगों को ब्रेन हेमरेज या पैरालिसिस भी हो सकता है।

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Migraine: माइग्रेन से बचाव क्यों है जरूरी

नई दिल्ली। Migraine: यदि आपको लगता है ये एक मामूली सा दर्द है तो आप बिलकुल गलत हैं। ये बीमारी बहुत ही कष्टदायक होती है। जिसका जल्द से जल्द इलाज होना बेहद जरूरी होता है। शुरुआत के दिनों में हम इसको इग्नोर कर देते हैं। इस बात पर बिल्कुल ध्यान नहीं देते हैं कि जिसको आप मामूली सा सर दर्द समझ बैठे हैं, कहीं वो माइग्रेन तो नहीं है। आप घरेलू उपचार करने लगते हो या फिर कोई सर दर्द कि दवाई लेकर खा लेते हैं। लेकिन धीरे-धीरे इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को दवाई फयदा करना कम कर देती है और बेअसर हो जाती है। उसके बाद उसे हॉस्पिटल जाना ही पड़ता है।

माइग्रेन आजकल एक कॉमन बीमारी बन गई है। जिंदगी की भाग-दौड़ और टेंशन के बीच हम शरीर पर फोकस करना भूल जाते हैं। सिर दर्द हो या कोई भी बीमारी उसको मामूली सा दर्द समझ के ध्यान नहीं देते हैं। जो कि आगे जाकर एक गंभीर बीमारी के रूप में निकल कर सामने आती है। आपको पता है कि माइग्रेन हो या सिर दर्द ये दोनों ही टेंशन से जुड़े हुए हैं। जितना तनाव लेते रहेंगे, उतनी तेजी से ये बीमारी आपको पकड़ लेगी।

इसके कुछ लक्षण हैं

जैसे अच्छे से न सोना, नींद की कमी, खाना न खाना और शरीर में पानी के कमी के कारण भी माइग्रेन जैसी गंभीर बीमारी से आप पीड़ित हो सकते हैं। इसलिए इन सभी चीजों का ध्यान रखना अति आवश्यक है।

यदि आप बहुत ज्यादा फ़ास्ट फ़ूड खातेे हैं तो भी आपको सतर्क हो जाना चाहिए। आजकल फैशन के तौर पर लोग बाहर का खाना ज्यादा पसंद करते हैं, जो शरीर के अंदर न जाने कितनी बीमारी पैदा कर देता है। मैदा खाने से बचें। यदि आपको माइग्रेन जैसी बीमारी है तो इन सभी चीजों का खास ख्याल रखें।

IMAGE CREDIT: JaiKumar Bhati

क्या आपको पता है कि कुछ फूड्स ऐसे भी हैं जो माइग्रेन कि समस्या को बढ़ा सकते हैं जैसे कि पनीर, चॉकलेट, नट्स, केले आदि। इनमें ऐसे तत्व पाएं जाते हैं जिसकी अत्यधिक मात्रा शरीर और ब्रेन के लिए अच्छी नहीं होती है।

इनसे बचने का एक ही उपाय है कि अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में थोड़ा सा वक्त खुद के शरीर के लिए भी निकालें। व्यायाम करें, बाहर जाएं, फैमिली के साथ अच्छा वक्त बिताएं। ये सब करने से आप कुछ देर सब कुछ भूल कर चिंता से मुक्त रहोगे। अपनी नींद को प्रॉपर लें। कोशिश करें कि 8 घंटे कम से कम जरूर सोएं।

इसके अलावा जब भी आपको सिर में बुरी तरह से दर्द होता है तो अपनी तरफ से दवा न लें, बल्कि न्यूरोलॉजिस्ट को जरूर दिखाएं। क्योंकि ये आपके लिए अच्छा रहेगा कि आप पहले से ही सतर्क रहें और उनके बताए हुए रास्ते में ही चलें।

Published on:
09 Aug 2021 07:37 pm
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